पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले ओवैसी और कबीर का गठबंधन, कभी नहीं टूटेगा यह रिश्ता

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पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले ओवैसी और कबीर का गठबंधन, कभी नहीं टूटेगा यह रिश्ता

सारांश

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए असदुद्दीन ओवैसी और हुमायूं कबीर ने एक महत्वपूर्ण गठबंधन की घोषणा की है। दोनों नेता चुनावी रणनीति को लेकर आश्वस्त हैं और इस गठबंधन को मजबूत मानते हैं। क्या यह गठबंधन चुनावी परिणामों को प्रभावित करेगा?

मुख्य बातें

गठबंधन की आधिकारिक घोषणा भाजपा के प्रति ओवैसी का हमला हुमायूं कबीर का मजबूत रिश्ता भविष्य के चुनावों के लिए एकजुटता जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की रणनीति

कोलकाता, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। इस क्रम में, बुधवार को असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम और हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) ने आधिकारिक रूप से गठबंधन की घोषणा की है।

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओवैसी ने कहा, "आप जानते हैं कि हमारी पार्टी एआईएमआईएम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव हमारे भाई हुमायूं कबीर के साथ मिलकर लड़ रही है। हम इस गठबंधन को सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।"

उन्होंने कहा कि अधिकांश सीटों पर सहमति बन चुकी है और कुछ सीटों पर बातचीत जल्द ही समाप्त हो जाएगी। यह कोई बड़ी समस्या नहीं है।

एआईएमआईएम के प्रमुख ओवैसी ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा, "2016 में भाजपा के कितने विधायक थे? सिर्फ तीन, सही है? आज उनके पास 77 विधायक हैं। यह मैंने किया। पहले उनके कितने सांसद थे और अब कितने हैं? यह भी मैंने ही किया। क्या मैं इतना ताकतवर हो गया हूं?"

आईएसएफ (इंडियन सेक्युलर फ्रंट) के बारे में पूछे गए सवाल पर असदुद्दीन ओवैसी ने टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने कहा, "मैं उनके बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहता, क्योंकि इससे उन्हें परेशानी हो सकती है।" हालांकि, उन्होंने यह आरोप लगाया कि पांच साल पहले टीएमसी ने उनके कई पदाधिकारियों को डराकर या लालच देकर अपने साथ ले लिया था। उन्होंने कहा कि अब उनकी पार्टी ने जमीनी स्तर पर काम करने की रणनीति अपनाई है और किसी पर निर्भर हुए बिना संगठन को मजबूत किया जा रहा है।

वहीं, हुमायूं कबीर ने इस गठबंधन को मजबूत बताते हुए कहा, "23 और 29 अप्रैल को होने वाले चुनावों के लिए मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं और एकजुट रहने का संकल्प लेता हूं।" उन्होंने कहा कि वे अपने 'बड़े भाई असदुद्दीन ओवैसी' के हर फैसले और दिशा के साथ आगे बढ़ेंगे।

हुमायूं कबीर ने कहा, "यह गठबंधन कभी नहीं टूटेगा। मेरे भाई असदुद्दीन ओवैसी ने 2026 में इसकी शुरुआत की है और जब तक मैं जिंदा हूं, मेरी पार्टी एआईएमआईएम के साथ रहेगी। हम इन्हें अपने अभिभावक और बड़े भाई की तरह मानते हैं।" उन्होंने भविष्य में लोकसभा चुनाव भी साथ लड़ने का ऐलान किया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असदुद्दीन ओवैसी और हुमायूं कबीर का गठबंधन क्यों महत्वपूर्ण है?
यह गठबंधन पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वोटों को एकत्रित करने की रणनीति के तहत किया गया है, जिससे दोनों दलों को चुनावी लाभ मिल सकता है।
इस गठबंधन का चुनावी परिणाम पर क्या प्रभाव होगा?
गठबंधन के कारण दोनों दलों के बीच सहयोग से चुनावी परिणामों में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।
क्या यह गठबंधन भविष्य में भी जारी रहेगा?
हुमायूं कबीर ने कहा है कि यह गठबंधन कभी नहीं टूटेगा और वे अपने बड़े भाई ओवैसी के साथ आगे बढ़ेंगे।
भाजपा के प्रति ओवैसी की टिप्पणियाँ क्या हैं?
ओवैसी ने भाजपा की बढ़ती ताकत पर सवाल उठाया और कहा कि उन्होंने भाजपा के विधायक और सांसदों की संख्या में वृद्धि की है।
आईएसएफ पर ओवैसी का क्या कहना है?
ओवैसी ने आईएसएफ पर टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि वह उनके बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहते।
राष्ट्र प्रेस