इबोला नियंत्रण में युगांडा की सराहना, अफ्रीका सीडीसी ने की तारीफ; DRC में 3,605 मामले
सारांश
मुख्य बातें
अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (अफ्रीका सीडीसी) ने सोमवार, 3 अगस्त को युगांडा की प्रशंसा करते हुए कहा कि उसने अपने हालिया इबोला प्रकोप को मजबूत राष्ट्रीय नेतृत्व और समन्वित बहु-पक्षीय प्रयासों के बल पर सफलतापूर्वक नियंत्रित कर लिया है। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब पड़ोसी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला प्रकोप देश के इतिहास का सबसे भीषण रूप ले चुका है।
युगांडा की उपलब्धि और आधिकारिक घोषणा
युगांडा ने 28 जुलाई को आधिकारिक तौर पर इबोला प्रकोप समाप्त होने की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि यह घोषणा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की निर्धारित 42 दिनों की मानक निगरानी अवधि पूरी होने से पहले ही की गई। युगांडा ने अपने अंतिम इबोला मरीज को 16 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी दी थी, जब उसकी जाँच रिपोर्ट वायरस के लिए नेगेटिव आई।
अफ्रीका सीडीसी प्रमुख का बयान
अफ्रीका सीडीसी के डायरेक्टर-जनरल जीन कासेया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने कम्पाला में WHO के अफ्रीका क्षेत्रीय निदेशक मोहम्मद याकुब जनाबी और युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ एक बैठक की सह-अध्यक्षता की थी।
कासेया ने लिखा, 'हमने युगांडा की सराहना की, जिसने मजबूत राष्ट्रीय नेतृत्व और समन्वित प्रयासों के जरिए इबोला प्रकोप को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भविष्य में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए निरंतर तैयारी, सतर्क निगरानी और सीमापार बेहतर समन्वय अनिवार्य रहेगा।
DRC में इबोला का सबसे बड़ा प्रकोप
जहाँ युगांडा ने राहत की साँस ली है, वहीं डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में स्थिति गंभीर बनी हुई है। WHO ने शनिवार को बताया कि DRC का मौजूदा इबोला प्रकोप देश के इतिहास का सबसे बड़ा प्रकोप बन चुका है — यह 2018-2020 के बीच पूर्वी DRC में फैले उस प्रकोप से भी आगे निकल गया है, जिसमें 3,317 पुष्ट मामले दर्ज हुए थे।
WHO की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार तक DRC में बुंडिबुग्यो वायरस से होने वाली इबोला बीमारी के 3,605 पुष्ट मामले सामने आ चुके थे, जिनमें 1,587 लोगों की मौत हो चुकी है — यानी मृत्यु दर लगभग 44 प्रतिशत है।
प्रकोप का भौगोलिक विस्तार
यह प्रकोप शुरुआत में इतुरी प्रांत के मोंगब्वालु स्वास्थ्य क्षेत्र तक सीमित था, लेकिन पिछले दो महीनों में फैलकर पाँच प्रांतों के 49 स्वास्थ्य क्षेत्रों तक पहुँच गया है। प्रभावित प्रांतों में इतुरी, नॉर्थ किवू, साउथ किवू, त-उएले और शोपो शामिल हैं।
स्वास्थ्यकर्मियों पर गहरा असर
इस प्रकोप का खामियाजा स्वास्थ्यकर्मियों को भी भुगतना पड़ रहा है। अब तक 151 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हो चुके हैं और 44 की मौत हो चुकी है। WHO का कहना है कि यह आँकड़ा स्वास्थ्य संस्थानों में संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण उपायों में अब भी मौजूद गंभीर कमियों को उजागर करता है। गौरतलब है कि स्वास्थ्यकर्मियों का संक्रमित होना किसी भी प्रकोप-नियंत्रण प्रयास के लिए सबसे बड़ी चुनौती मानी जाती है। आने वाले हफ्तों में DRC में सीमापार समन्वय और संसाधन जुटाने की क्षमता पर पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकी रहेंगी।