11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

डीआर कांगो में इबोला विकराल: 1,118 मामले, 291 मौतें; WHO ने कहा — वैश्विक खतरा कम

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
डीआर कांगो में इबोला विकराल: 1,118 मामले, 291 मौतें; WHO ने कहा — वैश्विक खतरा कम

सारांश

डीआरसी में इबोला के पहले महीने में रिकॉर्ड 1,118 मामले और 291 मौतें — WHO के अनुसार वैश्विक खतरा कम है, लेकिन 26% मृत्यु दर और इटुरी प्रांत में बढ़ता केंद्र गंभीर चिंता का विषय है। परीक्षण क्षमता 30 से 2,000 प्रतिदिन हुई।

मुख्य बातें

डीआरसी में 25 जून 2026 तक इबोला के 1,118 मामले और 291 मौतें दर्ज; मृत्यु दर 26% ।
408 मरीजों का उपचार जारी, 122 स्वस्थ हो चुके; 138 संदिग्ध मामले निगरानी में।
पूर्वी इटुरी प्रांत प्रकोप का मुख्य केंद्र; दक्षिण किवू में 26 मई के बाद कोई नया मामला नहीं।
WHO के अनुसार यह अफ्रीका में इबोला के पहले महीने में सबसे बड़ी पुष्टि-मामलों की संख्या।
उपचार क्षमता 19 स्वास्थ्य क्षेत्रों में 500+ बेड्स ; परीक्षण क्षमता 30 से 2,000+ प्रतिदिन हुई।
राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिकेदी ने इटुरी प्रांत दौरे का ऐलान किया।

कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में इबोला का प्रकोप गंभीर रूप ले चुका है। डीआरसी सरकार के अनुसार, 25 जून 2026 तक कुल 1,118 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 291 लोगों की मौत हो चुकी है। पूर्वी इटुरी प्रांत इस प्रकोप का मुख्य केंद्र बना हुआ है।

मौजूदा स्थिति और आँकड़े

डीआरसी के संचार एवं मीडिया मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आधिकारिक अपडेट के अनुसार, अब तक 122 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 408 मरीजों का उपचार अभी भी जारी है। मंगलवार तक मृत्यु दर 26 प्रतिशत दर्ज की गई। निगरानी अभियान के तहत 138 संदिग्ध मामलों की पहचान की गई है और संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग दर 77.1 प्रतिशत रही।

उल्लेखनीय है कि दक्षिण किवू प्रांत में 26 मई के बाद से संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया है, जिसे स्वास्थ्य अधिकारी एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।

WHO की प्रतिक्रिया और वैश्विक जोखिम आकलन

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने बुधवार को स्पष्ट किया कि प्रभावित क्षेत्र में मामले बढ़ने के बावजूद अफ्रीका में चल रहे इस इबोला प्रकोप से उत्पन्न वैश्विक जोखिम फिलहाल कम है।

इससे पहले मंगलवार को जिनेवा में एक प्रेस ब्रीफिंग में WHO के हेल्थ इमरजेंसी अलर्ट एंड रिस्पांस ऑपरेशनल के डायरेक्टर अब्दिरहमान महमूद ने कहा, 'अफ्रीका में इबोला रोग के प्रकोप के पहले महीने में पुष्टि किए गए मामलों की यह सबसे बड़ी संख्या है।' महमूद ने यह भी बताया कि संक्रमण के प्रसार के साथ तालमेल बिठाने के लिए प्रतिक्रिया का विस्तार किया जा रहा है।

उपचार और परीक्षण क्षमता में विस्तार

महमूद के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में उपचार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है — कुछ ही बेड्स से बढ़कर अब 19 स्वास्थ्य क्षेत्रों में 500 से अधिक बेड्स उपलब्ध हो गए हैं। प्रयोगशाला परीक्षण क्षमता में भी तेज़ी से इज़ाफ़ा हुआ है — महामारी की शुरुआत में किंशासा में प्रतिदिन लगभग 30 परीक्षण किए जाते थे, लेकिन अब इटुरी, उत्तरी किवू और दक्षिणी किवू प्रांतों में फैले 8 प्रयोगशालाओं के नेटवर्क के ज़रिए प्रतिदिन 2,000 से अधिक परीक्षण हो रहे हैं।

