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क्या हुमायूं कबीर की पार्टी पश्चिम बंगाल चुनाव में 182 सीटों पर लड़ेगी?

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क्या हुमायूं कबीर की पार्टी पश्चिम बंगाल चुनाव में 182 सीटों पर लड़ेगी?

सारांश

हुमायूं कबीर ने घोषणा की है कि उनकी जनता उन्नयन पार्टी 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। क्या यह पार्टी भाजपा को सत्ता में आने से रोक पाएगी? जानिए इस चुनावी रणनीति के बारे में विस्तृत जानकारी।

मुख्य बातें

हुमायूं कबीर ने अपनी पार्टी 'जनता उन्नयन पार्टी' की घोषणा की।
पार्टी 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
भाजपा को सत्ता में आने से रोकना है मुख्य उद्देश्य।
कबीर ने चुनावी गठबंधन के लिए बातचीत शुरू की है।
वे रोजाना तीन विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार करेंगे।

कोलकाता, 27 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। निलंबित तृणमूल कांग्रेस नेता और भरतपुर से विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार को घोषणा की है कि उनकी नई पार्टी जनता उन्नयन पार्टी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पार्टी का प्रमुख उद्देश्य भाजपा को सत्ता में आने से रोकना है।

हुमायूं कबीर ने बताया कि वे चुनावी गठबंधन के लिए इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) और असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम से बातचीत करने के इच्छुक हैं। हालांकि, आईएसएफ की ओर से अब तक किसी प्रकार के गठबंधन पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कबीर ने कहा कि यदि एआईएमआईएम गठबंधन में शामिल होना चाहती है तो उसका स्वागत है।

इससे पहले, हुमायूं कबीर ने कहा था कि उनकी पार्टी राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों में से 135 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और उनका लक्ष्य कम से कम 90 सीटें जीतने का था। लेकिन अब उन्होंने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए 182 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। उनका दावा है कि वे अगले साल बनने वाली सरकार में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

शनिवार को मीडिया से बातचीत में हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "जो लोग मुझे गद्दार कह रहे हैं, वही लोग मुस्लिम समाज को हर कदम पर धोखा देते आए हैं। वक्फ एक्ट के मुद्दे पर भी समुदाय को गुमराह किया गया। कहा गया कि इसे अकेले संभाल लेंगे, लेकिन हकीकत में लोगों को ठगा गया।"

अपनी चुनावी रणनीति को लेकर कबीर ने कहा, "182 सीटों पर चुनाव लड़ने के बाद जो नतीजे आएंगे, वे चमत्कारी होंगे। ऐसा परिणाम होगा, जो बंगाल के बड़े-बड़े अनुभवी नेता भी नहीं कर पाए।"

हालांकि, उन्होंने सीटों के बंटवारे को लेकर अभी कोई जानकारी नहीं दी है। हुमायूं कबीर ने कहा कि वे 31 दिसंबर तक गठबंधन के लिए चल रही बातचीत का इंतजार करेंगे, उसके बाद पूरी तस्वीर स्पष्ट की जाएगी।

कबीर ने यह भी बताया कि वे रोजाना तीन विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार करेंगे और समय बचाने के लिए हेलीकॉप्टर का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें तृणमूल कांग्रेस, भाजपा, कांग्रेस या माकपा से कोई चिंता नहीं है।

इस बीच, तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने हुमायूं कबीर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोई भी पार्टी बना सकता है, इसमें कोई दिक्कत नहीं है। फैसला जनता करती है, और जनता समझदार है।

उन्होंने यह भी कहा कि 2019 में कबीर भाजपा में शामिल हुए थे और अब धार्मिक मुद्दों को राजनीति से दूर रखना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें एक निलंबित नेता अपने नए राजनीतिक सफर की शुरुआत करने जा रहे हैं। हालांकि, उनकी पार्टी का उद्देश्य भाजपा का मुकाबला करना है, जो कि राज्य की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुमायूं कबीर कौन हैं?
हुमायूं कबीर एक निलंबित तृणमूल कांग्रेस नेता और भरतपुर से विधायक हैं।
उनकी पार्टी का नाम क्या है?
उनकी पार्टी का नाम 'जनता उन्नयन पार्टी' है।
कबीर की पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी?
कबीर की पार्टी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
कबीर का मुख्य लक्ष्य क्या है?
कबीर का मुख्य लक्ष्य भाजपा को सत्ता में आने से रोकना है।
कबीर ने पहले कितनी सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बनाई थी?
उन्होंने पहले 135 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बनाई थी।
राष्ट्र प्रेस
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