चीन का श्वेयलोंग-2 बर्फ भंजक जहाज अंटार्कटिका के प्राइड्ज बे की तरफ बढ़ा
सारांश
Key Takeaways
- श्वेयलोंग-2 ने अंटार्कटिका के प्राइड्ज बे के लिए यात्रा शुरू की।
- अभियान में 97 अनुसंधानकर्ताओं की टीम शामिल है।
- यह अभियान अंतरराष्ट्रीय सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
- प्राइड्ज बे में क्रिल, मछलियाँ, और सील जैसे जीवों का प्रजनन होता है।
- अगला संयुक्त अभियान 2026 में होगा।
बीजिंग, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चीन का 42वां अंटार्कटिक अभियान चलाने वाला श्वेयलोंग-2 बर्फ भंजक जहाज हाल ही में अंटार्कटिका के प्राइड्ज बे में पतझड़ के दौरान दक्षिणी महासागर की पारिस्थितिकीय संरचना पर वैज्ञानिक अध्ययन करने के लिए ऑस्ट्रेलिया के होबार्ट से प्रस्थान किया।
सूत्रों के अनुसार, चीन ने पिछले वर्ष मार्च से अप्रैल तक 41वें अंटार्कटिक अभियान के दौरान पहली बार अंटार्कटिक रॉस सागर में शरद ऋतु में एक संयुक्त मिशन का आयोजन किया था। यह अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में वैज्ञानिक अभियान का दूसरा उदाहरण है।
जानकारी के अनुसार, चीन, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, बेल्जियम और भारत की 19 अनुसंधान संस्थाओं के ध्रुवीय वैज्ञानिक दलों के 97 सदस्य वर्ष 2026 के पतझड़ में अंटार्कटिक के प्राइड्ज बे में संयुक्त अभियान में शामिल हो रहे हैं।
प्राइड्ज बे में एक अत्यधिक सक्रिय जीवमंडल मौजूद है, जो क्रिल, मछलियाँ, सील और समुद्री पक्षियों जैसी अंटार्कटिक पारिस्थितिकी तंत्र की महत्वपूर्ण प्रजातियों का प्रजनन स्थल, आवास और सर्दियों का ठिकाना है।
(स्रोत: चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)