तंजानिया का रहस्यमयी झील: लेक नैट्रॉन, जहां पानी का रंग खतरनाक लाल है
सारांश
Key Takeaways
- लेक नैट्रॉन का पानी अत्यधिक गर्म और क्षारीय है।
- यहाँ के पानी में गिरने वाले जानवर जल्दी मर जाते हैं।
- झील का रंग जीवों की उपस्थिति के कारण लाल और गुलाबी है।
- लेसर फ्लेमिंगो यहाँ बड़े पैमाने पर घोंसला बनाते हैं।
- यह झील ज्वालामुखी गतिविधियों से प्रभावित है।
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। विश्व में कई ऐसी रहस्यमयी झीलें हैं जो अत्यधिक खतरनाक मानी जाती हैं। इनमें से एक है लेक नैट्रॉन, जो उत्तरी तंजानिया में स्थित है। इस झील के किनारे पर जाने का साहस बहुत कम लोग करते हैं, क्योंकि यहाँ का पानी अधिकांश जीवों के लिए घातक है।
लेक नैट्रॉन का पानी अत्यधिक गर्म, खारा और अत्यधिक क्षारीय है। इसका पीएच लेवल 10.5 तक पहुँच सकता है, जो सामान्य पानी से कई गुना अधिक तेजाबी है। यहाँ का तापमान अक्सर 40 से 60 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। इसमें गिरने वाले अधिकतर जानवर कुछ ही समय में मर जाते हैं और उनकी लाशें खनिजों से ढककर पत्थर जैसी हो जाती हैं।
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के लैंडसेट 8 सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में यह झील बेहद खूबसूरत दिखाई देती है। इन तस्वीरों में झील का पानी गहरा लाल या गुलाबी रंग का नजर आता है। ये तस्वीरें मार्च 2017 की हैं, जब बारिश का मौसम शुरू हो रहा था।
नैट्रॉन की यह अनोखी रासायनिक संरचना इसके आसपास की ज्वालामुखी गतिविधियों के कारण है। झील से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित ओआई डोइनो लेनगई ज्वालामुखी सोडियम कार्बोनेट से भरपूर लावा निकालता है। यह लावा भूमिगत दरारों से होकर गर्म झरनों के रूप में झील में पहुँचता है। कम बारिश और अधिक वाष्पीकरण के कारण पानी और गाढ़ा होता जाता है।
हालांकि, इस झील में जीवन का एक अजीब संतुलन देखने को मिलता है। इतनी कठोर परिस्थितियों के बावजूद, यहाँ कुछ जीव पनपते हैं। पानी में हलोअर्चिअल नामक सूक्ष्म जीव बड़ी संख्या में रहते हैं, जो झील को लाल और गुलाबी रंग प्रदान करते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि झील के आसपास लेसर फ्लेमिंगो पक्षी बड़े पैमाने पर घोंसला बनाते हैं। पूर्वी अफ्रीका के लगभग 75 प्रतिशत लेजर फ्लेमिंगो का जन्म इसी झील के पास होता है। ये पक्षी झील के खारे पानी में पनपने वाले सूक्ष्म जीवों को खाते हैं और यहाँ शिकारी से सुरक्षित रहते हैं।