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सेंट्रल रेलवे की चेतावनी: कलवा कार शेड और सिग्नल पर खड़ी ट्रेनों में चढ़ना खतरनाक व दंडनीय

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सेंट्रल रेलवे की चेतावनी: कलवा कार शेड और सिग्नल पर खड़ी ट्रेनों में चढ़ना खतरनाक व दंडनीय

सारांश

मुंबई में सेंट्रल रेलवे ने कलवा कार शेड के पास सिग्नल पर रुकने वाली खाली लोकल में चढ़ने की बढ़ती प्रवृत्ति पर सख्त रुख अपनाया है — गेट बंद, RPF तैनात और रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी। यह कदम लाखों मुंबईकरों की दैनिक सुरक्षा से सीधे जुड़ा है।

मुख्य बातें

सेंट्रल रेलवे ने 12 जुलाई 2026 को यात्रियों को यार्ड, कार शेड और सिग्नल पर खड़ी ट्रेनों में चढ़ने से सख्त मना किया।
कलवा कार शेड से निकलने वाली खाली लोकल सुबह 8 से 8:30 बजे के बीच सिग्नल पर रुकती है — यहीं अनधिकृत बोर्डिंग की घटनाएँ होती हैं।
संबंधित प्रवेश द्वार को स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान संबंधित स्थान पर तैनात किए गए हैं।
अनधिकृत बोर्डिंग रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है; पकड़े जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
सहायता के लिए यात्री हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क कर सकते हैं।

सेंट्रल रेलवे ने 12 जुलाई 2026 को मुंबई के यात्रियों को कड़ी चेतावनी जारी की है कि वे केवल निर्धारित प्लेटफॉर्म से ही ट्रेनों में चढ़ें और उतरें — यार्ड, कार शेड, सिग्नल या किसी भी अनधिकृत स्थान से ट्रेन पकड़ने की कोशिश न केवल जानलेवा है, बल्कि रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध भी है। यह चेतावनी विशेष रूप से कलवा कार शेड के निकट बढ़ती अनधिकृत बोर्डिंग की घटनाओं के मद्देनज़र जारी की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

रेलवे के अनुसार, कलवा कार शेड से प्रतिदिन सुबह लगभग 8 बजे से 8:30 बजे के बीच एक खाली लोकल ट्रेन निकलती है, जो मुख्य प्रवेश द्वार के पास सिग्नल के कारण कुछ देर के लिए रुकती है। इस रुकावट का फायदा उठाते हुए कुछ यात्री गेट पार कर उस खाली ट्रेन में सवार होने की कोशिश करते हैं।

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सिग्नल मिलते ही ट्रेन अचानक आगे बढ़ सकती है, जिससे इस तरह चढ़ने का प्रयास करने वाले यात्रियों के गंभीर रूप से घायल होने या जान गँवाने का खतरा बना रहता है।

सुरक्षा उपाय

यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेंट्रल रेलवे ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर उस प्रवेश द्वार को स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही यह भी विचाराधीन है कि सिग्नल पर ट्रेनों के रुकने की स्थिति को कैसे समाप्त किया जाए। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों को संबंधित स्थान पर तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

कानूनी प्रावधान

रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया कि कार शेड, यार्ड या अन्य गैर-यात्री क्षेत्रों में खड़ी खाली ट्रेनों में चढ़ना रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आम यात्रियों से अपील

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें और केवल निर्धारित प्लेटफॉर्म का उपयोग करें। किसी भी सहायता या आपात स्थिति में यात्री रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क कर सकते हैं या ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मचारियों से मदद ले सकते हैं। गौरतलब है कि मुंबई की लोकल ट्रेनें रोज़ाना लाखों यात्रियों की जीवनरेखा हैं और भीड़भाड़ के चलते ऐसी घटनाएँ बार-बार सामने आती रही हैं।

आगे क्या होगा

संबंधित गेट को स्थायी रूप से बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और सिग्नल पर ट्रेन रोकने की ज़रूरत खत्म करने के लिए तकनीकी समाधान पर विचार जारी है। RPF की निगरानी तब तक जारी रहेगी जब तक स्थायी व्यवस्था लागू नहीं हो जाती।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठाती है कि मुंबई जैसे शहर में जहाँ लोकल ट्रेनें पहले से ही क्षमता से अधिक भरी होती हैं, यात्री आखिर अनधिकृत रास्तों से ट्रेन पकड़ने को मजबूर क्यों होते हैं। गेट बंद करना और RPF तैनात करना तात्कालिक समाधान है, लेकिन मूल समस्या — पर्याप्त फ्रीक्वेंसी और क्षमता का अभाव — का जवाब इस घोषणा में नहीं है। जब तक यात्री दबाव कम नहीं होता, ऐसी घटनाएँ नए रूपों में सामने आती रहेंगी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों को किन स्थानों से ट्रेन में चढ़ने से मना किया है?
सेंट्रल रेलवे ने यार्ड, कार शेड, सिग्नल और अन्य किसी भी अनधिकृत स्थान से ट्रेन में चढ़ने पर रोक लगाई है। यात्रियों को केवल निर्धारित प्लेटफॉर्म से ही ट्रेन में सवार होने की अनुमति है।
कलवा कार शेड पर यह समस्या क्यों हो रही है?
कलवा कार शेड से प्रतिदिन सुबह 8 से 8:30 बजे के बीच एक खाली लोकल ट्रेन निकलती है जो मुख्य प्रवेश द्वार के पास सिग्नल के कारण कुछ देर रुकती है। इस दौरान कुछ यात्री गेट पार कर उस ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करते हैं, जो बेहद जोखिमभरा है।
क्या अनधिकृत स्थान से ट्रेन में चढ़ना कानूनी अपराध है?
हाँ, कार शेड, यार्ड या अन्य गैर-यात्री क्षेत्रों में खड़ी ट्रेनों में चढ़ना रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सेंट्रल रेलवे ने इस समस्या से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
रेलवे ने संबंधित प्रवेश द्वार को स्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है और RPF जवानों को उस स्थान पर तैनात किया गया है। इसके अलावा सिग्नल पर ट्रेनों के रुकने की स्थिति समाप्त करने के तकनीकी विकल्पों पर भी विचार हो रहा है।
यात्री आपात स्थिति में सेंट्रल रेलवे से कैसे संपर्क करें?
किसी भी सहायता या आपात स्थिति में यात्री रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क कर सकते हैं या ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मचारियों से मदद ले सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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