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नासिक TCS केस: 1,500 पन्नों की पहली चार्जशीट दाखिल, जबरन धर्म परिवर्तन के सबूत मिले

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नासिक TCS केस: 1,500 पन्नों की पहली चार्जशीट दाखिल, जबरन धर्म परिवर्तन के सबूत मिले

सारांश

नासिक TCS बीपीओ मामले में पुलिस ने 1,500 पन्नों की पहली चार्जशीट दाखिल की — और इसमें यौन उत्पीड़न के साथ-साथ जबरन धर्म परिवर्तन के सबूत भी शामिल हैं। चार आरोपी जमानत से वंचित हैं और आठ और FIR जांच के दायरे में हैं।

मुख्य बातें

नासिक पुलिस ने 22 मई 2025 को TCS नासिक बीपीओ यौन उत्पीड़न मामले में 1,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की।
SIT को पीड़िता के जबरन धर्म परिवर्तन के सबूत और पहचान बदलने के मूल दस्तावेज मिले।
चार आरोपी — दानिश एजाज शेख, तौसीफ बिलाल अत्तार, निदा एजाज खान और मतीन मजीद पटेल — को अब तक जमानत नहीं मिली।
चार्जशीट BNS की कई धाराओं और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत दाखिल की गई।
मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में TCS कर्मचारियों द्वारा दर्ज 8 अन्य FIR भी जांच के दायरे में हैं।

नासिक पुलिस ने 22 मई 2025 को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक बीपीओ यूनिट में यौन उत्पीड़न मामले में चार आरोपियों के विरुद्ध 1,500 पन्नों की चार्जशीट अतिरिक्त सत्र एवं विशेष न्यायालय, नासिक रोड में दाखिल की। विशेष जांच टीम (SIT) की जांच में कथित तौर पर पीड़िता के जबरन धर्म परिवर्तन के सबूत भी सामने आए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक की टीम द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, SIT को पीड़िता की पहचान और नाम बदलने के लिए इस्तेमाल किए गए मूल दस्तावेज बरामद हुए हैं। इसके अलावा पीड़िता और आरोपियों के मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट के रूप में डिजिटल एवं तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए गए हैं।

चार्जशीट में नामजद चारों आरोपी — दानिश एजाज शेख, तौसीफ बिलाल अत्तार, निदा एजाज खान और मतीन मजीद पटेल — को अब तक जमानत नहीं मिली है।

कानूनी धाराएँ

यह आरोपपत्र भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 64, 68, 69, 46, 75, 319C(8), 299, 238, 249 और 3(5) के तहत दायर की गई है। साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(W)(I), 3(1)(W)(II), 3(2)(V), 3(1)(S) और 3(1)(K) भी लगाई गई हैं। यह मामला बलात्कार और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोपों को एक साथ समेटता है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह प्राथमिक चार्जशीट नासिक के देवलाली पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर दायर की गई है। गौरतलब है कि मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में TCS कर्मचारियों द्वारा दर्ज की गई आठ अन्य FIR भी इस मामले से जुड़ी हैं, जो जांच की व्यापकता को दर्शाती हैं।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब कॉर्पोरेट कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न और धार्मिक उत्पीड़न के मामलों को लेकर देशभर में जागरूकता बढ़ रही है। अदालत में अब चार्जशीट पर संज्ञान लिए जाने की प्रक्रिया अपेक्षित है, जिसके बाद ट्रायल की दिशा तय होगी। शेष आठ FIR की जांच के आधार पर पूरक आरोपपत्र भी दाखिल किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 पन्नों की चार्जशीट और डिजिटल साक्ष्यों की मौजूदगी SIT की तैयारी दर्शाती है, लेकिन असली परीक्षा अदालत में इन सबूतों को टिकाए रखने की होगी। आठ अन्य FIR का लंबित रहना यह भी संकेत देता है कि यह मामला और विस्तृत होने की संभावना है। कॉर्पोरेट भारत के लिए यह एक चेतावनी है कि कार्यस्थल सुरक्षा तंत्र की निगरानी केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नासिक TCS बीपीओ केस क्या है?
यह TCS के नासिक बीपीओ यूनिट में एक कर्मचारी के साथ यौन उत्पीड़न और कथित जबरन धर्म परिवर्तन का मामला है, जो नासिक के देवलाली पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR पर आधारित है। मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में TCS कर्मचारियों द्वारा आठ अन्य FIR भी दर्ज हैं।
चार्जशीट में कौन-कौन से आरोप लगाए गए हैं?
चार्जशीट BNS की धारा 61(2), 64, 68, 69, 46, 75, 319C(8), 299, 238, 249 और 3(5) के तहत दाखिल की गई है। इसके साथ SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 की कई धाराएँ भी लगाई गई हैं, जिनमें बलात्कार और धार्मिक भावनाओं को आहत करना शामिल है।
चार्जशीट में किन आरोपियों के नाम हैं?
चार्जशीट में चार आरोपियों के नाम हैं — दानिश एजाज शेख, तौसीफ बिलाल अत्तार, निदा एजाज खान और मतीन मजीद पटेल। इन सभी को अब तक जमानत नहीं मिली है।
SIT को जबरन धर्म परिवर्तन के क्या सबूत मिले?
SIT को पीड़िता का नाम और पहचान बदलने के लिए इस्तेमाल किए गए मूल दस्तावेज बरामद हुए हैं। इसके अलावा आरोपियों और पीड़िता के फोन से व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट भी डिजिटल साक्ष्य के रूप में जुटाए गए हैं।
इस मामले में आगे क्या होगा?
अदालत अब चार्जशीट पर संज्ञान लेगी, जिसके बाद ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी। मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में दर्ज आठ अन्य FIR की जांच के आधार पर पूरक चार्जशीट भी दाखिल किए जाने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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