ओवैसी की मुर्शिदाबाद में टीएमसी के खिलाफ वोट डालने की अपील
सारांश
Key Takeaways
- ओवैसी ने टीएमसी की गुंडागर्दी को खत्म करने की अपील की।
- २३ अप्रैल को मतदान के लिए वोट डालने का आग्रह।
- सत्तर वर्षों से अल्पसंख्यकों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप।
- ममता बनर्जी और नरेंद्र मोदी को एक ही सिक्के के दो पहलू बताया।
- बंगाल की जनता से बदलाव की उम्मीद।
मुर्शिदाबाद, १३ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के संदर्भ में एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को मुर्शिदाबाद के कांडी में एक चुनावी सभा का आयोजन किया। इस सभा के दौरान ओवैसी ने कहा कि कांडी में टीएमसी की गुंडागर्दी को समाप्त करना आवश्यक है, और इसके लिए आपका वोट अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ओवैसी ने कांडी विधानसभा सीट पर एआईएमआईएम के उम्मीदवार के समर्थन में वोट देने की अपील करते हुए कहा कि २३ अप्रैल को पार्टी के उम्मीदवार को समर्थन देने के लिए वोट डालें।
उन्होंने आश्वासन दिया कि आपके वोट से एक नया विधायक चुना जाएगा। यदि जनता एआईएमआईएम को सफलता दिलाती है, तो यह सफलता केवल मिजबाउल इस्लाम या एआईएमआईएम की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की होगी।
ओवैसी ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले सत्तर वर्षों से बंगाल के मुस्लिम अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है, उनके साथ अन्याय किया जा रहा है और उनके अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है। बंगाल की जनता ने कई बार कांग्रेस, लेफ्ट फ्रंट, और अंततः टीएमसी को वोट दिया, लेकिन उन्हें कभी न्याय नहीं मिला।
ओवैसी ने कहा कि सच्चर कमेटी की रिपोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि लेफ्ट फ्रंट सरकार ने मुस्लिम अल्पसंख्यकों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया।
ममता बनर्जी और टीएमसी पर निशाना साधते हुए, ओवैसी ने कहा कि जब भी एआईएमआईएम चुनावी मैदान में आती है, तब ममता बनर्जी कहती हैं कि अगर हमें वोट दिया गया, तो भाजपा जीत जाएगी। हमें यह जानना है कि २७ साल पहले बंगाल में भाजपा का पहला सांसद तपन सिकदर किसने बनाया था। वह ममता बनर्जी की वजह से ही दो बार सांसद बने। १९९९ में ममता ने भाजपा के साथ गठबंधन किया था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। पीएम मोदी और ममता भाई-बहन की तरह हैं।
ममता ने कहा था कि वह बंगाल में वक्फ एक्ट लागू नहीं करेंगी, लेकिन उन्होंने केवल आपके वोटों के लिए झूठ बोला। ओवैसी ने यह दावा किया है कि इस बार बंगाल के लोग उनके उम्मीदवारों को विधानसभा में पहुंचाने के लिए वोट देंगे।