नासिक TCS धर्मांतरण-अत्याचार मामला: रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी समेत तीन आरोपियों की जमानत खारिज
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) से जुड़े कथित जबरन धर्मांतरण एवं अत्याचार प्रकरण में नासिक जिला एवं सत्र न्यायालय ने 4 जुलाई 2026 को आरोपी रजा रफीक मेमन, शाहरुख हुसैन कुरैशी और अश्विनी अशोक चेनानी की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। न्यायालय ने आरोपों की गंभीरता और चल रही जांच की स्थिति को आधार बनाकर राहत देने से इनकार किया।
जमानत क्यों खारिज हुई
तीनों आरोपियों की जमानत अर्जियां इससे पहले निचली अदालत भी खारिज कर चुकी थी। सत्र न्यायालय ने भी उसी निर्णय को बरकरार रखा। अदालत ने माना कि मामले में लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और जांच अभी पूरी नहीं हुई है। बचाव पक्ष के वकीलों ने संकेत दिया है कि अब इन तीनों की ओर से बॉम्बे उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर की जाएगी।
अन्य आरोपियों की सुनवाई 6 जुलाई को
इस मामले के अन्य आरोपी निदा एजाज खान, दानिश एजाज शेख और तौसीफ बिलाल अत्तार की जमानत याचिकाओं पर 6 जुलाई 2026 को सुनवाई निर्धारित है। इन तीनों का नाम दोनों चार्जशीट में दर्ज है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह विवाद तब सामने आया जब नासिक स्थित TCS कार्यालय में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने अपने सहकर्मी दानिश शेख के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई। महिला का आरोप है कि शेख पहले से विवाहित होने के बावजूद शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जांच आगे बढ़ने पर कई अन्य महिलाओं ने भी नासिक शाखा के वरिष्ठ कर्मचारियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाए। पीड़ित महिलाओं का कहना है कि फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच उन्हें मानसिक और यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, लेकिन उनकी शिकायतों को कंपनी के मानव संसाधन विभाग ने नज़रअंदाज़ किया।
दो चार्जशीट दाखिल, आठ FIR दर्ज
इस प्रकरण में अब तक दो चार्जशीट दाखिल हो चुकी हैं। विशेष जांच दल (SIT) ने 29 मई को अदालत में दूसरा आरोपपत्र दायर किया, जो मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज आठ FIR से संबंधित है। इस आरोपपत्र में रजा रफीक मेमन, शाहरुख हुसैन कुरैशी, अश्विनी अशोक चेनानी, तौसीफ बिलाल अत्तार, शफी भीखन शेख, दानिश एजाज शेख, निदा एजाज खान और अन्य को आरोपी बनाया गया है।
इससे पहले 22 मई को SIT ने देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में BNS और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज एक अलग मामले में 1,500 पृष्ठों की चार्जशीट दाखिल की थी। उस आरोपपत्र में दानिश एजाज शेख, तौसीफ बिलाल अत्तार, निदा एजाज खान और मतीन मजीद पटेल को आरोपी बनाया गया था।
आगे क्या होगा
जिन तीन आरोपियों की जमानत खारिज हुई है, उनके उच्च न्यायालय जाने की संभावना है। 6 जुलाई को शेष आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के बाद इस मामले की न्यायिक दिशा और स्पष्ट होगी। SIT की जांच जारी है और अदालती प्रक्रिया अगले कई सप्ताहों तक निर्णायक मोड़ पर रहने की संभावना है।