6 अगस्त 2026
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ईरान पर दबाव 1979 के बाद सबसे अधिक: राष्ट्रपति पेजेश्कियन, होर्मुज शिपिंग रूट पर ओमान से सहमति करीब

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ईरान पर दबाव 1979 के बाद सबसे अधिक: राष्ट्रपति पेजेश्कियन, होर्मुज शिपिंग रूट पर ओमान से सहमति करीब

सारांश

ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने माना — यह 1979 के बाद का सबसे कठिन दौर है। प्रतिबंध, सैन्य टकराव और बिखरी कूटनीति के बीच, ओमान के साथ होर्मुज शिपिंग रूट पर सहमति की एक किरण ज़रूर दिख रही है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 6 अगस्त को कहा कि ईरान 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद के सबसे कठिन दौर से गुज़र रहा है।
प्रतिबंधों के साथ-साथ बैंकिंग व वित्तीय परिचालनों पर पाबंदी और सैन्य टकराव ने दबाव को बढ़ाया है।
ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित वाणिज्यिक शिपिंग मार्ग पर भौगोलिक समन्वय पर सहमति बनी; संयुक्त बयान अंतिम चरण में।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान के साथ डील की प्रक्रिया 'मुश्किल भरी' रहेगी क्योंकि वहाँ का शासन तंत्र कथित तौर पर बिखरा हुआ है।
ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने स्पष्ट किया कि इस सप्ताह किसी वरिष्ठ अधिकारी की पाकिस्तान या कतर यात्रा की कोई योजना नहीं है।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने 6 अगस्त 2026 को स्वीकार किया कि उनका देश 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद के सबसे कठिन दौर से गुज़र रहा है। प्रतिबंधों और सैन्य टकराव के दोहरे दबाव के बीच, ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट से एक सुरक्षित वाणिज्यिक शिपिंग मार्ग बनाने की बातचीत अंतिम चरण में पहुँच गई है।

राष्ट्रपति पेजेश्कियन का बयान

अपने शपथ ग्रहण की दूसरी सालगिरह पर बुधवार को सरकारी प्रसारक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) को दिए साक्षात्कार में पेजेश्कियन ने कहा, 'अभी हम जिन हालात का सामना कर रहे हैं, वे क्रांति के बाद के इतिहास के सबसे मुश्किल हालात हैं। पाबंदियाँ थीं और वे बढ़ती गईं। फिर, उन्होंने हमारे बैंकों और हमारे वित्तीय परिचालनों पर पाबंदी लगा दी। इससे खुश नहीं होने पर उन्होंने जंग छेड़ दी।'

राष्ट्रपति ने यह भी आरोप लगाया कि बाहरी दबाव का असली मकसद सरकार के प्रति जनसमर्थन को कमज़ोर करना है। उनके अनुसार, 'अब वे जो भी योजना बना रहे हैं और जो भी दबाव डाल रहे हैं, वह लोगों को नाराज़ करने और उन्हें विरोध के लिए उकसाने के लिए है।' पेजेश्कियन ने राष्ट्रीय एकता को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा, 'अगर हम आज तक बचे हैं तो इसका श्रेय ईरान के अच्छे लोगों को जाता है।'

अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस का बड़ा बयान

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बुधवार शाम एक टेलीविज़न साक्षात्कार में कहा कि ईरान के साथ किसी भी संभावित समझौते की प्रक्रिया 'मुश्किल भरी' रहेगी, क्योंकि कथित तौर पर वहाँ का शासन तंत्र बिखरा हुआ है। वेंस ने कहा, 'हमारा काम इससे निपटना है और अमेरिकी लोगों के लिए सबसे अच्छा नतीजा पाना है। तेल की कीमतें नीचे आएंगी और नीचे ही रहेंगी। ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा और अमेरिका एक मज़बूत स्थिति में होगा।'

यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक वार्ताएँ पहले से ही जटिल बनी हुई हैं।

होर्मुज शिपिंग रूट पर ईरान-ओमान वार्ता

ईरानी विदेश मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ईरान और ओमान के बीच प्रस्तावित शिपिंग मार्ग के भौगोलिक समन्वय पर सहमति बन गई है और दोनों देश एक संयुक्त बयान को अंतिम रूप दे रहे हैं। ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने बताया कि पिछले दो महीनों से इस प्रस्तावित मार्ग पर बातचीत जारी है, जिसमें तकनीकी, कानूनी, सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है।

गौरतलब है कि बाघेई के अनुसार, अमेरिका और इज़रायल के सैन्य हमलों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर उनके प्रभाव के कारण होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया गया था। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

वरिष्ठ अधिकारियों की यात्रा योजना नहीं

बाघेई ने यह भी स्पष्ट किया कि इस सप्ताह के अंत में तेहरान के किसी भी वरिष्ठ अधिकारी के पाकिस्तान या कतर जाने की कोई योजना नहीं है। यह जानकारी उन अटकलों के बीच आई है जिनमें ईरानी प्रतिनिधिमंडल की संभावित कूटनीतिक यात्राओं की चर्चा थी।

आगे क्या होगा

ईरान-ओमान के बीच संयुक्त बयान जारी होने के बाद होर्मुज मार्ग पर व्यावसायिक शिपिंग की बहाली की प्रक्रिया स्पष्ट होने की उम्मीद है। वहीं, अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता की दिशा काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि तेहरान का नेतृत्व आंतरिक एकता बनाए रख पाता है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

आंतरिक दबाव की गंभीरता को उजागर करता है। होर्मुज रूट पर ओमान के साथ बातचीत एक व्यावहारिक कदम है, लेकिन यह तब तक अधूरी है जब तक अमेरिका-ईरान परमाणु गतिरोध नहीं सुलझता। वेंस का 'बिखरे शासन' वाला बयान वार्ता की जटिलता को रेखांकित करता है — और यह सवाल उठाता है कि क्या तेहरान के भीतर कोई एकीकृत आवाज़ है जो किसी समझौते को लागू कर सके।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने 'सबसे मुश्किल दौर' क्यों कहा?
पेजेश्कियन ने IRIB को दिए साक्षात्कार में कहा कि बढ़ते प्रतिबंधों, बैंकिंग पाबंदियों और सैन्य टकराव के मिले-जुले दबाव ने 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद का सबसे कठिन माहौल बना दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय एकता को इस दबाव से उबरने का आधार बताया।
ईरान और ओमान के बीच होर्मुज शिपिंग रूट पर क्या सहमति बनी है?
ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने प्रस्तावित वाणिज्यिक शिपिंग मार्ग के भौगोलिक समन्वय पर सहमति जता दी है और एक संयुक्त बयान को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पिछले दो महीनों से तकनीकी, कानूनी, सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी पहलुओं पर बातचीत जारी थी।
होर्मुज स्ट्रेट को बंद क्यों किया गया था?
ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बाघेई के अनुसार, अमेरिका और इज़रायल के सैन्य हमलों और उनके कारण क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़े असर के कारण होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया गया था। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के बारे में क्या कहा?
वेंस ने कहा कि ईरान के साथ किसी भी संभावित डील की प्रक्रिया 'मुश्किल भरी' रहेगी क्योंकि कथित तौर पर वहाँ का शासन तंत्र बिखरा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका का लक्ष्य तेल कीमतें नीचे रखना और ईरान को परमाणु हथियार से दूर रखना है।
क्या ईरानी अधिकारी पाकिस्तान या कतर जाने वाले हैं?
नहीं। ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने स्पष्ट किया कि इस सप्ताह के अंत में तेहरान के किसी भी वरिष्ठ अधिकारी की पाकिस्तान या कतर यात्रा की कोई योजना नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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