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ओवैसी का बयान: बंगाल में मुसलमानों की गरिमा पर उठे सवालों को बर्दाश्त नहीं करेंगे

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ओवैसी का बयान: बंगाल में मुसलमानों की गरिमा पर उठे सवालों को बर्दाश्त नहीं करेंगे

सारांश

रानीगंज में एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने मुसलमानों की गरिमा पर उठे सवालों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने आरक्षण विधेयक पर भी चिंता जताई और बंगाल में राजनीतिक सशक्तीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया।

मुख्य बातें

ओवैसी ने कहा कि मुसलमानों की गरिमा पर सवाल उठाने वालों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
आरक्षण विधेयक पर ओवैसी ने जानकारी की कमी की बात की।
बंगाल में मुसलमानों के लिए राजनीतिक सशक्तीकरण की आवश्यकता है।
ओवैसी ने ममता बनर्जी से सवाल उठाए कि उन्होंने मुसलमानों की स्थिति को क्यों नहीं सुधारा।
ओवैसी का लक्ष्य एक मजबूत मुस्लिम राजनीतिक एजेंसी बनाना है।

रानीगंज, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को रानीगंज में दरगाह गोशे बंगला पर पहुंचकर चादर चढ़ाई। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में आरक्षण विधेयक पर सवाल उठाए और कई पूछे गए सवालों के जवाब दिए।

महिला आरक्षण बिल पर नरेंद्र मोदी ने सभी से समर्थन मांगा और इसे लोकतंत्र को मजबूती देने वाला बताया। इस पर ओवैसी ने कहा, "विधेयक के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं दी गई है। कम से कम विधेयक की एक प्रति तो भेजनी चाहिए।"

हुमायूं कबीर ने टीएमसी और एआईएमआईएम पर समझौता करने का आरोप लगाया है। ओवैसी ने जवाब में कहा, "कभी टीएमसी तो कभी हुमायूं हमें भाजपा की 'बी टीम' कहते हैं, लेकिन हम सिर्फ जनता की आवाज हैं और बंगाल में मुसलमानों की गरिमा पर सवाल उठाने वाले किसी भी व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम यहां आए हैं और आते रहेंगे। हमारा उद्देश्य बंगाल में मुसलमानों के लिए राजनीतिक सशक्तीकरण और नेतृत्व सुनिश्चित करना है, क्योंकि तभी उन्हें न्याय मिलेगा। अन्यथा, हम दमन झेलते रहेंगे। इसलिए हम चुनाव में भाग ले रहे हैं और अपनी पार्टी के प्रचार में शामिल हैं।"

ओवैसी ने इस बार विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी और उम्मीदवारों के बेहतर प्रदर्शन की आशा जताई।

इससे पहले रविवार को दुर्गापुर में ओवैसी ने कहा कि ममता बनर्जी को पहले यह बताना चाहिए कि उन्होंने बंगाल में मुसलमानों की स्थिति क्यों इतनी खराब रखी और उन्हें राजनीतिक नेतृत्व क्यों नहीं दिया। पिछले ५०-६० वर्षों से बंगाल में सेक्युलर सरकारें सत्ता में रही हैं, लेकिन मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय की शिक्षा, सामाजिक और आर्थिक स्थिति अभी भी बहुत खराब है। अल्पसंख्यकों को स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व की आवश्यकता है।

ओवैसी ने कहा कि सरकारी आंकड़े भी यही दिखाते हैं कि अल्पसंख्यक समुदाय, विशेषकर मुसलमानों की हालत बहुत खराब है। जब तक अल्पसंख्यकों के पास अपना स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व नहीं होगा, तब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा। हमारा प्रयास एक मजबूत मुस्लिम राजनीतिक एजेंसी बनाने का है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि बंगाल में मुसलमानों की स्थिति और उनके अधिकारों पर भी सवाल उठाता है। यह स्पष्ट है कि मुस्लिम समुदाय को एक प्रभावी राजनीतिक नेतृत्व की आवश्यकता है, ताकि उनकी समस्याएं उचित रूप से हल की जा सकें।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओवैसी ने आरक्षण विधेयक के बारे में क्या कहा?
ओवैसी ने कहा कि उन्हें विधेयक के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई और इसकी एक प्रति भेजने की आवश्यकता है।
ओवैसी ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
ओवैसी ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि उन्होंने बंगाल में मुसलमानों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए।
ओवैसी का राजनीतिक लक्ष्य क्या है?
ओवैसी का लक्ष्य बंगाल में मुसलमानों के लिए राजनीतिक सशक्तीकरण और नेतृत्व सुनिश्चित करना है।
ओवैसी ने चुनाव में अपनी पार्टी के प्रदर्शन के बारे में क्या कहा?
ओवैसी ने विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी और उम्मीदवारों के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई।
ओवैसी ने अल्पसंख्यकों की स्थिति पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय की स्थिति बहुत खराब है और उन्हें स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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