नासिक टीसीएस मामले में वीएचपी का 16-17 अप्रैल को राष्ट्रीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन
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नई दिल्ली, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत की प्रमुख आईटी सेवा निर्यातक कंपनी ने नासिक स्थित अपनी शाखा में यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन की संभावित घटनाओं के कारण कई एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच के घेरे में आ गई है।
विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने इसे विकृत जिहादी मानसिकता का उदाहरण बताया है। उन्होंने कहा कि इस मानसिकता के खिलाफ बजरंग दल का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन 16 और 17 अप्रैल को किया जाएगा।
बंसल ने आगे कहा कि भारत में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ रही सुनियोजित जिहादी घटनाएं इसी विकृत मानसिकता का परिचायक हैं। नासिक के टीसीएस में उजागर लव जिहाद का षड्यंत्र भी इसी श्रृंखला की एक कड़ी है। कई नगरों से लव जिहाद, वन भूमि, सार्वजनिक भूमि, सेना और रेल भूमि पर अवैध कब्जे और हिंदू परिवारों के उत्पीड़न की घटनाएं इसी मानसिकता की उपज हैं।
उन्होंने बताया कि राष्ट्र विरोधी, अवैध, आपराधिक और मजहबी आतंक जैसी इस मानसिकता के खिलाफ बजरंग दल के कार्यकर्ता 16 और 17 अप्रैल को हिंदू समाज के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में कुल नौ एफआईआर दर्ज की गई हैं। विवाद की शुरुआत मार्च में हुई थी जब एक महिला ने अपने सहकर्मी पर शादी का झूठा वादा करके शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया।
जांच के दौरान पुलिस को अतिरिक्त शिकायतें मिलीं, जिसके परिणामस्वरूप आठ और एफआईआर दर्ज की गईं।
टीसीएस ने अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति को दोहराते हुए कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही कंपनी ने तुरंत कार्रवाई की। जांच के दायरे में आए कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है और कंपनी ने पुष्टि की है कि वह कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ पूर्ण सहयोग कर रही है।
कंपनी ने यह भी कहा कि आगे की कार्रवाई चल रही जांच के परिणाम पर निर्भर करेगी।
अब तक इस मामले में कम से कम छह कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ये गिरफ्तारियां नासिक पुलिस आयुक्त कार्यालय को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर की गईं हैं।