नासिक TCS उत्पीड़न-धर्मांतरण मामला: SIT ने दूसरी चार्जशीट दाखिल की, 8 FIR के आरोपी नामज़द
सारांश
मुख्य बातें
नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में यौन उत्पीड़न और कथित जबरन धर्मांतरण मामले की जाँच कर रही विशेष जाँच टीम (SIT) ने 29 मई 2026 को नासिक की अदालत में दूसरा आरोपपत्र दाखिल किया। यह आरोपपत्र मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज 8 FIR से संबंधित है और इसमें कई आरोपियों को नामज़द किया गया है।
दूसरी चार्जशीट में कौन-कौन नामज़द
अधिकारियों के अनुसार, नासिक स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रस्तुत इस आरोपपत्र में रजा रफीक मेमन, शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी, अश्विनी अशोक चैनानी, तौसीफ बिलाल अत्तार, शफी भीखन शेख, दानिश एजाज शेख, निदा एजाज खान और अन्य को आरोपी बनाया गया है। आरोपपत्र में शोषण और धार्मिक दबाव के आरोपों का विस्तृत विवरण दिया गया है।
पहली चार्जशीट और मामले की पृष्ठभूमि
इससे पहले 22 मई को SIT ने देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में BNS और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज एक अलग मामले में 1,500 पृष्ठों की पहली चार्जशीट दाखिल की थी। उस आरोपपत्र में दानिश एजाज शेख, तौसीफ बिलाल अत्तार, निदा एजाज खान और मतीन मजीद पटेल को आरोपी बनाया गया था।
गौरतलब है कि TCS की नासिक इकाई में कार्यरत कई महिला कर्मचारियों द्वारा शोषण, कथित जबरन धर्मांतरण के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराने के बाद SIT का गठन किया गया था।
आरोपों का स्वरूप
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से कर्मचारियों को निशाना बनाया और उन पर नमाज़ पढ़ने तथा मांसाहारी भोजन करने का दबाव डाला। कुछ पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें खान-पान की आदतें बदलने और धार्मिक चिह्न धारण करने के लिए मजबूर किया गया।
AIMIM पार्षद से पूछताछ
इस बीच पुलिस ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पार्षद मतीन पटेल से भी पूछताछ की, जिन पर निदा खान को कथित तौर पर फरार होने के दौरान शरण देने का आरोप है। अधिकारियों ने बताया कि पटेल से 25 मई को लगभग नौ घंटे तक पूछताछ की गई और उन्हें 1 जून को फिर से तलब किया गया है।
आगे क्या होगा
दो चार्जशीट दाखिल होने के साथ यह मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में प्रवेश कर चुका है। अदालत द्वारा संज्ञान लिए जाने और आरोपियों की पेशी के बाद सुनवाई की दिशा स्पष्ट होगी। SIT की जाँच अभी भी जारी बताई जा रही है।