राष्ट्रपति त्शिकेदी का दौरे का ऐलान

डीआरसी के राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिकेदी ने मंगलवार को घोषणा की कि वे जल्द ही प्रकोप के केंद्र इटुरी प्रांत का दौरा करेंगे ताकि जमीनी स्तर पर चल रहे राहत कार्यों का प्रत्यक्ष जायजा लिया जा सके। यह घोषणा उन्होंने किंशासा में दौरे पर आए बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरेस्ट नदाइशिमिये के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। नदाइशिमिये का देश वर्तमान में अफ्रीकी संघ की घूर्णनशील अध्यक्षता कर रहा है।

त्शिकेदी ने रोकथाम, महामारी विज्ञान निगरानी और त्वरित सूचना-साझाकरण पर आधारित मजबूत क्षेत्रीय सहयोग का आह्वान किया। वहीं नदाइशिमिये ने अफ्रीकी देशों और व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सीमाएँ बंद न करने का अनुरोध किया।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्वास्थ्य तंत्र पहले से ही कई मोर्चों पर दबाव में है। गौरतलब है कि डीआरसी में इबोला का यह प्रकोप अफ्रीका में अपनी तरह का अब तक का सबसे बड़ा पहला-महीने का प्रकोप बताया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी, मरीजों की देखभाल और संपर्क ट्रेसिंग के प्रयास जारी हैं, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया आने वाले हफ्तों में इस प्रकोप की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

118 मामले और 26% मृत्यु दर के साथ यह प्रकोप डीआरसी की पहले से कमज़ोर स्वास्थ्य प्रणाली पर असाधारण दबाव डाल रहा है — फिर भी WHO का 'वैश्विक खतरा कम' का आकलन अंतरराष्ट्रीय ध्यान और संसाधन जुटाने में बाधा बन सकता है। परीक्षण क्षमता का 30 से 2,000 प्रतिदिन होना प्रभावशाली है, लेकिन असली परीक्षा संपर्क ट्रेसिंग की 77.1% दर को 90% से ऊपर ले जाने में है — वह सीमा जहाँ इबोला का प्रसार वास्तव में नियंत्रित होता है। सीमाएँ बंद न करने की अपील सही दिशा में है, लेकिन बिना पर्याप्त अंतरराष्ट्रीय वित्त पोषण के यह संकल्प खोखला साबित हो सकता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआर कांगो में इबोला की मौजूदा स्थिति क्या है?
25 जून 2026 तक डीआरसी में इबोला के 1,118 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 291 लोगों की मौत हो चुकी है। मृत्यु दर 26% है और 408 मरीजों का उपचार अभी भी जारी है।
इबोला प्रकोप का केंद्र कहाँ है?
पूर्वी इटुरी प्रांत इस प्रकोप का मुख्य केंद्र बना हुआ है। दक्षिण किवू प्रांत में 26 मई के बाद से संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया है, जो एक सकारात्मक संकेत है।
WHO ने इस इबोला प्रकोप के वैश्विक खतरे के बारे में क्या कहा?
WHO महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने बुधवार को कहा कि प्रभावित क्षेत्र में मामले बढ़ने के बावजूद इस प्रकोप से वैश्विक खतरा फिलहाल कम है। हालाँकि WHO ने यह भी स्वीकार किया कि यह अफ्रीका में इबोला के पहले महीने में सबसे बड़ी पुष्टि-मामलों की संख्या है।
डीआरसी में इबोला के इलाज और परीक्षण की क्या स्थिति है?
उपचार क्षमता 19 स्वास्थ्य क्षेत्रों में 500 से अधिक बेड्स तक पहुँच चुकी है। परीक्षण क्षमता भी प्रतिदिन लगभग 30 से बढ़कर 8 प्रयोगशालाओं के नेटवर्क के ज़रिए 2,000 से अधिक हो गई है।
डीआरसी के राष्ट्रपति ने इबोला संकट पर क्या कदम उठाए हैं?
राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिकेदी ने मंगलवार को इटुरी प्रांत का दौरा करने की घोषणा की ताकि जमीनी राहत कार्यों का जायजा लिया जा सके। उन्होंने क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत सहयोग और त्वरित सूचना-साझाकरण का भी आह्वान किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले