सीडर ब्रेक्स का अद्वितीय एम्फीथिएटर: पृथ्वी के प्राचीन इतिहास का अद्भुत दृश्य
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। जब यात्री अमेरिका के यूटा राज्य में स्थित सीडर ब्रेक्स नेशनल मॉन्यूमेंट के एम्फीथिएटर के किनारे खड़े होकर नीचे देखते हैं, तो उनकी दृष्टि रंग-बिरंगी चट्टानों की ऊँचाइयों, चोटियों और अद्वितीय आकृतियों पर जाती है। यह दृश्य केवल प्राकृतिक सौंदर्य का नहीं, बल्कि धरती के करोड़ों साल पुराने भूवैज्ञानिक इतिहास की झलक भी है।
यदि इसे अंतरिक्ष से देखा जाए, तो यह क्षेत्र एक विशाल कटोरे जैसा ढलान प्रस्तुत करता है। नासा के लैंडसैट 9 उपग्रह पर लगे ओएलआई-2 (ऑपरेशनल लैंड इमेजर-2) सेंसर ने 18 जून 2025 को इस एम्फीथिएटर की अद्भुत तस्वीर खींची है। तस्वीर में अर्ध-गोलाकार किनारा और गहरी नालियों का स्पष्ट दृश्य है। ऐशडाउन क्रीक और उसकी सहायक नदियों का तेज प्रवाह, लगातार होने वाला भौतिक और रासायनिक क्षरण इन नालियों, चट्टानों और घाटियों को आकार दे रहा है।
इस एम्फीथिएटर की चट्टानें और उनका इतिहास करोड़ों वर्ष पुराना है। यहाँ की चट्टानें मुख्य रूप से तलछटी चट्टानों की परतों से बनी हैं। ये परतें लगभग 50 लाख से 25 लाख वर्ष पहले एक प्राचीन बेसिन में जमा हुई थीं, जहाँ कभी विशाल झील ‘लेक क्लैरॉन’ हुआ करती थी। चूना पत्थर की कई परतें झील की तली में कार्बोनेट से भरपूर कीचड़ के रूप में जमी थीं।
चट्टानों के रंगों में भिन्नता पर्यावरणीय स्थितियों को दर्शाती है। नम वातावरण में लोहे को कम ऑक्सीजन मिलने से चट्टानें सफेद या भूरे रंग की बनती थीं। वहीं, सूखे मौसम में अधिक ऑक्सीजन के कारण लोहे का ऑक्सीकृत होना लाल और नारंगी रंग की परतें बनाता है। ये रंग आज भी चट्टानों की सुंदरता को बढ़ाते हैं। चट्टानों के जमा होने के बाद टेक्टोनिक शक्तियों ने इन्हें धीरे-धीरे ऊपर उठाया। आज ये ‘ग्रैंड स्टेयरकेस’ के सबसे ऊपरी हिस्से पर स्थित हैं और विशाल तलछटी चट्टान दूर-दूर तक फैली हुई है। एम्फीथिएटर का किनारा समुद्र तल से लगभग 10,000 फीट (लगभग 3,000 मीटर) ऊँचाई पर है।
यह ऊँचाई यहाँ के मौसम को प्रभावित करती है। सर्दियाँ लंबी, ठंडी और बर्फीली होती हैं। पास के ब्रायन हेड में हर साल औसतन 30 फीट बर्फ गिरती है। इन चुनौतीपूर्ण स्थितियों में भी ‘ब्रिसलकोन पाइन’ के पेड़ यहाँ पनपते हैं। ये पेड़ धीरे-धीरे बढ़ते हैं, जिससे उनकी लकड़ी बहुत घनी हो जाती है। इससे वे बीमारियों, कीड़ों और जंगल की आग से बच पाते हैं। यहाँ कुछ ब्रिसलकोन पाइन 1,700 वर्ष से भी अधिक पुराने हैं।
सिर्फ इतना ही नहीं, चट्टानों के ऊपर ज्वालामुखी गतिविधि के भी प्रमाण हैं। पूर्व दिशा में काला बेसाल्ट लावा का प्रवाह 50 लाख से 10 हजार वर्ष पहले का है। ब्रायन हेड के आसपास की भूरे रंग की चट्टानें ज्वालामुखी राख से बनी ‘टफ’ चट्टानों से निर्मित हैं।