दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह की शिफ्ट पर विचार: काम करने के तरीके में बड़ा अंतर
सारांश
Key Takeaways
- दीपिका पादुकोण ने आठ घंटे की शिफ्ट की मांग की है।
- रणवीर सिंह के लिए काम का मतलब सब कुछ है।
- दोनों के बीच काम करने के तरीके में बड़ा अंतर है।
- हिंदी सिनेमा में यह बहस महत्वपूर्ण है।
मुंबई, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हिंदी फिल्म उद्योग में आठ घंटे काम करने का मुद्दा फिर से चर्चा में आया है। दीपिका पादुकोण ने मां बनने के बाद सिनेमा में आठ घंटे की शिफ्ट की मांग की थी।
उन्होंने कहा कि इस उद्योग में 8 घंटे से अधिक काम करना एक प्रकार की प्रतिबद्धता मानी जाती है। इस विषय पर बात करते हुए कंगना रनौत ने हाल ही में एक साक्षात्कार में दीपिका का समर्थन किया, जिसके परिणामस्वरूप इंडस्ट्री में 8 घंटों की शिफ्ट को लेकर बहस फिर से शुरू हो गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि काम के मामले में दीपिका पादुकोण और उनके पति रणवीर सिंह की सोच कितनी भिन्न है?
दीपिका पादुकोण जहां आठ घंटे की शिफ्ट को मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य से संबंधित मानती हैं, वहीं रणवीर सिंह के लिए काम का मतलब सब कुछ है। उन्होंने फिल्म धुरंधर में लगातार बिना ब्रेक के काम किया था, जिसकी जानकारी उन्होंने कई बार साझा की है। निर्देशक आदित्य धर ने बताया कि रणवीर सिंह और पूरी टीम ने 16-18 घंटे तक काम किया था।
रणवीर ने एक पुराने साक्षात्कार में यह भी बताया था कि उनकी वजह से उनके सह-कलाकारों को भी परेशानी होती थी, क्योंकि वह आठ घंटे की शिफ्ट में यकीन नहीं रखते। उन्होंने कहा था, "हिंदी सिनेमा में या एक फिल्म बनाने में आठ घंटे में काम करना बहुत मुश्किल है।" उन्होंने मजाक में कहा कि उनके सह-कलाकार भी उनसे परेशान हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनकी वजह से उन्हें भी शिफ्ट से ज्यादा काम करना पड़ेगा।
ध्यान देने वाली बात है कि रणवीर सिंह का यह बयान दीपिका पादुकोण के बयान से पहले आया था, जब दोनों मिलकर कई फिल्में कर रहे थे। हालांकि, दीपिका के बयान का समर्थन कई सिलेब्स ने किया, सिवाय रणवीर सिंह के। इसी कारण दीपिका पादुकोण ने संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म स्पिरिट को ठुकरा दिया था, जिसके बाद तृप्ति डिमरी को फिल्म में कास्ट किया गया।