डीआर कांगो में इबोला विकराल: 1,118 मामले, 291 मौतें; WHO ने कहा — वैश्विक खतरा कम
सारांश
मुख्य बातें
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में इबोला का प्रकोप गंभीर रूप ले चुका है। डीआरसी सरकार के अनुसार, 25 जून 2026 तक कुल 1,118 मामलों की पुष्टि हो चुकी है और 291 लोगों की मौत हो चुकी है। पूर्वी इटुरी प्रांत इस प्रकोप का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
मौजूदा स्थिति और आँकड़े
डीआरसी के संचार एवं मीडिया मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आधिकारिक अपडेट के अनुसार, अब तक 122 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 408 मरीजों का उपचार अभी भी जारी है। मंगलवार तक मृत्यु दर 26 प्रतिशत दर्ज की गई। निगरानी अभियान के तहत 138 संदिग्ध मामलों की पहचान की गई है और संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग दर 77.1 प्रतिशत रही।
उल्लेखनीय है कि दक्षिण किवू प्रांत में 26 मई के बाद से संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया है, जिसे स्वास्थ्य अधिकारी एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।
WHO की प्रतिक्रिया और वैश्विक जोखिम आकलन
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस ने बुधवार को स्पष्ट किया कि प्रभावित क्षेत्र में मामले बढ़ने के बावजूद अफ्रीका में चल रहे इस इबोला प्रकोप से उत्पन्न वैश्विक जोखिम फिलहाल कम है।
इससे पहले मंगलवार को जिनेवा में एक प्रेस ब्रीफिंग में WHO के हेल्थ इमरजेंसी अलर्ट एंड रिस्पांस ऑपरेशनल के डायरेक्टर अब्दिरहमान महमूद ने कहा, 'अफ्रीका में इबोला रोग के प्रकोप के पहले महीने में पुष्टि किए गए मामलों की यह सबसे बड़ी संख्या है।' महमूद ने यह भी बताया कि संक्रमण के प्रसार के साथ तालमेल बिठाने के लिए प्रतिक्रिया का विस्तार किया जा रहा है।
उपचार और परीक्षण क्षमता में विस्तार
महमूद के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में उपचार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है — कुछ ही बेड्स से बढ़कर अब 19 स्वास्थ्य क्षेत्रों में 500 से अधिक बेड्स उपलब्ध हो गए हैं। प्रयोगशाला परीक्षण क्षमता में भी तेज़ी से इज़ाफ़ा हुआ है — महामारी की शुरुआत में किंशासा में प्रतिदिन लगभग 30 परीक्षण किए जाते थे, लेकिन अब इटुरी, उत्तरी किवू और दक्षिणी किवू प्रांतों में फैले 8 प्रयोगशालाओं के नेटवर्क के ज़रिए प्रतिदिन 2,000 से अधिक परीक्षण हो रहे हैं।
राष्ट्रपति त्शिकेदी का दौरे का ऐलान
डीआरसी के राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिकेदी ने मंगलवार को घोषणा की कि वे जल्द ही प्रकोप के केंद्र इटुरी प्रांत का दौरा करेंगे ताकि जमीनी स्तर पर चल रहे राहत कार्यों का प्रत्यक्ष जायजा लिया जा सके। यह घोषणा उन्होंने किंशासा में दौरे पर आए बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरेस्ट नदाइशिमिये के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। नदाइशिमिये का देश वर्तमान में अफ्रीकी संघ की घूर्णनशील अध्यक्षता कर रहा है।
त्शिकेदी ने रोकथाम, महामारी विज्ञान निगरानी और त्वरित सूचना-साझाकरण पर आधारित मजबूत क्षेत्रीय सहयोग का आह्वान किया। वहीं नदाइशिमिये ने अफ्रीकी देशों और व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सीमाएँ बंद न करने का अनुरोध किया।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्वास्थ्य तंत्र पहले से ही कई मोर्चों पर दबाव में है। गौरतलब है कि डीआरसी में इबोला का यह प्रकोप अफ्रीका में अपनी तरह का अब तक का सबसे बड़ा पहला-महीने का प्रकोप बताया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी, मरीजों की देखभाल और संपर्क ट्रेसिंग के प्रयास जारी हैं, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया आने वाले हफ्तों में इस प्रकोप की दिशा तय करेगी।