कुमारस्वामी ने बर्नपुर में IISCO का 84,000 घन मीटर जलाशय उद्घाटित किया, 4.08 MTPA विस्तार को मिलेगी रफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने रविवार, 12 जुलाई को पश्चिम बंगाल के बर्नपुर स्थित आईआईएससीओ स्टील प्लांट (ISP) में नवनिर्मित आरसीसी जल भंडार का उद्घाटन किया। स्टील मंत्रालय के बयान के अनुसार, यह जलाशय प्लांट की भावी 4.08 MTPA क्षमता विस्तार योजना की जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। यह दौरा केंद्रीय मंत्री की तीन दिवसीय पश्चिम बंगाल यात्रा का पहला दिन था।
जलाशय की विशेषताएँ और एकीकृत जल प्रणाली
नवनिर्मित रीइन्फोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट (RCC) वॉटर रिज़र्वॉयर की भंडारण क्षमता 84,000 घन मीटर है। यह जलाशय मुख्य रूप से COB-10 (कोक ओवन बैटरी) की जल आवश्यकताओं को पूरा करेगा और साथ ही स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के अंतर्गत संचालित इस प्लांट के विस्तार प्रोजेक्ट को सहयोग देगा।
अधिकारियों ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि इस एकीकृत प्रणाली में नवनिर्मित बूस्टर पंप हाउस, COB-10 के लिए समर्पित पंप हाउस और निर्माणाधीन प्रोसेस वॉटर पंप हाउस शामिल हैं। ये सभी इकाइयाँ मिलकर एक क्लोज्ड-लूप वॉटर सर्कुलेशन सिस्टम का निर्माण करेंगी, जिससे जल की बचत बढ़ेगी, नुकसान घटेगा और परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा।
COB-12 और ब्लास्ट फर्नेस का निरीक्षण
कुमारस्वामी ने अपने दौरे की शुरुआत COB-12 (स्टैम्प चार्ज कोक ओवन बैटरी) परियोजना के निरीक्षण से की, जो आईआईएससीओ की क्षमता वृद्धि की प्रमुख पहलों में से एक है। वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें बैटरी प्रॉपर, कोक ड्राई कूलिंग प्लांट (CDQ), बाय-प्रोडक्ट प्लांट और आधुनिक पर्यावरण संरक्षण प्रणालियों की प्रगति से अवगत कराया।
इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने प्लांट के ब्लास्ट फर्नेस का निरीक्षण किया और परिचालन प्रदर्शन, उत्पादन मानकों तथा चल रही आधुनिकीकरण पहलों की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि प्लांट ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 29 लाख टन हॉट मेटल का उत्पादन किया, जो निरंतर बेहतर होती उत्पादकता का संकेत है। कुमारस्वामी ने ब्लास्ट फर्नेस कंट्रोल रूम का भी दौरा किया और इंजीनियरों व कर्मचारियों से सीधे संवाद किया।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक और पूंजीगत व्यय में बड़ी छलांग
निरीक्षण के बाद केंद्रीय मंत्री की अध्यक्षता में आईआईएससीओ स्टील प्लांट के समग्र प्रदर्शन पर एक विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इसमें SAIL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अशोक कुमार पांडा, आईआईएससीओ के डायरेक्टर इन-चार्ज, कार्यकारी निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
बैठक में उत्पादन प्रदर्शन, आधुनिकीकरण परियोजनाओं, क्षमता विस्तार, सस्टेनेबिलिटी पहलों, पूंजीगत व्यय, तकनीकी अंगीकरण और भविष्य की विकास रणनीतियों पर विचार-विमर्श हुआ। कुमारस्वामी ने पूंजीगत व्यय में हुई उल्लेखनीय वृद्धि की सराहना की — आईआईएससीओ ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹1,860 करोड़ का पूंजीगत व्यय किया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह ₹689 करोड़ था — यानी एक वर्ष में लगभग 2.7 गुना की वृद्धि।
सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात पारितंत्र को मज़बूत करने की प्रतिबद्धता
गौरतलब है कि यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के इस्पात उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने पर ज़ोर दे रही है। कुमारस्वामी ने जोर देकर कहा कि रणनीतिक विस्तार परियोजनाओं को समय पर पूरा करना भारत की इस्पात विनिर्माण क्षमताओं को सुदृढ़ करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा। यह तीन दिवसीय दौरा प्लांट के विस्तार, इंफ्रास्ट्रक्चर, सस्टेनेबिलिटी और कर्मचारी कल्याण की व्यापक समीक्षा के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।