14 जुलाई 2026
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नासिक TCS उत्पीड़न-धर्मांतरण मामला: SIT ने दूसरी चार्जशीट दाखिल की, 8 FIR के आरोपी नामज़द

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नासिक TCS उत्पीड़न-धर्मांतरण मामला: SIT ने दूसरी चार्जशीट दाखिल की, 8 FIR के आरोपी नामज़द

सारांश

नासिक TCS मामले में SIT ने दूसरी चार्जशीट दाखिल कर 8 FIR के आरोपियों को नामज़द किया। 22 मई को 1,500 पृष्ठों की पहली चार्जशीट के बाद यह दूसरा बड़ा कदम है। AIMIM पार्षद मतीन पटेल से 9 घंटे पूछताछ, 1 जून को फिर तलब।

मुख्य बातें

SIT ने 29 मई 2026 को नासिक की अदालत में दूसरी चार्जशीट दाखिल की, जो मुंबई नाका पुलिस स्टेशन की 8 FIR से संबंधित है।
आरोपियों में रजा रफीक मेमन , शाहरुख कुरैशी , दानिश एजाज शेख , निदा एजाज खान , तौसीफ अत्तार और अन्य शामिल हैं।
पहली चार्जशीट 22 मई को 1,500 पृष्ठों में देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन मामले में दाखिल हुई थी।
AIMIM पार्षद मतीन पटेल से 25 मई को 9 घंटे पूछताछ; 1 जून को फिर तलब।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, व्हाट्सएप ग्रुप के ज़रिये धार्मिक दबाव डालने और खान-पान बदलने के लिए मजबूर करने के आरोप।

नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में यौन उत्पीड़न और कथित जबरन धर्मांतरण मामले की जाँच कर रही विशेष जाँच टीम (SIT) ने 29 मई 2026 को नासिक की अदालत में दूसरा आरोपपत्र दाखिल किया। यह आरोपपत्र मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज 8 FIR से संबंधित है और इसमें कई आरोपियों को नामज़द किया गया है।

दूसरी चार्जशीट में कौन-कौन नामज़द

अधिकारियों के अनुसार, नासिक स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रस्तुत इस आरोपपत्र में रजा रफीक मेमन, शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी, अश्विनी अशोक चैनानी, तौसीफ बिलाल अत्तार, शफी भीखन शेख, दानिश एजाज शेख, निदा एजाज खान और अन्य को आरोपी बनाया गया है। आरोपपत्र में शोषण और धार्मिक दबाव के आरोपों का विस्तृत विवरण दिया गया है।

पहली चार्जशीट और मामले की पृष्ठभूमि

इससे पहले 22 मई को SIT ने देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में BNS और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज एक अलग मामले में 1,500 पृष्ठों की पहली चार्जशीट दाखिल की थी। उस आरोपपत्र में दानिश एजाज शेख, तौसीफ बिलाल अत्तार, निदा एजाज खान और मतीन मजीद पटेल को आरोपी बनाया गया था।

गौरतलब है कि TCS की नासिक इकाई में कार्यरत कई महिला कर्मचारियों द्वारा शोषण, कथित जबरन धर्मांतरण के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न की शिकायतें दर्ज कराने के बाद SIT का गठन किया गया था।

आरोपों का स्वरूप

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से कर्मचारियों को निशाना बनाया और उन पर नमाज़ पढ़ने तथा मांसाहारी भोजन करने का दबाव डाला। कुछ पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें खान-पान की आदतें बदलने और धार्मिक चिह्न धारण करने के लिए मजबूर किया गया।

AIMIM पार्षद से पूछताछ

इस बीच पुलिस ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के पार्षद मतीन पटेल से भी पूछताछ की, जिन पर निदा खान को कथित तौर पर फरार होने के दौरान शरण देने का आरोप है। अधिकारियों ने बताया कि पटेल से 25 मई को लगभग नौ घंटे तक पूछताछ की गई और उन्हें 1 जून को फिर से तलब किया गया है।

आगे क्या होगा

दो चार्जशीट दाखिल होने के साथ यह मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण में प्रवेश कर चुका है। अदालत द्वारा संज्ञान लिए जाने और आरोपियों की पेशी के बाद सुनवाई की दिशा स्पष्ट होगी। SIT की जाँच अभी भी जारी बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 पृष्ठों का दस्तावेज़ीकरण SIT की तैयारी की गंभीरता दर्शाता है, लेकिन असली परीक्षा अदालत में साक्ष्य की मज़बूती से होगी। AIMIM पार्षद की कथित संलिप्तता इस मामले को राजनीतिक रंग देती है, जिससे निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करना और भी ज़रूरी हो जाता है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नासिक TCS उत्पीड़न और धर्मांतरण मामला क्या है?
यह मामला नासिक स्थित TCS इकाई में कार्यरत महिला कर्मचारियों की उन शिकायतों से उपजा है, जिनमें यौन उत्पीड़न, कथित जबरन धर्मांतरण के प्रयास, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए गए। इन शिकायतों के बाद महाराष्ट्र पुलिस ने SIT गठित की और अब तक दो चार्जशीट दाखिल हो चुकी हैं।
SIT ने दूसरी चार्जशीट कब और किस अदालत में दाखिल की?
SIT ने 29 मई 2026 को नासिक स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दूसरी चार्जशीट दाखिल की। यह आरोपपत्र मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज 8 FIR से संबंधित है।
इस मामले में AIMIM पार्षद मतीन पटेल की क्या भूमिका बताई जा रही है?
पुलिस का आरोप है कि AIMIM पार्षद मतीन पटेल ने आरोपी निदा खान को फरार होने के दौरान कथित तौर पर शरण दी। उनसे 25 मई को लगभग नौ घंटे पूछताछ की गई और उन्हें 1 जून को फिर से तलब किया गया है।
पहली और दूसरी चार्जशीट में क्या अंतर है?
पहली चार्जशीट 22 मई को देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन के मामले में 1,500 पृष्ठों में दाखिल हुई थी, जिसमें BNS और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएँ शामिल थीं। दूसरी चार्जशीट 29 मई को मुंबई नाका पुलिस स्टेशन की 8 अलग FIR से संबंधित है और इसमें अधिक आरोपियों को नामज़द किया गया है।
आरोपियों पर किस तरह के दबाव बनाने के आरोप हैं?
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, आरोपियों ने व्हाट्सएप ग्रुप के ज़रिये कर्मचारियों को निशाना बनाया और उन पर नमाज़ पढ़ने, मांसाहारी भोजन करने तथा धार्मिक चिह्न धारण करने का कथित दबाव डाला। कुछ पीड़ितों ने खान-पान की आदतें बदलने के लिए मजबूर किए जाने का भी आरोप लगाया है।
राष्ट्र प्रेस
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