टीसीएस यौन उत्पीड़न-धर्मांतरण मामला: नासिक रोड कोर्ट ने मुख्य आरोपी निदा खान को दी जमानत, दानिश शेख की याचिका खारिज
सारांश
मुख्य बातें
नासिक रोड न्यायालय ने 6 जुलाई 2026 को टीसीएस से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण मामले में मुख्य आरोपी निदा खान की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। उसी मामले में सह-आरोपी तौसीफ को भी जमानत मिल गई, जबकि तीसरे आरोपी दानिश शेख की जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी।
जमानत की दलीलें और अदालत का फैसला
बचाव पक्ष के वकील ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि निदा खान गर्भवती हैं और मानवीय आधार पर उन्हें जमानत दी जानी चाहिए। वकील ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की जाँच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, इसलिए आगे हिरासत में पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि निदा खान का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, जिससे यह आशंका उत्पन्न हो कि वे कथित अपराध दोहरा सकती हैं। इन्हीं आधारों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने जमानत का आदेश दिया।
गौरतलब है कि गिरफ्तारी के बाद से निदा खान ने गर्भावस्था का आधार बताकर कई बार जमानत के लिए आवेदन किया था, लेकिन अदालत ने पहले के सभी आवेदन खारिज कर दिए थे। न्यायिक हिरासत के दौरान उनकी गर्भावस्था को देखते हुए उन्हें विशेष सुविधाएँ दी गई थीं।
मामले की पृष्ठभूमि
यह विवाद तब सामने आया जब नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) कार्यालय में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने अपने सहकर्मी दानिश शेख के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि दानिश शेख पहले से विवाहित होने के बावजूद शादी का झाँसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
जाँच आगे बढ़ने पर कई अन्य महिला कर्मचारियों ने भी नासिक शाखा के वरिष्ठ कर्मचारियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए। इन महिलाओं का कहना है कि फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच उन्हें मानसिक और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, परंतु उनकी शिकायतों को कंपनी के मानव संसाधन विभाग ने नज़रअंदाज़ कर दिया।
निदा खान की गिरफ्तारी
निदा खान को 7 मई 2026 को छत्रपति संभाजीनगर के नरेगांव क्षेत्र स्थित कैसर कॉलोनी के एक आवासीय अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी पुलिस की विस्तारित जाँच के दौरान हुई, जब मामले में और आरोपियों की संलिप्तता सामने आई।
आगे की कार्यवाही
अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की आगे की सुनवाई नियमानुसार जारी रहेगी। दानिश शेख की जमानत याचिका खारिज होने से वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में रहेंगे। यह मामला कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों के निवारण तंत्र और कॉर्पोरेट जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।