गुरमुख सिंह की पुस्तक 'ग्रेट इंडो-कैनेडियन' का विमोचन: एक नई दिशा की ओर

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गुरमुख सिंह की पुस्तक 'ग्रेट इंडो-कैनेडियन' का विमोचन: एक नई दिशा की ओर

सारांश

नई दिल्ली में अनिवासी भारतीयों की भूमिका को उजागर करने वाली गुरमुख सिंह की पुस्तक 'ग्रेट इंडो-कैनेडियन' का विमोचन हुआ है। इस पुस्तक में भारतीय संस्कृति को संरक्षित करने वाले उद्यमियों की प्रेरक कहानियाँ शामिल हैं।

Key Takeaways

  • गुरमुख सिंह की पुस्तक 'ग्रेट इंडो-कैनेडियन' का विमोचन हुआ।
  • अनिवासी भारतीयों का भारतीय संस्कृति में योगदान महत्वपूर्ण है।
  • पुस्तक में भारतीय-कनाडाई उद्यमियों की प्रेरक कहानियाँ हैं।
  • कई व्यक्तियों को कनाडा और भारत में पुरस्कार मिले हैं।
  • यह पुस्तक युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रत्यूष कांत ने सोमवार को कहा कि अनिवासी भारतीय (एनआरआई) भारतीय संस्कृति के सच्चे राजदूत हैं, जिनकी '2047 तक विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका है।

टोरंटो के वरिष्ठ पत्रकार गुरमुख सिंह द्वारा लिखी गई पुस्तक 'ग्रेट इंडो-कैनेडियन' के विमोचन समारोह में बोलते हुए कांत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश ने बड़ी प्रगति की है और विदेशों में बसे भारतीय मूल के लोगों के योगदान का भरपूर लाभ उठाया है।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने आगे कहा कि विदेशों में बसे भारतीयों ने अपनी कड़ी मेहनत से स्वयं और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने जहां भी बसे हैं, वहां भारतीय संस्कृति को संरक्षित रखा है।

कांत ने भारतीय संस्कृति और मूल्यों के संरक्षक के रूप में लेखक गुरमुख सिंह की भूमिका की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि उनकी पुस्तक पारंपरिक कहानी कहने की सीमाओं को पार करती है और देशभक्त भारतीय-कनाडाई हस्तियों के जीवन को उजागर करती है, जो युवा पीढ़ी के लिए आदर्श हैं।

इस कॉफी टेबल बुक में कुछ विशिष्ट भारतीय-कनाडाई उद्यमियों की कहानी है, जिन्होंने सफल व्यवसाय स्थापित किए हैं, चैरिटी सहित विभिन्न तरीकों से समाज को समृद्ध किया है और कनाडा में 'ब्रांड इंडिया' को बढ़ावा दिया है।

इन व्यक्तियों में वे लोग भी शामिल हैं, जिन्हें कनाडा और भारत दोनों में शीर्ष पुरस्कार मिले हैं।

ऑर्डर ऑफ कनाडा और प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार से सम्मानित, तमिलनाडु में जन्मे वीआई 'लकी' लक्ष्मणन कनाडा के शीर्ष क्लीन एनर्जी वैज्ञानिक हैं, जिन्होंने प्रोसेस रिसर्च ऑर्टेक की स्थापना की है, जो आज सतत प्रक्रिया प्रौद्योगिकियों में वैश्विक स्तर पर अग्रणी है।

प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार से सम्मानित, गुजरात मूल के रमेश छोटाई ने कनाडा की शीर्ष निजी फार्मेसी श्रृंखलाओं में से एक, ब्रोमेड फार्मास्युटिकल्स की स्थापना की।

हरियाणा में जन्मे चार्टर्ड अकाउंटेंट-उद्यमी सतीश ठक्कर ने इंडो-कनाडा चैंबर ऑफ कॉमर्स और कनाडा इंडिया फाउंडेशन का नेतृत्व किया है और रियल एस्टेट में रुचि रखने वाले एक्सेल्सियर ग्रुप की स्थापना की है। ठक्कर को कनाडा में योग और आयुर्वेद लाने का श्रेय दिया जाता है।

गुजरात में जन्मे अनिल शाह ने धातु व्यापार में अग्रणी कंपनी नी-मेट की स्थापना की। उनको कनाडा में दिवाली चैरिटी गैला की शुरुआत का श्रेय दिया जाता है।

लुधियाना में जन्मे सुरजीत बाबरा पहले सिख उद्यमी थे, जिन्होंने स्काईलिंक एयरलाइन की स्थापना की।

सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इस पुस्तक में शामिल व्यक्तियों ने कनाडा और भारत में दान संस्थाओं को लाखों डॉलर का दान दिया है।

अपनी सुंदर प्रवाहमय शैली और आकर्षक चित्रों के साथ, यह पुस्तक पढ़ने में बेहद रुचिकर है।

टोरंटो में रहने वाले गुरमुख सिंह टाइम्स ऑफ इंडिया (दिल्ली) के पूर्व विशेष संवाददाता और राष्ट्र प्रेस कनाडा के संवाददाता रह चुके हैं।

उन्होंने ग्लोब एंड मेल, टोरंटो सन, नेशनल पोस्ट और कैनेडियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (सीबीसी) जैसे सभी प्रमुख कनाडाई समाचार पत्रों के लिए भी लिखा है।

Point of View

जो अनिवासी भारतीयों के योगदान को मान्यता देता है। यह न केवल भारतीय संस्कृति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि इसे युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनाता है।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

गुरमुख सिंह कौन हैं?
गुरमुख सिंह एक वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने 'ग्रेट इंडो-कैनेडियन' पुस्तक लिखी है।
इस पुस्तक में क्या विशेष है?
यह पुस्तक भारतीय-कनाडाई उद्यमियों की कहानियों को उजागर करती है जो समाज को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कौन से पुरस्कार दिए गए हैं?
इस पुस्तक में शामिल व्यक्तियों को कनाडा और भारत दोनों में शीर्ष पुरस्कार मिले हैं।
पुस्तक का विमोचन कब हुआ?
पुस्तक का विमोचन 9 मार्च को नई दिल्ली में हुआ।
इस पुस्तक का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य अनिवासी भारतीयों के योगदान और भारतीय संस्कृति को उजागर करना है।
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