नासिक TCS केस: 1,500 पन्नों की पहली चार्जशीट दाखिल, जबरन धर्म परिवर्तन के सबूत मिले
सारांश
मुख्य बातें
नासिक पुलिस ने 22 मई 2025 को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक बीपीओ यूनिट में यौन उत्पीड़न मामले में चार आरोपियों के विरुद्ध 1,500 पन्नों की चार्जशीट अतिरिक्त सत्र एवं विशेष न्यायालय, नासिक रोड में दाखिल की। विशेष जांच टीम (SIT) की जांच में कथित तौर पर पीड़िता के जबरन धर्म परिवर्तन के सबूत भी सामने आए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक की टीम द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, SIT को पीड़िता की पहचान और नाम बदलने के लिए इस्तेमाल किए गए मूल दस्तावेज बरामद हुए हैं। इसके अलावा पीड़िता और आरोपियों के मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट के रूप में डिजिटल एवं तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए गए हैं।
चार्जशीट में नामजद चारों आरोपी — दानिश एजाज शेख, तौसीफ बिलाल अत्तार, निदा एजाज खान और मतीन मजीद पटेल — को अब तक जमानत नहीं मिली है।
कानूनी धाराएँ
यह आरोपपत्र भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 64, 68, 69, 46, 75, 319C(8), 299, 238, 249 और 3(5) के तहत दायर की गई है। साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(W)(I), 3(1)(W)(II), 3(2)(V), 3(1)(S) और 3(1)(K) भी लगाई गई हैं। यह मामला बलात्कार और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोपों को एक साथ समेटता है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह प्राथमिक चार्जशीट नासिक के देवलाली पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर दायर की गई है। गौरतलब है कि मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में TCS कर्मचारियों द्वारा दर्ज की गई आठ अन्य FIR भी इस मामले से जुड़ी हैं, जो जांच की व्यापकता को दर्शाती हैं।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब कॉर्पोरेट कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न और धार्मिक उत्पीड़न के मामलों को लेकर देशभर में जागरूकता बढ़ रही है। अदालत में अब चार्जशीट पर संज्ञान लिए जाने की प्रक्रिया अपेक्षित है, जिसके बाद ट्रायल की दिशा तय होगी। शेष आठ FIR की जांच के आधार पर पूरक आरोपपत्र भी दाखिल किए जाने की संभावना है।