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डीआरसी में इबोला से 277 मौतें, 1,094 संक्रमित — WHO ने बताया पहले महीने का सबसे बड़ा प्रकोप

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डीआरसी में इबोला से 277 मौतें, 1,094 संक्रमित — WHO ने बताया पहले महीने का सबसे बड़ा प्रकोप

सारांश

डीआरसी में इबोला का यह प्रकोप अफ्रीका के इतिहास में पहले महीने में दर्ज सबसे बड़ा बन चुका है — 1,094 पुष्ट मामले, 277 मौतें और युगांडा तक फैलाव। WHO के अनुसार परीक्षण और उपचार क्षमता बढ़ी है, लेकिन साप्ताहिक वृद्धि की रफ्तार चिंता का विषय बनी हुई है।

मुख्य बातें

डीआरसी में इबोला के 1,094 पुष्ट मामले और 277 मौतें दर्ज, 15 मई 2026 को प्रकोप घोषित।
WHO ने इसे अफ्रीका में किसी भी इबोला प्रकोप के पहले महीने में दर्ज सबसे अधिक मामलों का रिकॉर्ड बताया।
387 मरीज उपचाराधीन, 115 स्वस्थ; 131 संदिग्ध मामले और 44 संदिग्ध मौतें भी दर्ज।
उपचार क्षमता 19 स्वास्थ्य क्षेत्रों में 500+ बेड तक बढ़ी; परीक्षण क्षमता 30 से बढ़कर 2,000+ प्रतिदिन ।
युगांडा में कुल 20 मामले , जिनमें 2 मौतें; 15 मामले बाहर से आए संक्रमण।
डीआरसी और युगांडा ने 24 जून 2026 को संयुक्त सीमा पार निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र शुरू किया।

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला वायरस रोग के 1,094 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं और 277 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। 15 मई 2026 को इस प्रकोप की आधिकारिक घोषणा के बाद से विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे अफ्रीका में किसी भी इबोला प्रकोप के पहले महीने में दर्ज सबसे अधिक मामलों का रिकॉर्ड करार दिया है। साप्ताहिक आंकड़ों में लगातार वृद्धि इस बात का संकेत है कि संक्रमण समुदाय स्तर पर तेज़ी से फैल रहा है।

मौजूदा स्थिति और आंकड़े

24 जून 2026 को जारी स्वास्थ्य मंत्रालय की दैनिक महामारी रिपोर्ट के अनुसार, 387 मरीज अभी क्वारंटीन में हैं या उपचाराधीन हैं, जबकि 115 लोग स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। इसके अतिरिक्त 131 संदिग्ध मामले भी दर्ज हैं, जिनमें 44 संदिग्ध मौतें शामिल हैं। पुष्ट मामलों में साप्ताहिक वृद्धि की प्रवृत्ति समुदाय-स्तरीय प्रसार की पुष्टि करती है।

WHO का आकलन और प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार

जिनेवा में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में WHO के हेल्थ इमरजेंसी अलर्ट एंड रिस्पॉन्स ऑपरेशंस के निदेशक अब्दिरहमान महमूद ने कहा कि यह अफ्रीका में किसी भी इबोला प्रकोप के पहले महीने में दर्ज सबसे अधिक मामले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के दो हफ्तों में उपचार सुविधाओं में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है — महज कुछ बेड से बढ़कर अब 19 स्वास्थ्य क्षेत्रों में 500 से अधिक बेड की क्षमता हो गई है।

प्रयोगशाला परीक्षण क्षमता में भी तेज़ उछाल आया है। प्रारंभ में किंशासा में प्रतिदिन लगभग 30 परीक्षण होते थे, जो अब 2,000 से अधिक हो गए हैं। यह इतुरी, नॉर्थ किवु और साउथ किवु प्रांतों में फैली आठ प्रयोगशालाओं के नेटवर्क के ज़रिए संभव हुआ है। महामारी विज्ञान और प्रयोगशाला निगरानी को मज़बूत करने के साथ-साथ जांच क्षमता का विकेंद्रीकरण भी किया गया है।

राष्ट्रपति त्शिसेकेदी की प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय सहयोग

डीआरसी के राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिसेकेदी ने किंशासा में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि वे शीघ्र ही प्रकोप के केंद्र इतुरी प्रांत का दौरा करेंगे ताकि ज़मीनी राहत एवं नियंत्रण कार्यों की समीक्षा की जा सके। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बुरुंडी के राष्ट्रपति इवेरिस्टे नदायिशिमिये के साथ संयुक्त रूप से आयोजित हुई, जिनका देश वर्तमान में अफ्रीकी संघ की रोटेशन अध्यक्षता कर रहा है।

