क्या विश्व हिंदी दिवस पर नेताओं ने हिंदी को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया?
सारांश
Key Takeaways
- हिंदी हमारी राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।
- हिंदी भाषा हमारे संस्कृतिक विरासत को दर्शाती है।
- इस दिन हम हिंदी के संवर्धन के लिए संकल्पित होते हैं।
- हिंदी ने देश की विविधताओं को एकजुट किया है।
- हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी पहचान है।
नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर शनिवार को देशभर में हिंदी भाषा को लेकर एक विशेष उत्साह देखा जा रहा है। हिंदी को राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक पहचान का प्रतीक बताते हुए कई प्रमुख नेताओं ने अपनी शुभकामनाएं साझा कीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, "सभी हिंदी प्रेमियों और प्रदेशवासियों को 'विश्व हिंदी दिवस' की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हिंदी हमारी राष्ट्रीय एकता, समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली परंपरा का दर्पण है। इस भाषा की सरलता, सहजता और अभिव्यक्ति के सामर्थ्य ने इसे वैश्विक समुदाय में विशेष सम्मान व प्रतिष्ठा प्रदान की है। आइए, हिंदी के उत्थान और प्रसार को अपना साझा दायित्व मानते हुए इसे अपनी दिनचर्या, संवाद एवं कार्य संस्कृति में अधिकाधिक स्थान देने हेतु संकल्पित हों।"
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, "समस्त प्रदेशवासियों को विश्व हिंदी दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हिंदी हमारी भावनाओं, संस्कारों और विचारों की सशक्त अभिव्यक्ति है। यह भाषा जन-जन की संवेदना, रचनात्मकता और संवाद का माध्यम बनकर समाज को जोड़ती है और हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित बनाए रखती है।"
उन्होंने आगे कहा, "आज के वैश्विक परिदृश्य में हिंदी की बढ़ती स्वीकार्यता भारत की समृद्ध सांस्कृतिक चेतना और बौद्धिक परंपरा को विश्व मंच पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करती है। हिंदी के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक उपयोग के लिए यह दिवस हम सभी को निरंतर प्रेरित करता है।"
केंद्रीय मंत्री नीतीन गड़करी ने लिखा, "भारत को एकता की डोर में बाँधने वाली, देश में सर्वाधिक बोली जाने वाली हिंदी भाषा को समर्पित विश्व हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।"
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने लिखा, "भारत को एकता के सूत्र में बाँधने वाली हिंदी भाषा को समर्पित विश्व हिंदी दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं।"
हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का अभिन्न हिस्सा है। यह देशवासियों को जोड़ने के साथ-साथ विश्वभर में बसे भारतीयों को भी मातृभूमि से जोड़े रखती है।
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने लिखा, "समस्त देशवासियों को विश्व हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हिंदी केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की सशक्त आवाज है। यह हमारी सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक एकता का आधार है। हिंदी ने सदैव देश की विविधताओं को एक सूत्र में पिरोकर एक भारत–श्रेष्ठ भारत की भावना को सुदृढ़ किया है। आज आवश्यकता है कि हम हिंदी को जन-जन की भाषा के रूप में और अधिक सशक्त बनाएं, ताकि यह शासन, शिक्षा, तकनीक और नवाचार के हर क्षेत्र में भारत की प्रगति का माध्यम बने।"
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लिखा, "निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल, बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटे न हिय के सूल। मानवीयता, प्रेम व सद्भाव की भाषा हिंदी हमारी संस्कृति व समृद्ध परंपरा की सशक्त छवि है। विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर हम सभी मिलकर हिंदी भाषा में परस्पर संवाद को बढ़ावा देने और उसके संवर्धन के लिए संकल्पित होने का प्रण लें।"
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, "हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों और समुदायों को जोड़ने वाली एक अटूट कड़ी है। कांग्रेस परिवार की ओर से विश्व हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।"