हरियाणा CM नायब सिंह सैनी का बड़ा फैसला: सरकारी अस्पतालों को निजी से बेहतर बनाने की मुहिम
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 21 जून 2026 को चंडीगढ़ स्थित सिविल सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवा ढाँचे के आधुनिकीकरण के लिए व्यापक कदम उठाए हैं, जिससे सरकारी अस्पतालों में निजी अस्पतालों के समकक्ष उन्नत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि चिकित्सा अवसंरचना, निदान क्षमताओं और रोगी देखभाल सेवाओं में महत्वपूर्ण सुधार किए जा रहे हैं ताकि प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिल सके।
समीक्षा बैठक में क्या हुआ
यह बैठक राज्य के स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना, सरकारी अस्पतालों के आधुनिकीकरण और नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण की प्रगति की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) सुमिता मिश्रा, अतिरिक्त मुख्य सचिव एके सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक आरएस ढिल्लों और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक कुशल, सुलभ और रोगी-केंद्रित बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिलों के सिविल अस्पतालों को निजी अस्पतालों से अधिक सुविधाजनक और नागरिक-हितैषी बनाया जाए।
किन जिलों में चल रहा है नवीनीकरण
मुख्यमंत्री ने अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद, हिसार, कैथल, महेंद्रगढ़, पलवल, पंचकुला, रेवाड़ी, सोनीपत और नूह जिलों के अस्पतालों में चल रहे जीर्णोद्धार एवं नवीनीकरण कार्यों की समीक्षा की। इन जिलों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए और कार्यों में तेज़ी लाने पर जोर दिया गया।
आयुष्मान भारत योजना में उल्लेखनीय वृद्धि
सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं के विस्तार का सीधा असर आयुष्मान भारत योजना के उपयोग पर भी दिखा है। 2024-25 में योजना के अंतर्गत मात्र 8.83 प्रतिशत लाभार्थियों ने सरकारी अस्पतालों में उपचार लिया, जिसके लिए सरकार ने ₹26 करोड़ के दावों का भुगतान किया।
हालाँकि, 2025-26 में यह आँकड़ा उल्लेखनीय रूप से बढ़कर 32 प्रतिशत हो गया — यानी तीन गुना से अधिक की वृद्धि — और इस अवधि में सरकार ने ₹126 करोड़ के दावों का भुगतान किया। यह बदलाव बताता है कि नागरिकों का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा बढ़ रहा है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री सैनी ने संकेत दिया कि राज्य भर में स्वास्थ्य सुविधाओं को मज़बूत करने और सेवा वितरण में सुधार के लिए निरंतर पहल जारी रहेगी। गौरतलब है कि यह समीक्षा ऐसे समय में हुई है जब देश भर में सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र की गुणवत्ता पर व्यापक बहस चल रही है। राज्य सरकार का यह प्रयास हरियाणा को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।