फिरहाद हकीम बोले: बंगाल के लोग बदला लेने को तत्पर, टीएमसी को फर्जी वोट की आवश्यकता नहीं

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फिरहाद हकीम बोले: बंगाल के लोग बदला लेने को तत्पर, टीएमसी को फर्जी वोट की आवश्यकता नहीं

सारांश

कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने भाजपा पर हमला किया और टीएमसी की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने बंगाल के चुनाव में लोगों की भावना और धार्मिक राजनीति पर भी अपने विचार साझा किए।

Key Takeaways

  • फिरहाद हकीम का भाजपा पर आक्रमण
  • टीएमसी की सामाजिक योजनाओं का जिक्र
  • बंगाल के लोग बदला लेने को तत्पर
  • धर्म को राजनीति में लाने का विरोध
  • टीएमसी को फर्जी वोट की आवश्यकता नहीं

कोलकाता, 17 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने राष्ट्र प्रेस के साथ एक बातचीत में बंगाल चुनाव के संदर्भ में भाजपा पर हमला किया और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा, "पहले हमारे चुनाव राजनीतिक होते थे, पर भाजपा के आने के बाद यह सोशल मीडिया पर फेक नैरेटिव तक ही सीमित रह गया है। अब यह व्यक्तिगत हमलों में तब्दील हो चुका है। सीपीआईएम के समय हमें पीटा गया, लेकिन हम व्यक्तिगत हमले नहीं करते। हम अपने कार्यों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। टीएमसी समान सामाजिक विकास को प्राथमिकता देती है। हम सामाजिक योजनाओं और सुधारों पर ध्यान देते हैं। कम्युनिस्टों की सोच अमीरों से छीनने की है, जबकि हम जनता के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने में विश्वास रखते हैं। यह भाजपा का मुद्दा है, क्योंकि वे समाज को सांप्रदायिक आधार पर विभाजित करना चाहते हैं, तृणमूल नहीं। तृणमूल केवल अल्पसंख्यक नहीं है। भाजपा में यह कहने की हिम्मत नहीं है कि उन्होंने पिछड़े वर्गों का उत्थान किया है। यह काम टीएमसी ने किया है।"

उन्होंने हुमायूं कबीर के संदर्भ में कहा, "भाजपा ने गंदी राजनीति शुरू की है। आप हम पर तुष्टीकरण का आरोप लगाते हैं, लेकिन असल में आप धर्म के आधार पर विभाजन कर रहे हैं। मैं धार्मिक हूँ, लेकिन यह मेरी व्यक्तिगत बात है। अगर धर्म को सड़कों पर लाया जाए, तो यह गलत है। मैंने हुमायूं को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन उसे निलंबित कर दिया गया, क्योंकि उसने भाजपा से पैसे लिए थे। इसका मस्जिद से कोई संबंध नहीं है।"

फिरहाद ने कहा, "उर्दू का अल्पसंख्यकों से क्या संबंध है? यह एक भारतीय भाषा है। अटल बिहारी वाजपेयी उर्दू में कविता लिखते थे। मनमोहन सिंह भी उर्दू में पत्र लिखते थे। ये मुसलमान नहीं थे। संस्कृत भी कोई 'हिंदू भाषा' नहीं, बल्कि भारतीय भाषा है। भाषा को धर्म से जोड़ना मूर्खता है। मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, अगर मेरे नाम पर फर्जी खबरें फैलाई जाती हैं।"

हकीम ने विधानसभा चुनाव के नतीजों पर कहा, "हम कोई ज्योतिषी नहीं हैं। यह कहना मुश्किल है। लेकिन मुझे बंगाल के लोगों पर पूरा भरोसा है। मैं 50 साल से ज्यादा समय से राजनीति में हूँ। मैं कह सकता हूँ कि बंगाल के लोग अपना बदला लेने के लिए तैयार हैं।"

उन्होंने एसआईआर और घुसपैठियों के मुद्दे पर कहा, "घुसपैठिया वोटर लिस्ट में नहीं होता। अगर कोई घुसपैठिया आ गया है, तो उसे सीमा पर रोकने की जिम्मेदारी किसकी है? टीएमसी को फर्जी वोट की आवश्यकता नहीं है। टीएमसी लोगों के करीब रहकर इतनी सेवा करती है कि उसे चुनाव में उसका फल मिल जाता है।"

Point of View

NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

फिरहाद हकीम ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए?
फिरहाद हकीम ने भाजपा पर व्यक्तिगत हमले करने और समाज को सांप्रदायिक आधार पर विभाजित करने का आरोप लगाया।
टीएमसी की उपलब्धियों के बारे में फिरहाद ने क्या कहा?
फिरहाद ने कहा कि टीएमसी ने सामाजिक योजनाओं और विकास में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, जबकि भाजपा केवल फेक नैरेटिव पर निर्भर है।
फिरहाद हकीम का बंगाल के लोगों पर क्या विश्वास है?
उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग अपने हक के लिए तैयार हैं और वह टीएमसी पर भरोसा करते हैं।
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