₹112 करोड़ का लैपटॉप निविदा घोटाला: वाईएसआरसीपी ने टीडीपी गठबंधन पर लगाया बड़ा आरोप, सीबीआई जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
वाईएसआरसीपी छात्र विंग के कार्यकारी अध्यक्ष ए. रविचंद्र ने 12 जुलाई 2026 को ताडेपल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश के शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के लिए लैपटॉप खरीद में ₹112 करोड़ का घोटाला किया है। उन्होंने सरकार से निविदाएं तत्काल रद्द करने, खरीद प्रक्रिया पर रोक लगाने और कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच का आदेश देने की मांग की।
मुख्य आरोप: क्या है पूरा मामला
रविचंद्र के अनुसार, राज्य सरकार 3,500 सरकारी हाई स्कूलों की कंप्यूटर प्रयोगशालाओं के लिए 27,672 लैपटॉप खरीद रही है। उनका आरोप है कि निविदा शर्तों को जानबूझकर इस प्रकार तैयार किया गया कि 70 प्रतिशत आपूर्ति कंपनी शानबे को और 30 प्रतिशत कंपनी सेलकॉन को मिले, जिससे निजी ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
कीमतों में भारी अंतर: बाज़ार भाव से दोगुनी दर
रविचंद्र ने दावा किया कि खुले बाज़ार में ₹45,000 से ₹50,000 में उपलब्ध लैपटॉप सरकार द्वारा ₹89,000 प्रति लैपटॉप की दर से खरीदे जा रहे हैं। इस हिसाब से प्रति लैपटॉप लगभग ₹40,000 का अतिरिक्त भुगतान होता है, जिससे सरकारी खजाने को कुल मिलाकर लगभग ₹112 करोड़ का नुकसान होने का आरोप है।
उन्होंने तुलनात्मक उदाहरण देते हुए कहा कि असम के शिक्षा विभाग ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) के माध्यम से समान विशेषताओं वाले लैपटॉप मात्र ₹38,501 में खरीदे थे। उन्होंने सवाल उठाया कि आंध्र प्रदेश इससे दोगुने से भी अधिक कीमत क्यों चुका रहा है।
GeM और 'मेक इन इंडिया' दिशानिर्देशों की अनदेखी का आरोप
रविचंद्र ने आरोप लगाया कि गठबंधन सरकार ने केंद्र सरकार के 'मेक इन इंडिया' दिशानिर्देशों और GeM पोर्टल के नियमों की अनदेखी की। उन्होंने यह भी कहा कि अनिवार्य निर्माता विवरण के स्थान पर स्व-घोषणा की अनुमति देकर निविदा शर्तों को जानबूझकर कमज़ोर किया गया, जिससे पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
शिक्षा मंत्री लोकेश से जवाब की मांग
वाईएसआरसीपी नेता ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश से इस भारी मूल्य अंतर का स्पष्टीकरण देने और संपूर्ण निविदा प्रक्रिया का खुलासा करने की माँग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो वाईएसआरसीपी छात्र विंग राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में टीडीपी नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार और विपक्षी वाईएसआरसीपी के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। सरकार ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। सीबीआई जांच की मांग और संभावित राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी के बाद यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक राजनीतिक गर्मी पैदा कर सकता है।