डालोल: पृथ्वी का सबसे गर्म और खतरनाक क्षेत्र, जहाँ उबलता पानी और जहरीली गैसें हैं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
डालोल: पृथ्वी का सबसे गर्म और खतरनाक क्षेत्र, जहाँ उबलता पानी और जहरीली गैसें हैं

सारांश

क्या आप जानना चाहते हैं कि पृथ्वी पर सबसे खतरनाक स्थान कौन सा है? इथियोपिया का डालोल क्षेत्र, जहाँ उबलता पानी और जहरीली गैसें मौजूद हैं, एक अद्भुत और रहस्यमय जगह है। यहाँ के अनोखे जीव और पर्यावरण वैज्ञानिकों के लिए एक रहस्य बने हुए हैं।

मुख्य बातें

डालोल क्षेत्र पृथ्वी के सबसे गर्म और खतरनाक स्थानों में से एक है।
यहाँ हाइड्रोथर्मल गतिविधियाँ लगातार जारी रहती हैं।
सुपरसैचुरेटेड पानी का तापमान 94°C से अधिक है।
यहाँ के जीव अत्यधिक अम्लीय और नमकीन वातावरण में जीवित रहते हैं।
डालोल को मंगल ग्रह के पुराने वातावरण का बेहतरीन एनालॉग माना जाता है।

नई दिल्ली, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दुनिया में कई ऐसे स्थान हैं जहाँ प्रकृति की सुंदरता के साथ-साथ खतरनाक और रहस्यमय तत्व भी मौजूद हैं। इथियोपिया के डानाकिल डिप्रेशन स्थित डालोल क्षेत्र को पृथ्वी के सबसे खतरनाक और अनोखे स्थानों में से एक माना जाता है। यहाँ हाइड्रोथर्मल सिस्टम में नमक की चिमनियाँ, गर्म झरने और अत्यधिक अम्लीय पानी पाया जाता है।

डालोल क्षेत्र एक नमक से भरे ज्वालामुखी के क्रेटर पर स्थित है। जलतापीय गतिविधियों के कारण इस क्रेटर से निरंतर उबलता पानी और जहरीली गैसें बाहर निकलती रहती हैं।

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के अनुसार, यह स्थान रंग-बिरंगा और साइकेडेलिक दिखाई देता है। यहाँ पीले जमाव सल्फेट से होते हैं, लाल भाग आयरन ऑक्साइड के होते हैं और कॉपर सॉल्ट पानी को हरा रंग प्रदान करते हैं। सुपरसैचुरेटेड पानी का तापमान 94 डिग्री सेल्सियस से अधिक तक पहुँच जाता है, जबकि पीएच लेवल 0.25 तक गिर जाता है, जो बेहद अम्लीय है। यह क्षेत्र अत्यधिक नमकीन भी है जहाँ नमक की चिमनियाँ सामान्य हैं।

स्पेन के एस्ट्रोबायोलॉजी सेंटर के डॉ. फेलिप गोमेज की अगुवाई में एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने इस क्षेत्र का अध्ययन किया। सैंपल जनवरी 2017 में इथियोपिया की फील्ड ट्रिप के दौरान लिए गए थे। परिणाम साइंटिफिक रिपोर्ट्स जर्नल में प्रकाशित किए गए हैं। टीम ने पीली नमक की चिमनी की दीवारों से नमक के जमाव और आस-पास के नीले पानी के पूल से नमूने इकट्ठा किए। इन्हें स्पेन में इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोपी, केमिकल एनालिसिस और डीएनए सीक्वेंसिंग से जांचा गया। वैज्ञानिकों ने हाल ही में यहाँ छोटे बैक्टीरिया की खोज की है जो इन कठिन परिस्थितियों में भी जीवित हैं।

वैज्ञानिकों ने नमक के नमूनों में छोटे गोलाकार संरचनाएँ पाई हैं जिनमें कार्बन की मात्रा अधिक थी। ये संरचनाएँ बायोलॉजिकल मूल की हैं। ये बैक्टीरिया सामान्य बैक्टीरिया से 20 गुना तक छोटे हैं। डॉ. गोमेज ने कहा, “यह एक अनोखा मल्टी-एक्सट्रीम माहौल है। यहाँ जीवों को अत्यधिक तापमान, अधिक नमक और बहुत कम पीएच में जीवित रहना पड़ता है। ये बैक्टीरिया इन परिस्थितियों को पसंद करते हैं। इससे यह सवाल उठता है कि क्या उन्होंने खुद को इन परिस्थितियों के अनुकूल बनाया या ये इन्हीं हालात से विकसित हुए हैं?”

