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CM भूपेंद्र पटेल ने दी श्रद्धांजलि: मोहनसिंह राठवा और महेश पाटंगे को अंतिम विदाई

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CM भूपेंद्र पटेल ने दी श्रद्धांजलि: मोहनसिंह राठवा और महेश पाटंगे को अंतिम विदाई

सारांश

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने एक ही दिन दो दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी — पाँच दशकों तक आदिवासी राजनीति के स्तंभ रहे 10 बार के विधायक मोहनसिंह राठवा और विद्या भारती के संगठन मंत्री महेश पाटंगे। दोनों के जाने से गुजरात के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में गहरा शून्य आया है।

मुख्य बातें

CM भूपेंद्र पटेल ने 13 जुलाई 2025 को पूर्व मंत्री मोहनसिंह राठवा और महेश पाटंगे की प्रार्थना सभाओं में श्रद्धांजलि अर्पित की।
मोहनसिंह राठवा का 5 जुलाई 2025 को 82 वर्ष की आयु में निधन हुआ; वे 10 बार गुजरात विधानसभा के सदस्य रहे।
राठवा ने 1972 से करीब पाँच दशकों तक पावी जेतपुर और छोटा उदयपुर का प्रतिनिधित्व किया।
2022 विधानसभा चुनाव से पूर्व राठवा ने कांग्रेस छोड़कर BJP में प्रवेश किया था।
महेश पाटंगे विद्या भारती गुजरात प्रदेश के प्रांत संगठन मंत्री थे और गुजरात में संगठन को मजबूत बनाने में उनकी अहम भूमिका रही।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 13 जुलाई 2025 को दो दिवंगत नेताओं — वरिष्ठ आदिवासी नेता एवं पूर्व मंत्री मोहनसिंह राठवा और विद्या भारती गुजरात प्रदेश के प्रांत संगठन मंत्री महेश पाटंगे — की प्रार्थना सभाओं में शामिल होकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री ने दोनों परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर शोक संवेदनाएँ भी व्यक्त कीं।

मोहनसिंह राठवा की प्रार्थना सभा

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सबसे पहले छोटा उदयपुर जिले के पावी जेतपुर स्थित श्री मोहनसिंह छोटूभाई राठवा आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज परिसर पहुँचे, जहाँ आयोजित प्रार्थना सभा में उन्होंने राठवा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

इस सभा में गुजरात भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा, राज्यसभा सांसद मुकेश राठवा, लोकसभा सांसद जशु राठवा और मनसुख वसावा, विधायक अभेसिंह तड़वी एवं जयंती राठवा, पूर्व सांसद गीता राठवा तथा पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री नारण राठवा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, धार्मिक नेता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

मोहनसिंह राठवा: पाँच दशकों का राजनीतिक सफर

मोहनसिंह राठवा का 5 जुलाई 2025 को 82 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। वह गुजरात के सबसे वरिष्ठ आदिवासी नेताओं में गिने जाते थे और आदिवासी कल्याण के प्रमुख पैरोकार के रूप में पहचाने जाते थे।

राठवा 10 बार गुजरात विधानसभा के सदस्य रहे। उन्होंने 1972 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता और करीब पाँच दशकों के राजनीतिक जीवन में पावी जेतपुर तथा छोटा उदयपुर विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने गुजरात सरकार में कई बार मंत्री के रूप में भी कार्य किया।

अपने राजनीतिक जीवन का अधिकांश समय कांग्रेस में बिताने के बाद उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व BJP का दामन थाम लिया था, हालाँकि खराब स्वास्थ्य के कारण वे चुनाव नहीं लड़ सके। उनके तीन पुत्र हैं, जिनमें छोटा उदयपुर (एसटी) से विधायक राजेंद्रसिंह राठवा भी शामिल हैं।

महेश पाटंगे को गांधीनगर में श्रद्धांजलि

इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल गांधीनगर के गोधावी स्थित संस्कार धाम पहुँचे, जहाँ विद्या भारती गुजरात प्रदेश के प्रांत संगठन मंत्री महेश पाटंगे की प्रार्थना सभा आयोजित थी। उन्होंने पाटंगे के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और परिजनों व सहयोगियों के साथ प्रार्थना में शामिल हुए।

BJP प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियाँ, पार्टी कार्यकर्ता और पाटंगे के परिवार के सदस्य भी श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए।

महेश पाटंगे लंबे समय से देशव्यापी शैक्षणिक संगठन विद्या भारती से जुड़े थे और गुजरात में संगठन की गतिविधियों को सुदृढ़ करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

आगे की राह

दोनों नेताओं के निधन से गुजरात के आदिवासी राजनीतिक परिदृश्य और शैक्षणिक-सामाजिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण शून्य उत्पन्न हुआ है। राठवा के पुत्र राजेंद्रसिंह राठवा की विधायकी उनकी विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में एक कड़ी मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी उनकी प्रतीकात्मक उपस्थिति आदिवासी बेल्ट में BJP के लिए महत्वपूर्ण थी। दोनों नेताओं को एक ही दिन श्रद्धांजलि देने में CM का उपस्थित होना राज्य सरकार की ओर से राजनीतिक और सामाजिक दोनों मोर्चों पर संवेदनशीलता का संकेत है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मोहनसिंह राठवा कौन थे और उनका निधन कब हुआ?
मोहनसिंह राठवा गुजरात के वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व मंत्री थे, जो 10 बार गुजरात विधानसभा के सदस्य रहे। उनका 5 जुलाई 2025 को 82 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हुआ।
CM भूपेंद्र पटेल ने श्रद्धांजलि कहाँ अर्पित की?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पावी जेतपुर (छोटा उदयपुर) स्थित श्री मोहनसिंह छोटूभाई राठवा आर्ट्स एंड साइंस कॉलेज में राठवा की प्रार्थना सभा में और गांधीनगर के गोधावी स्थित संस्कार धाम में महेश पाटंगे की प्रार्थना सभा में श्रद्धांजलि अर्पित की।
महेश पाटंगे का विद्या भारती से क्या संबंध था?
महेश पाटंगे विद्या भारती गुजरात प्रदेश के प्रांत संगठन मंत्री थे। वे लंबे समय से इस देशव्यापी शैक्षणिक संगठन से जुड़े थे और गुजरात में इसकी गतिविधियों को सुदृढ़ करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मोहनसिंह राठवा का राजनीतिक सफर कैसा रहा?
राठवा ने 1972 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीता और करीब पाँच दशकों तक पावी जेतपुर व छोटा उदयपुर क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने अपना अधिकांश राजनीतिक जीवन कांग्रेस में बिताया और 2022 चुनाव से पहले BJP में शामिल हुए, हालाँकि खराब स्वास्थ्य के कारण चुनाव नहीं लड़ सके।
राठवा की प्रार्थना सभा में कौन-कौन उपस्थित रहे?
प्रार्थना सभा में BJP प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा, राज्यसभा सांसद मुकेश राठवा, लोकसभा सांसद जशु राठवा और मनसुख वसावा, पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री नारण राठवा सहित विभिन्न दलों के नेता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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