नासिक TCS उत्पीड़न मामला: SIT ने AIMIM पार्षद मतीन पटेल को पूछताछ के लिए तलब किया
सारांश
मुख्य बातें
नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक BPO इकाई से जुड़े हाई-प्रोफाइल उत्पीड़न मामले में छत्रपति संभाजीनगर के ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) पार्षद मतीन पटेल को 25 मई 2026 को समन जारी किया। अधिकारियों के अनुसार, पटेल को मामले के मुख्य आरोपी निदा एजाज खान को कथित रूप से सहायता प्रदान करने के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला नासिक के देवलाली पुलिस स्टेशन में दर्ज मूल केस से उपजा है, जिसमें TCS की नासिक BPO इकाई में कार्यरत एक महिला कर्मचारी के साथ कार्यस्थल पर सुनियोजित उत्पीड़न के आरोप हैं। इसके अतिरिक्त मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में TCS कर्मचारियों द्वारा आठ अन्य FIR भी दर्ज की गई हैं। गौरतलब है कि अब तक केवल एक मामले में आरोपपत्र दाखिल हुआ है।
आरोपपत्र और साक्ष्य
22 मई 2026 को नासिक पुलिस ने नासिक रोड स्थित अतिरिक्त सत्र एवं विशेष न्यायालय में 1,500 पृष्ठों का प्रारंभिक आरोपपत्र दाखिल किया। इस आरोपपत्र में बलात्कार और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोपों की विस्तृत जांच शामिल है। आरोपियों में दानिश एजाज शेख, तौसीफ बिलाल अत्तार, निदा एजाज खान और मतीन पटेल के नाम हैं — इनमें से किसी को भी अब तक जमानत नहीं मिली है।
जब्त साक्ष्य और जांच की दिशा
नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक की टीम द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, SIT ने पीड़िता के कथित जबरन धर्म परिवर्तन से संबंधित साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस ने पीड़िता की पहचान और नाम बदलने के लिए इस्तेमाल किए गए मूल दस्तावेज जब्त किए हैं। इसके साथ ही पीड़िता और आरोपियों के मोबाइल फोन से प्राप्त व्हाट्सएप चैट स्क्रीनशॉट के रूप में डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं।
सार्वजनिक प्रतिक्रिया और राजनीतिक संदर्भ
कार्यस्थल पर कथित सुनियोजित उत्पीड़न के विवरण सामने आने के बाद यह मामला पूरे महाराष्ट्र में व्यापक आक्रोश का विषय बना। एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि — AIMIM पार्षद — का इस मामले में नामित होना राजनीतिक दृष्टि से भी संवेदनशील है। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में कार्यस्थल सुरक्षा और धार्मिक उत्पीड़न के मामलों पर बहस तेज है।
आगे की जांच
अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और शेष FIR में भी आरोपपत्र दाखिल किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। मतीन पटेल की पूछताछ के बाद जांच की दिशा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।