डालोल समुद्र तल से लगभग 125-155 मीटर नीचे स्थित है। यहाँ भूगर्भीय गतिविधियों के कारण गर्म पानी, खनिज और गैसें सतह पर आती हैं। यह क्षेत्र 1926 में बने एक छोटे ज्वालामुखी के चारों ओर फैला हुआ है। डालोल को पृथ्वी का सबसे गर्म बसा हुआ स्थान माना जाता है। यहाँ औसत तापमान 34-35 डिग्री सेल्सियस साल भर बना रहता है। गर्म झरनों में पानी उबलता है और अत्यधिक अम्लीय, नमकीन एवं जहरीली गैसें निकलती हैं। रंग-बिरंगे खनिज (पीला, लाल, हरा) इसे दूसरे ग्रह जैसा बनाते हैं। यहाँ क्लोरीन, सल्फर जैसी जहरीली गैसें हवा में उपस्थित रहती हैं। यह क्षेत्र इतना कठोर है कि मानव जीवन के लिए लगभग असंभव है, फिर भी सूक्ष्म जीव यहाँ जीवित हैं।

वैज्ञानिक इसे मंगल ग्रह के पुराने वातावरण का बेहतरीन एनालॉग मानते हैं क्योंकि यहाँ हाइड्रोथर्मल गतिविधि, अम्लीयता और खनिज समान हैं। डानाकिल डिप्रेशन भूमध्यरेखीय स्थान, ज्वालामुखी गतिविधि और समुद्र तल से नीचे होने के कारण दुनिया के सबसे गर्म स्थानों में गिना जाता है। यहाँ सिल्वर क्लोराइड, जिंक आयरन सल्फाइड, मैंगनीज डाइऑक्साइड और रॉक सॉल्ट जैसे खनिज सुपरहीटेड पानी से निकलते हैं। यह खोज एक्सट्रीमोफाइल्स की दुनिया को और भी रोचक बनाती है।

पृथ्वी पर ऐसे कई जीव हैं जो विकिरण, बर्फ की गहराई, वायुमंडल की ऊंचाई या अंतरिक्ष यान में भी जीवित रह सकते हैं। डालोल क्षेत्र मंगल के गुसेव क्रेटर जैसी जगहों से मिलता-जुलता है जहाँ नासा का स्पिरिट रोवर उतरा था। टीम ने एस्ट्रोबायोलॉजी जर्नल में एक रिव्यू भी प्रकाशित किया जिसमें डालोल और मंगल के हाइड्रोथर्मल वातावरण की समानताएँ बताई गईं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अपनी खतरनाक स्थिति के बावजूद जीवों का संरक्षण करता है। यह वैज्ञानिकों के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन का विषय है, जो हमें पृथ्वी और अन्य ग्रहों के पर्यावरण के बारे में नई जानकारी प्रदान करता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डालोल क्षेत्र कहाँ स्थित है?
डालोल क्षेत्र इथियोपिया के डानाकिल डिप्रेशन में स्थित है।
डालोल का औसत तापमान क्या है?
यहाँ का औसत तापमान 34-35 डिग्री सेल्सियस है।
डालोल में कौन सी गैसें पाई जाती हैं?
यहाँ क्लोरीन, सल्फर जैसी जहरीली गैसें उपस्थित हैं।
डालोल को पृथ्वी के सबसे गर्म स्थान क्यों माना जाता है?
डालोल को इसके उच्च तापमान और खतरनाक वातावरण के कारण पृथ्वी का सबसे गर्म स्थान माना जाता है।
क्या यहाँ जीवन संभव है?
हाँ, यहाँ सूक्ष्म जीव जीवित हैं, जो इन कठोर परिस्थितियों में भी पनपते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले