हरियाणा को विश्वस्तरीय ज्ञान अर्थव्यवस्था केंद्र बनाएंगे: CM नायब सिंह सैनी ने GJUST हिसार में किया ₹7.58 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 12 जुलाई 2026 को हिसार स्थित गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUST) में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का सर्वोच्च लक्ष्य हरियाणा को एक विश्वस्तरीय ज्ञान अर्थव्यवस्था केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इस दिशा में राज्य के शिक्षा तंत्र को 'पुनर्गठन, पुनर्कल्पना और पुनर्निवेश' के तीन मूल सिद्धांतों पर नया आकार दिया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने ₹7.58 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास भी किया।
मुख्य परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
मुख्यमंत्री सैनी ने कार्यक्रम में तीन प्रमुख परियोजनाओं की घोषणा की। ₹6 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले बालिका छात्रावास की आधारशिला रखी गई, जो परिसर में छात्राओं की आवासीय सुविधा को सुदृढ़ करेगा। स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को बल देने के उद्देश्य से ₹1.40 करोड़ की लागत से निर्मित नर्सिंग विभाग भवन का उद्घाटन किया गया। इसके अतिरिक्त, ₹18 लाख की लागत से खेजड़ली में बलिदान स्मृति शिल्प और माता अमृता देवी सर्कल का भी लोकार्पण किया गया।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि नवनिर्मित नर्सिंग ब्लॉक का नाम पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के नाम पर रखा जाएगा — एक ऐसा निर्णय जो राज्य की राजनीतिक विरासत को शैक्षणिक संस्थानों से जोड़ने की परंपरा को आगे बढ़ाता है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और GJUST की उपलब्धि
सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाने की दृष्टि से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को देशभर में लागू किया गया है, और हरियाणा के विश्वविद्यालय तथा संबद्ध महाविद्यालय इसे प्रभावी ढंग से अपना रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि GJUST ने NEP के कार्यान्वयन में एक अनुकरणीय मानक स्थापित किया है, जिसके लिए राज्य सरकार ने इसे NEP कार्यान्वयन उत्कृष्टता पुरस्कार 2025 (स्वर्ण श्रेणी) से सम्मानित किया है।
यह ऐसे समय में आया है जब देश के अनेक राज्य NEP के क्रियान्वयन की गति और गुणवत्ता को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। GJUST का स्वर्ण पुरस्कार इस संदर्भ में हरियाणा की शैक्षणिक प्रशासन क्षमता का एक सकारात्मक संकेत है।
विकसित भारत 2047 और संस्थानों की भूमिका
मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि GJUST जैसे संस्थानों से उम्मीद है कि वे केवल डिग्री वितरण केंद्र न बनें, बल्कि अनुसंधान और नवाचार के जीवंत केंद्रों के रूप में उभरें — जो स्थानीय उद्योगों और वैश्विक प्रौद्योगिकियों के बीच एक सेतु का काम करें। उन्होंने कहा कि तभी प्रधानमंत्री मोदी द्वारा परिकल्पित 'विकसित भारत-2047' की संकल्पना साकार हो सकती है।
गौरतलब है कि उच्च शिक्षा को रोज़गार और उद्योग से जोड़ने की यह माँग वर्षों से नीति-निर्माताओं के एजेंडे पर है, लेकिन राज्य-स्तरीय क्रियान्वयन की गति अक्सर घोषणाओं से पीछे रही है।
पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत
सैनी ने उपस्थित जनसमूह से प्रधानमंत्री मोदी के अभियान 'एक पेड़ माँ के नाम' को आगे बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि माता अमृता देवी और गुरु जंभेश्वर महाराज द्वारा दिखाया गया पर्यावरण-संरक्षण का मार्ग आज भी प्रासंगिक है और पूर्वजों के सपनों को पूरा करने में सहायक होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का दृढ़ विश्वास है कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जो नैतिक, संवेदनशील और जागरूक हो — तकनीकी दक्षता के साथ-साथ सांस्कृतिक जड़ों से भी गहराई से जुड़ा हो।
आने वाले समय में GJUST में इन परियोजनाओं के पूर्ण होने और NEP के व्यापक क्रियान्वयन के परिणाम हरियाणा की ज्ञान अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेंगे।