13 जुलाई 2026
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कांगो में बुंडिबुग्यो इबोला: अमेरिकी सहायता कर्मी संक्रमित, 112 स्वास्थ्यकर्मी चपेट में, 35 की मौत

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कांगो में बुंडिबुग्यो इबोला: अमेरिकी सहायता कर्मी संक्रमित, 112 स्वास्थ्यकर्मी चपेट में, 35 की मौत

सारांश

कांगो के इतुरी प्रांत में एक अमेरिकी सहायता कर्मी के इबोला संक्रमित होने की पुष्टि ने फील्ड वर्कर्स की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। डीआरसी में अब तक 112 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित, 35 की मौत। WHO और अफ्रीका सीडीसी प्रमुख 18-19 जुलाई को बुनिया का संयुक्त दौरा करेंगे।

मुख्य बातें

डीआरसी के इतुरी प्रांत में काम कर रहे एक अमेरिकी मानवीय सहायता कर्मी के बुंडिबुग्यो इबोला से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।
अफ्रीका सीडीसी के आँकड़ों के अनुसार, डीआरसी में अब तक 112 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हो चुके हैं और 35 की मौत हो चुकी है।
पिछले महीने फ्रांस में भी डीआरसी से लौटे एक स्वास्थ्यकर्मी में बुंडिबुग्यो इबोला का आयातित मामला सामने आया था।
WHO महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस और अफ्रीका सीडीसी प्रमुख जीन कासेया 18-19 जुलाई को बुनिया का संयुक्त दौरा करेंगे।
अफ्रीका सीडीसी ने सभी संस्थाओं से कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत करने और लक्षण आने पर तुरंत सूचना देने की अपील की है।

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में जारी बुंडिबुग्यो इबोला प्रकोप के बीच एक अमेरिकी मानवीय सहायता कर्मी के संक्रमित होने की पुष्टि के बाद फील्ड में काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है। अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (अफ्रीका सीडीसी) ने 12 जुलाई को यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि संक्रमण की जाँच शुरू कर दी गई है।

मुख्य घटनाक्रम

संक्रमित अमेरिकी सहायता कर्मी डीआरसी के पूर्वी हिस्से में स्थित इतुरी प्रांत की राजधानी बुनिया में कार्यरत था — जो इस समय इबोला प्रकोप का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। अफ्रीका सीडीसी के अनुसार, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसे वायरस कहाँ और किस परिस्थिति में लगा। जाँचकर्ता उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान कर रहे हैं।

अफ्रीकी संघ की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी के ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, डीआरसी में अब तक 112 स्वास्थ्यकर्मी बुंडिबुग्यो इबोला वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि इनमें से 35 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आँकड़ा इबोला प्रकोपों में स्वास्थ्यकर्मियों की असाधारण रूप से उच्च संक्रमण दर को दर्शाता है।

अफ्रीका सीडीसी की चेतावनी

अफ्रीका सीडीसी के महानिदेशक जीन कासेया ने कहा, 'जो लोग इस बीमारी से लड़ रहे हैं, उनके लिए अच्छी गुणवत्ता वाले सुरक्षा उपकरण, संक्रमण रोकने की मज़बूत व्यवस्था, लगातार प्रशिक्षण, मानसिक सहयोग और सुरक्षित कामकाजी माहौल बेहद ज़रूरी हैं।'

एजेंसी ने प्रभावित इलाकों में काम कर रही सभी संस्थाओं से अपील की है कि वे अपने कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था और मज़बूत करें, संक्रमण के किसी भी लक्षण या संदेह की तुरंत सूचना दें और अपने स्टाफ को हर ज़रूरी सहायता उपलब्ध कराएँ।

फ्रांस में भी पहुँचा संक्रमण

गौरतलब है कि पिछले महीने फ्रांस में भी बुंडिबुग्यो इबोला का एक आयातित मामला सामने आया था। यह संक्रमण एक ऐसे स्वास्थ्यकर्मी में पाया गया था जिसने डीआरसी में इबोला नियंत्रण अभियान में काम किया था। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस प्रकोप के वैश्विक प्रसार की संभावना को लेकर सतर्क है।

WHO और अफ्रीका सीडीसी का संयुक्त दौरा

अफ्रीका सीडीसी प्रमुख जीन कासेया और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस 18 और 19 जुलाई को पूर्वी डीआरसी के सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र बुनिया का संयुक्त दौरा करेंगे। कासेया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि यह निर्णय जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में दोनों संगठनों के प्रमुखों की बैठक के बाद लिया गया, जिसमें डीआरसी और युगांडा में जारी बुंडिबुग्यो इबोला वायरस के प्रकोप पर चर्चा हुई।

कासेया ने कहा, 'हमने 18 और 19 जुलाई को साथ मिलकर बुनिया जाने का फैसला किया है। वहाँ हम राष्ट्रीय अधिकारियों, मोर्चे पर काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों, प्रभावित समुदायों और राहत कार्य में जुटे साझेदारों से मुलाकात करेंगे।' इस संयुक्त यात्रा का उद्देश्य प्रकोप पर काबू पाने के प्रयासों को और गति देना है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब डॉक्टर, नर्स, मानवीय सहायता कर्मी, स्वयंसेवक और अन्य फील्ड स्टाफ बेहद कठिन परिस्थितियों में निरंतर काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक बुनिया में संक्रमण की श्रृंखला नहीं तोड़ी जाती, तब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयातित मामलों का जोखिम बना रहेगा। WHO और अफ्रीका सीडीसी का संयुक्त दौरा इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि बुनिया में जाँच और संसाधन कितनी तेज़ी से पहुँचते हैं।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांगो में बुंडिबुग्यो इबोला प्रकोप क्या है?
बुंडिबुग्यो इबोला वायरस का यह प्रकोप कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) के पूर्वी हिस्से, विशेषकर इतुरी प्रांत की राजधानी बुनिया में केंद्रित है। अफ्रीका सीडीसी के अनुसार अब तक 112 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हो चुके हैं और 35 की मौत हो चुकी है।
अमेरिकी सहायता कर्मी को इबोला कैसे हुआ?
अफ्रीका सीडीसी के अनुसार, संक्रमित अमेरिकी सहायता कर्मी डीआरसी के इतुरी प्रांत में कार्यरत था। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसे वायरस कहाँ और किस परिस्थिति में लगा — जाँचकर्ता उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान कर रहे हैं।
WHO और अफ्रीका सीडीसी का बुनिया दौरा कब होगा?
WHO महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस और अफ्रीका सीडीसी प्रमुख जीन कासेया 18 और 19 जुलाई को बुनिया का संयुक्त दौरा करेंगे। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय अधिकारियों, फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों और प्रभावित समुदायों से मिलकर प्रकोप नियंत्रण प्रयासों को गति देना है।
क्या इबोला का संक्रमण अन्य देशों में भी फैला है?
हाँ, पिछले महीने फ्रांस में बुंडिबुग्यो इबोला का एक आयातित मामला सामने आया था। यह संक्रमण एक ऐसे स्वास्थ्यकर्मी में पाया गया था जो डीआरसी में इबोला नियंत्रण अभियान में काम करके लौटा था।
स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
अफ्रीका सीडीसी ने प्रभावित इलाकों में काम कर रही सभी संस्थाओं से कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था मज़बूत करने, संक्रमण के किसी भी लक्षण की तुरंत सूचना देने और स्टाफ को मानसिक सहयोग सहित हर ज़रूरी सहायता देने की अपील की है। महानिदेशक जीन कासेया ने गुणवत्तापूर्ण सुरक्षा उपकरण और सुरक्षित कामकाजी माहौल को अनिवार्य बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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