अंटार्कटिका की शुष्क घाटियों में बहता रहस्यमय 'ब्लड फॉल्स', वैज्ञानिकों का क्या कहना है?

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अंटार्कटिका की शुष्क घाटियों में बहता रहस्यमय 'ब्लड फॉल्स', वैज्ञानिकों का क्या कहना है?

सारांश

अंटार्कटिका की शुष्क घाटियों में स्थित 'ब्लड फॉल्स' एक अद्भुत प्राकृतिक स्थल है। जानें इसके रहस्य और वैज्ञानिकों की खोज का सच।

Key Takeaways

  • ब्लड फॉल्स एक अद्भुत प्राकृतिक स्थल है।
  • यह लाल रंग लौह युक्त नमक के कारण है।
  • यह जलवायु परिवर्तन और पृथ्वी के इतिहास को समझने में मदद करता है।
  • अंटार्कटिका में बर्फ के बावजूद यह शुष्क घाटियाँ मौजूद हैं।
  • वैज्ञानिक अभी भी इसके रहस्य का अध्ययन कर रहे हैं।

नई दिल्ली, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दुनिया में कई ऐसी अद्भुत स्थल हैं जिनका रहस्य लोगों को हैरान कर देता है। इनमें से एक है अंटार्कटिका की शुष्क घाटियों में स्थित ‘ब्लड फॉल्स’, जो प्राकृतिक चमत्कारों में से एक माना जाता है।

ब्लड फॉल्स का लाल रंग ऐसा प्रतीत होता है जैसे खून बह रहा हो, लेकिन इसका वैज्ञानिक कारण है।

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने इस रहस्य को उजागर करते हुए बताया है कि अंटार्कटिका में रॉस सागर और पूर्वी अंटार्कटिक बर्फ की चादर के बीच की शुष्क घाटियां पृथ्वी पर उन कुछ स्थानों में आती हैं जहाँ बर्फ के बावजूद भूभाग बर्फ-मुक्त रहता है। ये घाटियाँ ठंडी और शुष्क कैटाबेटिक हवाओं के कारण बर्फ से रहित हैं। इनमें कई झीलें हैं, जिनमें से एक है लेक बोनी, जिसमें टेलर ग्लेशियर से निकलने वाला लाल रंग गिरे हुए जल के कारण ‘ब्लड फॉल्स’ के नाम से जाना जाता है।

इस लाल रंग का कारण लौह युक्त नमक फेरस हाइड्रोक्साइड है। 1960 के दशक से वैज्ञानिक इस रहस्य को समझने की कोशिश कर रहे थे। 2003 में ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के बेरी लायंस की टीम ने इसका सबसे विश्वसनीय कारण बताया है। उनके अनुसार, लाखों वर्ष पहले यह क्षेत्र समुद्र से जुड़ा था, और जब समुद्र पीछे हटा, तो यह एक खारे पानी की झील में परिवर्तित हो गया। बाद में, टेलर ग्लेशियर ने इस झील को ढक लिया और समय के साथ लवण ग्लेशियर के अंदर फंस गए। जब ये लवण पिघलते हैं तो जब वातावरण से मिलते हैं, तो ऑक्सीडाइज होकर लाल रंग के हो जाते हैं।

ब्लड फॉल्स न केवल देखने के लिए आकर्षक है, बल्कि यह वैज्ञानिकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह पृथ्वी के इतिहास, जलवायु परिवर्तन, और यहाँ तक कि मंगल ग्रह पर जीवन की संभावनाओं को समझने में सहायक है। शोधकर्ता इन शुष्क घाटियों की झीलों का अध्ययन कर रहे हैं, क्योंकि यहाँ मीठे और खारे पानी की झीलें दोनों मौजूद हैं। उदाहरण के लिए, बोनी और फ्राइक्सेल झीलें खारे पानी की हैं, जबकि होरे झील मीठे पानी की है।

नासा के टेरा सैटेलाइट द्वारा 29 नवंबर 2000 को ली गई फॉल्स-कलर इमेज में ब्लड फॉल्स स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। वैज्ञानिक मानते हैं कि आगे की ड्रिलिंग और अध्ययन से इन झीलों के निर्माण और उनके परिवर्तनों के बारे में और जानकारी मिलेगी।

Point of View

बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। इसके अध्ययन से हमें जलवायु परिवर्तन और पृथ्वी के इतिहास को समझने में मदद मिलती है।
NationPress
24/03/2026

Frequently Asked Questions

ब्लड फॉल्स का रंग क्यों लाल है?
ब्लड फॉल्स का रंग लौह युक्त नमक फेरस हाइड्रोक्साइड के कारण लाल दिखाई देता है।
ब्लड फॉल्स कहाँ स्थित है?
ब्लड फॉल्स अंटार्कटिका की शुष्क घाटियों में स्थित है।
ब्लड फॉल्स के पीछे का वैज्ञानिक कारण क्या है?
यह क्षेत्र लाखों वर्ष पहले समुद्र से जुड़ा था, और खारे पानी की झील में परिवर्तित हुआ।
यह जलप्रपात क्यों महत्वपूर्ण है?
यह पृथ्वी के इतिहास और जलवायु परिवर्तन को समझने में मदद करता है।
क्या ब्लड फॉल्स का अध्ययन किया जा रहा है?
हाँ, वैज्ञानिक इन शुष्क घाटियों की झीलों का अध्ययन कर रहे हैं।
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