त्शिसेकेदी ने क्षेत्रीय सहयोग को मज़बूत करने, रोकथाम, निगरानी और तेज़ सूचना-साझाकरण पर ज़ोर दिया। नदायिशिमिये ने अफ्रीकी देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सीमाएं बंद न करने की अपील की, यह तर्क देते हुए कि ऐसे कदम प्रतिक्रिया प्रयासों को बाधित कर सकते हैं।

युगांडा तक पहुंचा संक्रमण, सीमा पार सहयोग शुरू

युगांडा में एक नया मामला सामने आने के बाद वहां कुल मामलों की संख्या 20 हो गई है, जिनमें 14 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और 2 की मौत हुई है। युगांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 15 मामले बाहर से आए संक्रमण हैं। गौरतलब है कि युगांडा, इतुरी प्रांत से सटा हुआ है, जहां डीआरसी के लगभग 90 प्रतिशत संक्रमण पाए गए हैं।

24 जून 2026 को युगांडा और डीआरसी ने मिलकर सीमा पार सहयोग की शुरुआत की, जिसमें संयुक्त निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया दलों की तैनाती, मोबाइल लैब और उपचार केंद्र शामिल हैं। WHO की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, डीआरसी में इबोला का जोखिम बहुत अधिक बना हुआ है क्योंकि संक्रमण नए क्षेत्रों तक पहुंच रहा है और युगांडा में भी संक्रमण दर उच्च बनी हुई है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्वास्थ्य तंत्र पहले से ही कई मोर्चों पर दबाव में है। WHO और डीआरसी स्वास्थ्य मंत्रालय के समन्वित प्रयासों से परीक्षण और उपचार क्षमता में सुधार हो रहा है, लेकिन साप्ताहिक मामलों में वृद्धि की प्रवृत्ति चिंताजनक बनी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इतुरी प्रांत में प्रकोप पर नियंत्रण और सीमा पार निगरानी की सफलता ही इस महामारी के भविष्य की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

094 मामले और 277 मौतें महज संख्याएं नहीं हैं — यह इस बात का संकेत है कि इबोला अब उन क्षेत्रों में पहुंच रहा है जहां स्वास्थ्य ढांचा पहले से कमज़ोर है। WHO की 'रिकॉर्ड पहले महीने' की स्वीकृति यह भी उजागर करती है कि शुरुआती प्रतिक्रिया में देरी हुई — 15 मई की घोषणा से पहले संक्रमण कितने समय से फैल रहा था, यह स्पष्ट नहीं है। युगांडा तक पहुंचना और सीमा पार 15 आयातित मामले बताते हैं कि यह अब केवल डीआरसी की समस्या नहीं रही। परीक्षण क्षमता 30 से 2,000 तक पहुंचाना प्रभावशाली है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या यह क्षमता इतुरी के दूरदराज़ इलाकों तक पहुंच पा रही है जहां 90% मामले केंद्रित हैं।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीआरसी में इबोला प्रकोप 2026 में कितने मामले और मौतें हुई हैं?
24 जून 2026 तक डीआरसी में इबोला के 1,094 पुष्ट मामले और 277 मौतें दर्ज हो चुकी हैं। इसके अलावा 131 संदिग्ध मामले और 44 संदिग्ध मौतें भी सामने आई हैं।
WHO ने डीआरसी के इबोला प्रकोप को रिकॉर्ड क्यों बताया?
WHO के हेल्थ इमरजेंसी अलर्ट एंड रिस्पॉन्स ऑपरेशंस के निदेशक अब्दिरहमान महमूद के अनुसार, 15 मई 2026 को घोषणा के बाद पहले महीने में दर्ज मामलों की संख्या अफ्रीका में किसी भी इबोला प्रकोप के पहले महीने की तुलना में सर्वाधिक है।
क्या इबोला डीआरसी से बाहर फैल गया है?
हां, युगांडा में 20 मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें से 15 मामले बाहर से आए संक्रमण हैं और 2 मौतें हुई हैं। युगांडा, इतुरी प्रांत से सटा हुआ है जहां डीआरसी के लगभग 90% मामले पाए गए हैं।
डीआरसी और युगांडा ने इबोला रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
24 जून 2026 को दोनों देशों ने संयुक्त सीमा पार निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया दलों की तैनाती, मोबाइल लैब और उपचार केंद्रों की स्थापना शुरू की है। डीआरसी में उपचार क्षमता 19 स्वास्थ्य क्षेत्रों में 500 से अधिक बेड तक और परीक्षण क्षमता 2,000 प्रतिदिन तक बढ़ाई गई है।
डीआरसी के राष्ट्रपति त्शिसेकेदी ने इबोला पर क्या कहा?
राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिसेकेदी ने बुरुंडी के राष्ट्रपति के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे शीघ्र ही प्रकोप के केंद्र इतुरी प्रांत का दौरा करेंगे। उन्होंने क्षेत्रीय सहयोग, रोकथाम और तेज़ सूचना-साझाकरण पर ज़ोर दिया।
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