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आर्मी चीफ का डिफेंस कॉलेज दौरा: तीनों सेनाओं की संयुक्तता पर जोर

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आर्मी चीफ का डिफेंस कॉलेज दौरा: तीनों सेनाओं की संयुक्तता पर जोर

सारांश

भारतीय सेना ने भविष्य के युद्धक्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तीनों सेनाओं की संयुक्तता को मजबूत करने की पहल की है। जानें सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के विचार और नई सुरक्षा नियमावली के बारे में।

मुख्य बातें

आधुनिक युद्ध की तैयारियों के लिए सेना में सुधार जारी हैं।
तीनों सेनाओं की संयुक्तता बढ़ाने के लिए थियेटरीकरण प्रक्रिया चल रही है।
नई सुरक्षा नियमावली मंत्रालय में सुरक्षित वातावरण बनाए रखने में मदद करेगी।
डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में उच्च स्तरीय सैन्य प्रशिक्षण दिया जाता है।
सैन्य कूटनीति का महत्व बढ़ता जा रहा है ।

नई दिल्ली, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना आधुनिक और भविष्य के युद्धक्षेत्र की तैयारियों के मद्देनजर कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इनमें से एक कदम तीनों सेनाओं, यानी वायुसेना, नौसेना और थलसेना की संयुक्तता (थियेटरीकरण) को मजबूत करना है।

भारतीय थलसेना के अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इस पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि सैन्य कूटनीति और सेना की तैयारियों के अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई।

इसके अलावा, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने रक्षा मंत्रालय के नए सुरक्षा निर्देशों की एक नियमावली जारी की है। मंत्रालय के अनुसार, यह नियमावली सुरक्षा दिशा-निर्देशों का एक विस्तृत दस्तावेज है। रक्षा सचिव ने सुरक्षा कर्मियों और अधिकारियों से इसके प्रभावी कार्यान्वयन पर जोर दिया।

राजेश कुमार सिंह के अनुसार, यह नई नियमावली मंत्रालय के भीतर एक सुरक्षित वातावरण बनाए रखने में सहायक होगी। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज वेलिंगटन का दौरा किया, जहां उन्होंने कॉलेज में अध्ययन कर रहे अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण संवाद किया।

अधिकारियों को संबोधित करते हुए, उन्होंने भारतीय थलसेना में चल रहे व्यापक परिवर्तन, भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारियों और सुरक्षा परिवेश में आ रहे बदलावों पर विस्तृत विचार साझा किए।

सेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय थलसेना आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति को ध्यान में रखते हुए अपने ढांचे, क्षमताओं और कार्यप्रणाली में सुधार कर रही है। उन्होंने बताया कि सेना को आधुनिक और भविष्य के युद्धक्षेत्र के अनुकूल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार किए जा रहे हैं।

उन्होंने विशेष रूप से तीनों सेनाओं के संयुक्त संचालन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से चल रही थियेटरीकरण प्रक्रिया की प्रगति का भी उल्लेख किया। सेना प्रमुख ने कहा कि बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल में सैन्य कूटनीति का महत्व तेजी से बढ़ रहा है।

गौरतलब है कि इसी को ध्यान में रखते हुए मित्र देशों के साथ सैन्य सहयोग, संयुक्त अभ्यास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ाया जा रहा है। इससे न केवल आपसी विश्वास मजबूत होता है, बल्कि विभिन्न सेनाओं के बीच अनुभव और रणनीतिक समझ का आदान-प्रदान भी संभव होता है।

भारतीय थलसेना अपनी संगठनात्मक संरचना, सैन्य क्षमताओं और सैन्य सिद्धांतों में लगातार नए बदलाव कर रही है ताकि भविष्य में उभरने वाली सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

सैन्य नेतृत्व का मानना है कि आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और समन्वित रणनीति के माध्यम से सेना को अधिक सक्षम और तैयार बनाया जा रहा है। दौरे के दौरान जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कॉलेज के संकाय सदस्यों, तीनों सेनाओं के अधिकारियों एवं मित्र देशों से आए पाठ्यक्रम अधिकारियों के साथ भी बातचीत की।

इस दौरान उन्होंने पेशेवर सैन्य संवाद, ज्ञान के आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व पर जोर दिया। अपने दौरे के विशेष कार्यक्रम में सेना प्रमुख ने उत्कृष्ट सेवा, पेशेवर दक्षता और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए चयनित सैन्य कर्मियों को प्रशंसा पत्र भी प्रदान किए।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे सम्मान सैनिकों को बेहतर कार्य के लिए प्रेरित करते हैं और सेना की कार्यसंस्कृति को मजबूत बनाते हैं। डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज भारत के प्रमुख सैन्य प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है, जहां भारतीय सशस्त्र बलों के साथ-साथ कई मित्र देशों के अधिकारी भी उच्च स्तरीय सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। यहां दिया जाने वाला प्रशिक्षण भविष्य के सैन्य नेतृत्व को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भविष्य की चुनौतियों के प्रति हमारी तत्परता को भी दर्शाती है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय सेना की थियेटरीकरण प्रक्रिया क्या है?
थियेटरीकरण प्रक्रिया तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त संचालन को मजबूत करने का प्रयास है, जिससे युद्धक्षेत्र में प्रभावी ढंग से कार्य किया जा सके।
रक्षा मंत्रालय की नई नियमावली का उद्देश्य क्या है?
नई नियमावली का उद्देश्य मंत्रालय में एक सुरक्षित वातावरण बनाए रखना और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करना है।
डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज का महत्व क्या है?
यह कॉलेज भारत के प्रमुख सैन्य प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है, जो भारतीय सशस्त्र बलों के साथ-साथ मित्र देशों के अधिकारियों को भी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करता है।
सेना प्रमुख ने किस विषय पर अधिकारियों से चर्चा की?
सेना प्रमुख ने भारतीय थलसेना में चल रहे परिवर्तन, भविष्य की चुनौतियों और सुरक्षा परिवेश में आ रहे बदलावों पर चर्चा की।
सैन्य कूटनीति का महत्व क्यों बढ़ रहा है?
बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल के कारण सैन्य कूटनीति का महत्व तेजी से बढ़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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