हरियाणा के मुख्यमंत्री ने इंडिया एआई समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हरकत पर जताई निंदा
सारांश
Key Takeaways
- इंडिया एआई समिट में कांग्रेस की हरकतें निंदनीय मानी गईं।
- मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय छवि पर ध्यान केंद्रित किया।
- आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार।
- हर घर नल से जल योजना ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति का लक्ष्य।
- महाग्रामों में शहरी सुविधाओं का विकास।
चंडीगढ़, २६ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में कहा कि इंडिया एआई समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का व्यवहार देश की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला है और इसे निंदनीय बताया।
बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक विश्वस्तरीय एआई समिट का आयोजन हुआ, जिसमें वैश्विक स्तर पर लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की अशोभनीय गतिविधियों ने देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को धूमिल किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का युग है, इसलिए पहले बजट में गुरुग्राम और पंचकूला में दो एआई हब की स्थापना की घोषणा की गई थी।
एक सवाल के जवाब में राज्य की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सरकार पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ कर रही है।
इस योजना में लगभग २,६९४ उपचार पैकेज उपलब्ध हैं, जिनमें सर्जरी, डे-केयर उपचार, दवाएं और जांच शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि २० फरवरी तक राज्य में १,३८,४७,९०५ आयुष्मान कार्ड सक्रिय थे। आयुष्मान भारत-चिरायु हरियाणा योजना के अंतर्गत भी सभी २,६९४ पैकेज लागू हैं। जो उपचार इन पैकेज में नहीं आते, उन्हें “अनिर्दिष्ट” श्रेणी में सूचीबद्ध अस्पतालों में दर्ज किया जाता है।
नवंबर २०२२ से १७ फरवरी २०२६ तक राज्य में आयुष्मान योजना के तहत १४,२८,८७२ उपचार किए गए हैं। इसके लिए अस्पतालों को २,०१० करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान किया गया।
एक अन्य सवाल के जवाब में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि मुख्यमंत्री ‘हर घर नल से जल’ योजना के लिए प्रतिबद्ध हैं।
विभाग नियमित कॉलोनियों में पीने के पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रहा है।
गीता भुक्कल के प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि हाल ही में झज्जर की २५ नियमित कॉलोनियों के लिए पेयजल आपूर्ति योजनाएं तैयार की गई हैं।
उन्होंने कहा कि झज्जर शहर सहित झज्जर विधानसभा क्षेत्र के नौ गांवों में नहर आधारित पेयजल योजनाओं से निर्धारित मानकों के अनुसार पानी आपूर्ति की जा रही है।
एक अन्य प्रश्न के जवाब में विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए १०,००० से अधिक निवासियों वाले गांवों को ‘महाग्राम’ का दर्जा दिया गया है।
इन महाग्रामों में शहरी शैली की सीवरेज व्यवस्था और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, ताकि ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
उन्होंने कहा कि जुलाना-शादीपुर बाजार की मुख्य गलियों में नालों में रुकावट के कारण जलभराव की समस्या होती है। इसका स्थायी समाधान निकालने के लिए जींद जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता में एक अंतर-विभागीय समिति बनाई गई है।