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नासिक TCS केस: निदा खान समेत तीन आरोपियों की जमानत याचिका पर 19 जून को होगी अगली सुनवाई

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नासिक TCS केस: निदा खान समेत तीन आरोपियों की जमानत याचिका पर 19 जून को होगी अगली सुनवाई

सारांश

नासिक TCS उत्पीड़न एवं धर्मांतरण प्रकरण में आरोपी निदा खान की जमानत याचिका पर तीसरी बार तारीख बदली गई है — अब 19 जून को सरकारी पक्ष की दलीलों के बाद अदालत फैसला सुना सकती है। फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच कई महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न के आरोप इस मामले को गंभीर बनाते हैं।

मुख्य बातें

आरोपी निदा खान समेत तीन आरोपियों की जमानत याचिका पर 19 जून 2026 को अगली सुनवाई निर्धारित।
यह जमानत याचिका पर तीसरी बार तारीख दी गई है; इससे पहले दो बार सुनवाई टाली जा चुकी है।
निदा खान को 7 मई 2026 को छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था।
मामले में दानिश शेख पर विवाहित होते हुए शादी का झाँसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप है।
कई महिला कर्मचारियों ने फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच मानसिक व यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए; HR विभाग पर शिकायत नज़रअंदाज़ करने का आरोप।

नासिक के बहुचर्चित TCS कॉर्पोरेट उत्पीड़न एवं धर्मांतरण प्रकरण में आरोपी निदा खान सहित दो अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर अब 19 जून 2026 को सुनवाई होगी। 12 जून को हुई सुनवाई में न्यायालय ने बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अगली तारीख तय की। सरकारी पक्ष भी 19 जून को अपना पक्ष रखेगा, जिसके बाद अदालत जमानत पर निर्णय ले सकती है।

मुख्य घटनाक्रम

उल्लेखनीय है कि इस जमानत याचिका पर यह तीसरी बार तारीख दी गई है — इससे पहले दो बार विभिन्न कारणों से सुनवाई टाली जा चुकी है। निदा खान को 7 मई 2026 को छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव क्षेत्र स्थित कैसर कॉलोनी के एक आवासीय अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था, और रिमांड समाप्त होने पर पुलिस ने उन्हें पुनः न्यायालय के समक्ष पेश किया।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद तब सामने आया जब नासिक स्थित TCS कार्यालय में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने अपने सहकर्मी दानिश शेख के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दानिश शेख ने पहले से विवाहित होने के बावजूद शादी का झाँसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में अत्याचार और धार्मिक भावनाएँ आहत करने के आरोप भी शामिल हैं।

अन्य पीड़िताओं के आरोप

जाँच आगे बढ़ने पर कई अन्य महिलाओं ने भी नासिक शाखा के वरिष्ठ कर्मचारियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए। इन महिलाओं का कहना है कि फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच उन्हें मानसिक और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, परंतु उनकी शिकायतों को कंपनी के मानव संसाधन विभाग ने नज़रअंदाज़ कर दिया। जाँच एजेंसियाँ इस पूरे प्रकरण की गहराई से जाँच कर रही हैं।

आगे की कानूनी प्रक्रिया

19 जून 2026 को होने वाली सुनवाई में सरकारी पक्ष की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय जमानत याचिका पर अंतिम निर्णय ले सकता है। यह मामला न केवल कानूनी दृष्टि से बल्कि कॉर्पोरेट कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा और आंतरिक शिकायत तंत्र की विफलता के संदर्भ में भी व्यापक ध्यान आकर्षित कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पीड़िताओं के लिए यह देरी न्याय की प्रतीक्षा को और लंबा खींचती है। सबसे गंभीर पहलू यह है कि कथित उत्पीड़न फरवरी 2022 से मार्च 2026 — यानी चार वर्षों तक — चलता रहा और HR विभाग ने शिकायतें नज़रअंदाज़ कीं। यह सवाल उठाता है कि देश की बड़ी IT कंपनियों में आंतरिक शिकायत तंत्र कितना प्रभावी है। POSH अधिनियम के बावजूद कॉर्पोरेट जवाबदेही का यह अभाव एक व्यापक संरचनात्मक समस्या की ओर इशारा करता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नासिक TCS केस में निदा खान कौन हैं?
निदा खान नासिक TCS उत्पीड़न एवं धर्मांतरण प्रकरण में मुख्य आरोपियों में से एक हैं, जिन्हें 7 मई 2026 को छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
नासिक TCS मामला क्या है?
यह मामला नासिक स्थित TCS कार्यालय में कार्यरत एक महिला कर्मचारी की शिकायत से शुरू हुआ, जिसमें सहकर्मी दानिश शेख पर पहले से विवाहित होते हुए शादी का झाँसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप है। बाद में कई अन्य महिलाओं ने भी फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच मानसिक व यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए।
जमानत याचिका पर अगली सुनवाई कब होगी?
निदा खान समेत तीन आरोपियों की जमानत याचिका पर 19 जून 2026 को सुनवाई निर्धारित है। उसी दिन सरकारी पक्ष भी अपनी दलीलें रखेगा, जिसके बाद अदालत जमानत पर निर्णय ले सकती है।
इस मामले में HR विभाग पर क्या आरोप है?
पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच उत्पीड़न की शिकायतें TCS के मानव संसाधन विभाग को दी गईं, लेकिन उन्हें नज़रअंदाज़ कर दिया गया। जाँच एजेंसियाँ इस पहलू की भी गहराई से जाँच कर रही हैं।
इस मामले में अब तक क्या कानूनी कार्रवाई हुई है?
पुलिस ने अत्याचार और धार्मिक भावनाएँ आहत करने समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। निदा खान को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया; जमानत याचिका पर सुनवाई 19 जून को होनी है।
राष्ट्र प्रेस
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