3 अगस्त 2026
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इबोला नियंत्रण में युगांडा की सराहना, अफ्रीका सीडीसी ने की तारीफ; DRC में 3,605 मामले

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इबोला नियंत्रण में युगांडा की सराहना, अफ्रीका सीडीसी ने की तारीफ; DRC में 3,605 मामले

सारांश

युगांडा ने इबोला को काबू किया, अफ्रीका सीडीसी ने सराहा — लेकिन पड़ोसी DRC में 3,605 मामलों और 44% मृत्यु दर के साथ देश का सबसे भीषण प्रकोप जारी है। 151 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित, 44 की मौत — क्षेत्रीय स्वास्थ्य तंत्र की कमज़ोरियाँ उजागर।

मुख्य बातें

अफ्रीका सीडीसी के डायरेक्टर-जनरल जीन कासेया ने 3 अगस्त को एक्स पर युगांडा की इबोला नियंत्रण पर सराहना की।
युगांडा ने 28 जुलाई को इबोला प्रकोप समाप्त घोषित किया — WHO की 42 दिन की निगरानी अवधि पूरी होने से पहले।
अंतिम इबोला मरीज को 16 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी दी गई, जाँच रिपोर्ट नेगेटिव आई।
DRC में बुंडिबुग्यो वायरस से 3,605 पुष्ट मामले और 1,587 मौतें — मृत्यु दर लगभग 44% ।
DRC का यह प्रकोप 2018-2020 के 3,317 मामलों वाले पिछले रिकॉर्ड को पार कर गया।
DRC में 151 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित, 44 की मौत ; प्रकोप 5 प्रांतों के 49 स्वास्थ्य क्षेत्रों में फैला।

अफ्रीका सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (अफ्रीका सीडीसी) ने सोमवार, 3 अगस्त को युगांडा की प्रशंसा करते हुए कहा कि उसने अपने हालिया इबोला प्रकोप को मजबूत राष्ट्रीय नेतृत्व और समन्वित बहु-पक्षीय प्रयासों के बल पर सफलतापूर्वक नियंत्रित कर लिया है। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब पड़ोसी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में इबोला प्रकोप देश के इतिहास का सबसे भीषण रूप ले चुका है।

युगांडा की उपलब्धि और आधिकारिक घोषणा

युगांडा ने 28 जुलाई को आधिकारिक तौर पर इबोला प्रकोप समाप्त होने की घोषणा की। उल्लेखनीय है कि यह घोषणा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की निर्धारित 42 दिनों की मानक निगरानी अवधि पूरी होने से पहले ही की गई। युगांडा ने अपने अंतिम इबोला मरीज को 16 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी दी थी, जब उसकी जाँच रिपोर्ट वायरस के लिए नेगेटिव आई।

अफ्रीका सीडीसी प्रमुख का बयान

अफ्रीका सीडीसी के डायरेक्टर-जनरल जीन कासेया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने कम्पाला में WHO के अफ्रीका क्षेत्रीय निदेशक मोहम्मद याकुब जनाबी और युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के साथ एक बैठक की सह-अध्यक्षता की थी।

कासेया ने लिखा, 'हमने युगांडा की सराहना की, जिसने मजबूत राष्ट्रीय नेतृत्व और समन्वित प्रयासों के जरिए इबोला प्रकोप को सफलतापूर्वक नियंत्रित किया।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भविष्य में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए निरंतर तैयारी, सतर्क निगरानी और सीमापार बेहतर समन्वय अनिवार्य रहेगा।

DRC में इबोला का सबसे बड़ा प्रकोप

जहाँ युगांडा ने राहत की साँस ली है, वहीं डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में स्थिति गंभीर बनी हुई है। WHO ने शनिवार को बताया कि DRC का मौजूदा इबोला प्रकोप देश के इतिहास का सबसे बड़ा प्रकोप बन चुका है — यह 2018-2020 के बीच पूर्वी DRC में फैले उस प्रकोप से भी आगे निकल गया है, जिसमें 3,317 पुष्ट मामले दर्ज हुए थे।

WHO की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार तक DRC में बुंडिबुग्यो वायरस से होने वाली इबोला बीमारी के 3,605 पुष्ट मामले सामने आ चुके थे, जिनमें 1,587 लोगों की मौत हो चुकी है — यानी मृत्यु दर लगभग 44 प्रतिशत है।

