क्या सरकार स्टार्टअप्स को आर्थिक मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है? : सीएम सैनी
सारांश
Key Takeaways
- हरियाणा में 9,500 से अधिक स्टार्टअप्स हैं।
- सरकार स्टार्टअप्स को आर्थिक मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है।
- युवा इनोवेटर्स राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं।
- प्रधानमंत्री मोदी का विजन स्टार्टअप्स के लिए प्रेरणा है।
- 2047 तक देश को विकसित बनाने का संकल्प।
चंडीगढ़, 21 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को मानेसर में बजट से पूर्व सलाह-मशविरे के कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप फाउंडर्स और एंटरप्रेन्योर्स से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि युवा इनवेटर्स और स्टार्टअप राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, 'नेशनल स्टार्टअप डे' 16 जनवरी को मनाया गया था, और "आज की प्री-बजट कंसल्टेशन उसी सेलिब्रेशन का अगला कदम है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, "स्टार्टअप इंडिया केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह एक 'इंद्रधनुषी विजन' है जो विभिन्न सेक्टर्स को नई संभावनाओं से जोड़ता है।"
उन्होंने कहा कि एक स्टार्टअप "एक ऐसा आइडिया है जिसे ठोस रूप देने की आवश्यकता है। यह एक छोटा सा बीज है, जिसे उचित समर्थन मिले तो वह एक विशाल पेड़ बन सकता है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2047 तक देश को विकसित बनाने के संकल्प के साथ सरकार तेजी से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज देश में बड़े और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा, "चाहे वह सड़क और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर हो या अन्य विकास परियोजनाएं, भारत अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास की एक नई दिशा पकड़ी है, और हर सेक्टर में प्रगति स्पष्ट है।"
स्टार्टअप फाउंडर्स द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ईज-ऑफ-डूइंग बिजनेस, फंडिंग और टेक्निकल सपोर्ट जैसे मुद्दों पर मिले आइडियाज को नोट कर लिया गया है।
उन्होंने कहा, "कोई भी आइडिया कितना भी छोटा क्यों न हो, अगर उसमें दम और विजन है, तो दुनिया बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता।"
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में देश में स्टार्टअप्स की संख्या 500 से बढ़कर 2 लाख से अधिक हो गई है।
उन्होंने आगे कहा, "इस ग्रोथ में हरियाणा ने, विशेषकर गुरुग्राम और मानेसर में, अहम भूमिका निभाई है। हरियाणा में अब 9,500 से अधिक स्टार्टअप हैं और इस मामले में यह देश में सातवें स्थान पर है। इसके अतिरिक्त, हरियाणा से 19 यूनिकॉर्न निकले हैं।"