ओवैसी ने ममता बनर्जी से पूछा, मुसलमानों को राजनीतिक नेतृत्व क्यों नहीं मिला?
सारांश
Key Takeaways
- ओवैसी ने ममता बनर्जी से मुसलमानों की राजनीतिक स्थिति पर सवाल उठाए।
- उन्होंने बंगाल में राजनीतिक नेतृत्व की आवश्यकता पर जोर दिया।
- उनका लक्ष्य मुस्लिम समुदाय के लिए एक मजबूत राजनीतिक एजेंसी बनाना है।
दुर्गापुर, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी बंगाल में पहुँच चुके हैं और वे यहाँ तीन दिनों तक रहकर अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के लिए प्रचार करेंगे।
दुर्गापुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ओवैसी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा दोनों पर एक साथ हमला किया। उन्होंने कहा कि न तो भाजपा और न ही तृणमूल कांग्रेस, मुस्लिम समुदाय की स्वतंत्र राजनीतिक पहचान को सहन करती हैं।
ओवैसी ने ममता बनर्जी से सवाल किया कि वह यह बताएं कि बंगाल में मुसलमानों की स्थिति इतनी खराब क्यों है और उन्हें राजनीतिक नेतृत्व क्यों नहीं सौंपा गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 50-60 वर्षों से बंगाल में धर्मनिरपेक्ष सरकारें सत्ता में हैं, लेकिन मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय की शिक्षा, सामाजिक और आर्थिक स्थिति अब भी बहुत खराब है। अल्पसंख्यकों को स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व की आवश्यकता है।
ओवैसी ने कहा कि सरकारी आंकड़े भी यही दर्शाते हैं कि अल्पसंख्यक समुदाय, विशेषकर मुसलमानों की हालत बहुत चिंताजनक है। जब तक अल्पसंख्यकों के पास अपना स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व नहीं होगा, तब तक वे न्याय से वंचित रहेंगे। हमारा प्रयास एक मजबूत मुस्लिम राजनीतिक एजेंसी की स्थापना करना है।
उन्होंने आगे कहा कि इस बार उन्हें बहुत उम्मीदें हैं। मैं अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार करने आया हूँ और अगले तीन दिनों तक यहाँ रहूँगा। हम छह से सात निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार करेंगे और फिर दूसरे चरण के लिए लौटेंगे। हमें आशा है कि इस बार हमें सफलता प्राप्त होगी।
हुमायूं कबीर के आरोपों पर ओवैसी ने कहा कि हमें कभी टीएमसी से जोड़ा जाता है, कभी भाजपा से। हमें और कितनी पार्टियों से जोड़ा जाएगा? हम अपने कार्य को जारी रखेंगे। बंगाल में मुस्लिम समुदाय की ईमानदारी और सत्यनिष्ठा पर सवाल उठाने की किसी भी कोशिश को हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।
प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के निधन पर ओवैसी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे भारत की एक प्रतिष्ठित गायिका थीं। हम उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हैं।