कांगो में इबोला संकट गहराया: पाँच प्रांतों में 1,873 संक्रमित, 672 मौतें; अमेरिकी सहायता कर्मी भी चपेट में
सारांश
मुख्य बातें
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में बुंडिबुग्यो इबोला वायरस का प्रकोप 13 जुलाई 2026 तक पाँच प्रांतों में फैल चुका है, जिसमें 1,873 संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं और 672 लोगों की जान जा चुकी है। देश के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, उपचार केंद्रों में बेड क्षमता का 95.1 प्रतिशत भर चुका है, जो स्वास्थ्य तंत्र पर बढ़ते दबाव की गंभीर तस्वीर पेश करता है।
प्रभावित क्षेत्र और नए प्रांत
स्वास्थ्य अधिकारियों की रिपोर्ट — जिसमें शुक्रवार तक के आँकड़े शामिल हैं — के अनुसार इटुरी, नॉर्थ किवू, साउथ किवू, हाउत-उएले और त्शोपो (शोपो) प्रांत सर्वाधिक प्रभावित हैं। गौरतलब है कि हाउत-उएले और त्शोपो को पहली बार राष्ट्रीय स्थिति रिपोर्ट में शामिल किया गया है।
जाँच में सामने आया है कि इन दोनों नए प्रांतों में मिले मामले इटुरी प्रांत स्थित प्रकोप के मूल केंद्र से लोगों की आवाजाही और संपर्क के ज़रिए जुड़े हुए हैं — जो यह दर्शाता है कि संक्रमण की श्रृंखला भौगोलिक रूप से और विस्तृत हो रही है।
मौजूदा स्थिति: आँकड़े और अस्पताल क्षमता
रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में 763 मरीज आइसोलेशन में हैं या अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। अब तक 306 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। इसके अलावा 299 संदिग्ध मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 91 लोगों की मौत हो चुकी है। इस प्रकोप की आधिकारिक घोषणा 15 मई को की गई थी।
अमेरिकी सहायता कर्मी संक्रमित, स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा पर सवाल
अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (अफ्रीका सीडीसी) ने बताया कि DRC में इबोला नियंत्रण अभियान में सहयोग कर रहे एक अमेरिकी मानवीय सहायता कर्मी के संक्रमित पाए जाने से मैदानी कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ और गहरी हो गई हैं। संस्था ने अपने बयान में कहा कि स्वास्थ्यकर्मी, मानवीय सहायता कर्मी, स्वयंसेवक और परिचालन कर्मचारी 'बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों' में काम कर रहे हैं।
अफ्रीका सीडीसी के अनुसार, इस मामले में महामारी विज्ञान संबंधी जाँच, संपर्कों की पहचान (कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग) और संक्रमण जोखिम का आकलन शुरू कर दिया गया है। हालाँकि, संक्रमण किस तरह हुआ, इसकी जाँच अभी जारी है।
स्वास्थ्यकर्मियों पर असर
अफ्रीकी संघ की सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसी के ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, DRC में अब तक कम से कम 112 स्वास्थ्यकर्मी बुंडिबुग्यो इबोला वायरस से संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 35 स्वास्थ्यकर्मियों की मौत हो चुकी है। यह आँकड़ा स्वास्थ्य प्रणाली के लिए दोहरी चुनौती है — एक तरफ मरीज़ों की बढ़ती संख्या, दूसरी तरफ उन्हें बचाने वाले कर्मियों का खुद संक्रमण की चपेट में आना।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब DRC पहले से ही कई सशस्त्र संघर्षों और मानवीय संकटों से जूझ रहा है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुँचाना और भी कठिन हो जाता है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने के लिए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और आइसोलेशन अभियान जारी है, लेकिन बेड क्षमता के 95.1 प्रतिशत तक भर जाने के साथ अतिरिक्त संसाधनों की तत्काल ज़रूरत बनी हुई है।