नासिक TCS केस: निदा खान समेत तीन आरोपियों की जमानत याचिका पर 19 जून को होगी अगली सुनवाई
सारांश
मुख्य बातें
नासिक के बहुचर्चित TCS कॉर्पोरेट उत्पीड़न एवं धर्मांतरण प्रकरण में आरोपी निदा खान सहित दो अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर अब 19 जून 2026 को सुनवाई होगी। 12 जून को हुई सुनवाई में न्यायालय ने बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अगली तारीख तय की। सरकारी पक्ष भी 19 जून को अपना पक्ष रखेगा, जिसके बाद अदालत जमानत पर निर्णय ले सकती है।
मुख्य घटनाक्रम
उल्लेखनीय है कि इस जमानत याचिका पर यह तीसरी बार तारीख दी गई है — इससे पहले दो बार विभिन्न कारणों से सुनवाई टाली जा चुकी है। निदा खान को 7 मई 2026 को छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव क्षेत्र स्थित कैसर कॉलोनी के एक आवासीय अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था, और रिमांड समाप्त होने पर पुलिस ने उन्हें पुनः न्यायालय के समक्ष पेश किया।
मामले की पृष्ठभूमि
यह विवाद तब सामने आया जब नासिक स्थित TCS कार्यालय में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने अपने सहकर्मी दानिश शेख के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दानिश शेख ने पहले से विवाहित होने के बावजूद शादी का झाँसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में अत्याचार और धार्मिक भावनाएँ आहत करने के आरोप भी शामिल हैं।
अन्य पीड़िताओं के आरोप
जाँच आगे बढ़ने पर कई अन्य महिलाओं ने भी नासिक शाखा के वरिष्ठ कर्मचारियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए। इन महिलाओं का कहना है कि फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच उन्हें मानसिक और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, परंतु उनकी शिकायतों को कंपनी के मानव संसाधन विभाग ने नज़रअंदाज़ कर दिया। जाँच एजेंसियाँ इस पूरे प्रकरण की गहराई से जाँच कर रही हैं।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
19 जून 2026 को होने वाली सुनवाई में सरकारी पक्ष की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय जमानत याचिका पर अंतिम निर्णय ले सकता है। यह मामला न केवल कानूनी दृष्टि से बल्कि कॉर्पोरेट कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा और आंतरिक शिकायत तंत्र की विफलता के संदर्भ में भी व्यापक ध्यान आकर्षित कर रहा है।