प्रकोप का भौगोलिक विस्तार

यह प्रकोप शुरुआत में इतुरी प्रांत के मोंगब्वालु स्वास्थ्य क्षेत्र तक सीमित था, लेकिन पिछले दो महीनों में फैलकर पाँच प्रांतों के 49 स्वास्थ्य क्षेत्रों तक पहुँच गया है। प्रभावित प्रांतों में इतुरी, नॉर्थ किवू, साउथ किवू, त-उएले और शोपो शामिल हैं।

स्वास्थ्यकर्मियों पर गहरा असर

इस प्रकोप का खामियाजा स्वास्थ्यकर्मियों को भी भुगतना पड़ रहा है। अब तक 151 स्वास्थ्यकर्मी संक्रमित हो चुके हैं और 44 की मौत हो चुकी है। WHO का कहना है कि यह आँकड़ा स्वास्थ्य संस्थानों में संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण उपायों में अब भी मौजूद गंभीर कमियों को उजागर करता है। गौरतलब है कि स्वास्थ्यकर्मियों का संक्रमित होना किसी भी प्रकोप-नियंत्रण प्रयास के लिए सबसे बड़ी चुनौती मानी जाती है। आने वाले हफ्तों में DRC में सीमापार समन्वय और संसाधन जुटाने की क्षमता पर पूरे क्षेत्र की निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उतनी ही तेज़ी से DRC की विफलता की पृष्ठभूमि में फीकी पड़ जाती है — जहाँ 44% मृत्यु दर और 49 स्वास्थ्य क्षेत्रों में फैलाव यह सवाल उठाता है कि क्षेत्रीय समन्वय कहाँ चूका। 151 स्वास्थ्यकर्मियों का संक्रमित होना महज एक आँकड़ा नहीं — यह उस प्रणालीगत कमज़ोरी की गवाही है जो हर बड़े प्रकोप में दोहराई जाती है। जब तक DRC में संक्रमण रोकथाम प्रोटोकॉल को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत नहीं किया जाता, युगांडा जैसी सफलताएँ अपवाद बनी रहेंगी, नियम नहीं।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

युगांडा ने इबोला प्रकोप पर कैसे नियंत्रण पाया?
युगांडा ने मजबूत राष्ट्रीय नेतृत्व और समन्वित बहु-पक्षीय प्रयासों के जरिए इबोला को काबू किया। 16 जुलाई को अंतिम मरीज की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद 28 जुलाई को आधिकारिक तौर पर प्रकोप समाप्त घोषित किया गया।
DRC में इबोला की स्थिति अभी कितनी गंभीर है?
DRC में बुंडिबुग्यो वायरस से होने वाली इबोला बीमारी के गुरुवार तक 3,605 पुष्ट मामले और 1,587 मौतें दर्ज हो चुकी हैं, जो लगभग 44% मृत्यु दर दर्शाता है। यह देश के इतिहास का सबसे बड़ा इबोला प्रकोप बन चुका है।
DRC का मौजूदा इबोला प्रकोप पिछले प्रकोपों से कैसे अलग है?
DRC का मौजूदा प्रकोप 2018-2020 के बीच फैले पिछले सबसे बड़े प्रकोप (3,317 पुष्ट मामले) को पार कर गया है। यह शुरुआत में इतुरी प्रांत तक सीमित था, लेकिन दो महीनों में 5 प्रांतों के 49 स्वास्थ्य क्षेत्रों तक फैल गया।
इस प्रकोप में स्वास्थ्यकर्मियों पर क्या असर पड़ा है?
DRC में अब तक 151 स्वास्थ्यकर्मी इबोला से संक्रमित हुए हैं और 44 की मौत हो चुकी है। WHO के अनुसार यह स्वास्थ्य संस्थानों में संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण उपायों में अब भी मौजूद गंभीर कमियों को दर्शाता है।
अफ्रीका सीडीसी ने आगे के लिए क्या सुझाव दिए हैं?
अफ्रीका सीडीसी के डायरेक्टर-जनरल जीन कासेया ने कहा कि भविष्य में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए निरंतर तैयारी, सतर्क निगरानी और सीमापार बेहतर समन्वय अनिवार्य रहेगा। उन्होंने युगांडा की उपलब्धि को बनाए रखने पर भी जोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
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