मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ओवैसी और हुमायूं कबीर की जोड़ी सत्ता से बाहर करेगी

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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ओवैसी और हुमायूं कबीर की जोड़ी सत्ता से बाहर करेगी

सारांश

पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी बयानबाजी बढ़ गई है। हुमायूं कबीर ने दावा किया है कि वे बंगाली भाषी मुस्लिमों के लिए काम कर रहे हैं, जबकि ओवैसी गैर-बंगाली मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व करते हैं। कबीर ने ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर करने का भी आश्वासन दिया।

मुख्य बातें

हुमायूं कबीर का दावा है कि वे बंगाली भाषी मुस्लिमों के लिए काम कर रहे हैं।
असदुद्दीन ओवैसी गैर-बंगाली मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
दोनों पार्टियाँ मिलकर चुनाव में भाग लेंगी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर करने का लक्ष्य है।
पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में होगा।

कोलकाता, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी बयानबाजी तेज हो गई है। आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि वह बंगाली भाषी मुस्लिमों के हित में कार्य कर रहे हैं, जबकि असदुद्दीन ओवैसी गैर-बंगाली मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल में ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम और कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी मिलकर चुनावी मैदान में उतरेंगी।

हुमायूं कबीर ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मैं बंगाली भाषी मुसलमानों के लिए काम कर रहा हूं और ओवैसी गैर-बंगाली मुसलमानों के लिए।" उन्होंने दावा किया कि उनकी और ओवैसी की जोड़ी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पद से हटाने में सफल होगी।

कबीर ने अपनी चुनावी रणनीति का खुलासा करते हुए बताया कि उनकी पार्टी राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से लगभग 200 सीटों पर चुनाव में भाग लेगी।

इस दौरान, कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, "मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का निर्माण कार्य जारी है। इसे वहीं बनने दीजिए। यह अयोध्या नहीं है, बल्कि यह बंगाल का मुर्शिदाबाद है। हम इसे दो वर्षों में पूरा करेंगे।"

पश्चिम बंगाल की सभी 294 सीटों पर इस बार मतदान दो चरणों में होगा। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा, जिसमें 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जिसमें 142 सीटें शामिल हैं। चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

गौरतलब है कि पिछले चुनाव की तुलना में इस बार चुनावी प्रक्रिया को सरल बनाने और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मतदान चरणों की संख्या को 8 से घटाकर 2 कर दिया गया है।

राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं, और सभी सीटों पर चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीतियों को तेज कर दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे यह स्पष्ट होता है कि चुनावी राजनीति की जटिलताएँ अब और भी बढ़ रही हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुमायूं कबीर किस पार्टी के संस्थापक हैं?
हुमायूं कबीर आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक हैं।
असदुद्दीन ओवैसी किसका प्रतिनिधित्व करते हैं?
असदुद्दीन ओवैसी गैर-बंगाली मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
पश्चिम बंगाल में चुनाव कब होंगे?
पश्चिम बंगाल में चुनाव 23 और 29 अप्रैल 2023 को होंगे।
हुमायूं कबीर का क्या दावा है?
हुमायूं कबीर ने दावा किया है कि उनकी जोड़ी ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर कर देगी।
बाबरी मस्जिद का निर्माण कहाँ हो रहा है?
बाबरी मस्जिद का निर्माण मुर्शिदाबाद में हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस