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कांगो में इबोला के मामले बढ़कर 896, 232 मौतें; 33 स्वास्थ्य क्षेत्र प्रभावित

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कांगो में इबोला के मामले बढ़कर 896, 232 मौतें; 33 स्वास्थ्य क्षेत्र प्रभावित

सारांश

डीआरसी में इबोला का 17वाँ प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा — 896 पुष्ट मामले, 232 मौतें और तीन प्रांतों के 33 स्वास्थ्य क्षेत्र चपेट में। सप्ताह-दर-सप्ताह बढ़ते मामले और 71% फॉलो-अप दर बताती है कि संक्रमण की चेन अभी टूटी नहीं है।

मुख्य बातें

डीआरसी में इबोला के पुष्ट मामले बढ़कर 896 हो गए हैं और 232 लोगों की मौत हो चुकी है।
बुधवार को इटुरी और नॉर्थ किवू में 21 नए पुष्ट मामले और 6 मौतें दर्ज की गईं।
यह बंडिबुग्यो इबोला वायरस से फैला प्रकोप है, जो तीन प्रांतों के 33 स्वास्थ्य क्षेत्रों में फैल चुका है।
383 मरीज आइसोलेशन या अस्पताल में, 78 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
6,367 संपर्कों की निगरानी जारी; 71.1% फॉलो-अप दर दर्ज।
यह डीआरसी में इबोला का 17वाँ प्रकोप है, जिसे 15 मई 2026 को आधिकारिक रूप से घोषित किया गया था।

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला का प्रकोप गंभीर होता जा रहा है — 19 जून 2026 तक पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 896 हो गई है और अब तक 232 लोगों की मौत हो चुकी है। डीआरसी के स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी दैनिक रिपोर्ट में यह आँकड़े जारी किए हैं।

ताज़ा स्थिति और नए मामले

बुधवार को अकेले पूर्वी प्रांतों इटुरी और नॉर्थ किवू में 21 नए पुष्ट मामले सामने आए, जिनमें 6 मौतें भी शामिल हैं। उसी दिन 151 संदिग्ध मामले भी दर्ज किए गए, जिनमें 35 मौतें शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, यह प्रकोप बंडिबुग्यो इबोला वायरस से फैला है और पूर्वी डीआरसी के तीन प्रांतों — इटुरी, नॉर्थ किवू और साउथ किवू — के 33 स्वास्थ्य क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले चुका है।

मरीजों की स्थिति

स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल 383 मरीज या तो आइसोलेशन में हैं या अस्पतालों में भर्ती हैं। वहीं, 78 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जिनमें 11 ऐसे मरीज भी शामिल हैं जिन्हें नियंत्रण जाँच (कंट्रोल टेस्ट) में नकारात्मक परिणाम आने के बाद स्वस्थ घोषित किया गया।

संपर्क निगरानी और फॉलो-अप

तीनों प्रांतों में कुल 6,367 संपर्कों (कॉन्टैक्ट्स) की निगरानी की जा रही है। इनमें से 4,525 लोगों तक रिपोर्टिंग अवधि के दौरान पहुँच बनाई गई, जो 71.1 प्रतिशत की फॉलो-अप दर को दर्शाता है। स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, पुष्ट मामलों की संख्या सप्ताह-दर-सप्ताह लगातार बढ़ रही है, जो समुदाय स्तर पर संक्रमण के जारी रहने का संकेत देती है।

चेतावनी और भौगोलिक विस्तार का खतरा

रिपोर्ट में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को शीघ्रता से लागू नहीं किया गया, तो संक्रमण का भौगोलिक विस्तार तेज़ी से हो सकता है। गौरतलब है कि यह डीआरसी में इबोला का 17वाँ प्रकोप है, जिसे आधिकारिक रूप से 15 मई 2026 को घोषित किया गया था।

इबोला: पृष्ठभूमि और लक्षण

इबोला रोग पहली बार वर्ष 1976 में दो समानांतर प्रकोपों के रूप में सामने आया था — पहला सूडान वायरस रोग का प्रकोप नजारा (वर्तमान साउथ सूडान) में, और दूसरा इबोला वायरस रोग का प्रकोप यामबुकु (वर्तमान डीआरसी) में, जो इबोला नदी के निकट एक गाँव में फैला था। इसी नदी के नाम पर इस बीमारी का नाम रखा गया।

इस रोग के लक्षण अचानक प्रकट हो सकते हैं — बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश से शुरुआत होती है। बाद में उल्टी, दस्त, त्वचा पर चकत्ते तथा गुर्दे व यकृत की कार्यक्षमता प्रभावित होने जैसे गंभीर लक्षण उभर सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्वास्थ्यकर्मियों और देखभाल से जुड़े कर्मचारियों को इन लक्षणों की सतर्कतापूर्वक निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका अर्थ यह भी है कि हर दस में से तीन संपर्क अभी भी निगरानी से बाहर हैं — और यही वह अंतराल है जहाँ से संक्रमण की चेन जीवित रहती है। सप्ताह-दर-सप्ताह बढ़ते मामले और भौगोलिक विस्तार की चेतावनी बताती है कि प्रतिक्रिया अभी भी प्रकोप की रफ़्तार से पीछे है। अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य समुदाय की असली परीक्षा यह है कि क्या इस बार संसाधन और राजनीतिक इच्छाशक्ति उस 29% खाई को पाट सकती है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरसी में इबोला के कितने मामले सामने आए हैं?
19 जून 2026 तक डीआरसी में इबोला के पुष्ट मामलों की संख्या 896 हो गई है, जिनमें 232 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आँकड़े स्वास्थ्य मंत्रालय की दैनिक रिपोर्ट के अनुसार हैं।
डीआरसी में इबोला का यह कौन सा प्रकोप है?
यह डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला का 17वाँ प्रकोप है, जिसे आधिकारिक रूप से 15 मई 2026 को घोषित किया गया था। यह बंडिबुग्यो इबोला वायरस से फैला है।
इस प्रकोप से कौन-से क्षेत्र प्रभावित हैं?
पूर्वी डीआरसी के तीन प्रांत — इटुरी, नॉर्थ किवू और साउथ किवू — के 33 स्वास्थ्य क्षेत्र इस प्रकोप की चपेट में हैं। बुधवार को इटुरी और नॉर्थ किवू में 21 नए पुष्ट मामले सामने आए।
इबोला के क्या लक्षण होते हैं?
इबोला के लक्षण अचानक प्रकट होते हैं — बुखार, थकान, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश शुरुआती संकेत हैं। बाद में उल्टी, दस्त, त्वचा पर चकत्ते और गुर्दे व यकृत की कार्यक्षमता प्रभावित होने जैसे गंभीर लक्षण उभर सकते हैं।
क्या इबोला के मामलों में कमी आने की संभावना है?
स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, पुष्ट मामले सप्ताह-दर-सप्ताह बढ़ रहे हैं, जो समुदाय स्तर पर संक्रमण जारी रहने का संकेत है। रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय शीघ्रता से लागू न हुए तो भौगोलिक विस्तार तेज़ हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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