26 जुलाई 2026
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TCS नासिक यौन उत्पीड़न मामला: चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन बोले — दोषी कर्मचारी पर होगी सख्त कार्रवाई

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TCS नासिक यौन उत्पीड़न मामला: चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन बोले — दोषी कर्मचारी पर होगी सख्त कार्रवाई

सारांश

TCS चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने 31वीं AGM में साफ़ किया — नासिक बीपीओ यौन उत्पीड़न मामले में दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। नासिक SIT चार्जशीट दाखिल कर चुकी है; डेलॉयट और ट्राइलीगल की स्वतंत्र जाँच जारी है।

मुख्य बातें

चंद्रशेखरन ने 9 जून 2026 को AGM में कहा कि नासिक मामले में दोषी कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार TCS को किसी भी चैनल से कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली थी।
आंतरिक जाँच डेलॉयट और ट्राइलीगल द्वारा, COO आरती सुब्रमण्यन की देखरेख में।
निगरानी समिति के प्रमुख स्वतंत्र निदेशक केकी मिस्त्री हैं।
नासिक SIT चार्जशीट दाखिल कर चुकी है; 2022–2026 के बीच 8 अतिरिक्त FIR दर्ज।
मामला मार्च 2026 में सामने आया जब नासिक BPO की एक महिला कर्मचारी ने शिकायत दर्ज कराई।

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने मंगलवार, 9 जून 2026 को कंपनी की 31वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में स्पष्ट किया कि नासिक बीपीओ यूनिट में यौन उत्पीड़न के मामले में यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार कंपनी को किसी भी चैनल के माध्यम से इस संदर्भ में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी।

AGM में चंद्रशेखरन का बयान

चंद्रशेखरन ने AGM में कहा, 'यह मामला अभी कोर्ट में है, इसलिए मैं इस पर ज़्यादा कुछ नहीं कहना चाहता, लेकिन हमें जो शुरुआती रिपोर्ट मिली है, उससे पता चलता है कि कंपनी को किसी भी चैनल या ईमेल के ज़रिए कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है।' उन्होंने आगे कहा, 'हम यह पुख्ता करना चाहते हैं कि नासिक ऑफिस में मौजूद हर व्यक्ति जाँच करने वालों से बात कर सके। अगर प्रक्रिया में कोई कमी मिलती है, तो उसे और मज़बूत किया जाएगा। अगर किसी कर्मचारी की गलती पाई जाती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।'

स्वतंत्र जाँच और निगरानी समिति

आंतरिक जाँच के लिए TCS ने डेलॉयट और ट्राइलीगल को स्वतंत्र सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है। यह जाँच कंपनी की प्रेसिडेंट एवं चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर आरती सुब्रमण्यन की देखरेख में संचालित हो रही है। इसके अतिरिक्त, परिणामों की समीक्षा और आगे की कार्रवाई के सुझाव के लिए एक निगरानी समिति भी गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता स्वतंत्र निदेशक केकी मिस्त्री कर रहे हैं।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला सबसे पहले मार्च 2026 में तब सामने आया जब TCS की नासिक बीपीओ यूनिट में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने शिकायत दर्ज कराई कि उसके एक सहकर्मी ने विवाह का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जाँच के दौरान पुलिस ने 2022 से 2026 के बीच मानसिक और यौन उत्पीड़न से जुड़े आठ अतिरिक्त एफआईआर दर्ज किए, जिनमें वरिष्ठ प्रबंधकों द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने के आरोप भी शामिल हैं। कुछ शिकायतकर्ताओं ने धर्म परिवर्तन की कोशिश के आरोप भी लगाए हैं।

पुलिस की चार्जशीट

नासिक पुलिस की विशेष जाँच दल (SIT) इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। चंद्रशेखरन ने कहा कि कंपनी औपचारिक जाँच पूरी होने का इंतज़ार करेगी और अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है।

आगे क्या होगा

मामला न्यायालय में विचाराधीन है और TCS की आंतरिक जाँच जारी है। गौरतलब है कि यह कार्यस्थल उत्पीड़न का ऐसा मामला है जिसमें एक बड़ी आईटी कंपनी की आंतरिक शिकायत प्रणाली की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठे हैं। TCS के शेयरधारकों और उद्योग जगत की नज़र अब जाँच के नतीजों और कंपनी की आगामी प्रतिक्रिया पर टिकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह इस तथ्य को नज़रअंदाज़ करता है कि पुलिस को 2022 से 2026 के बीच आठ अलग-अलग एफआईआर मिलीं। यह अंतर ही असली जाँच का विषय है। डेलॉयट और ट्राइलीगल जैसी स्वतंत्र संस्थाओं की नियुक्ति सकारात्मक कदम है, परंतु उनके निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएँगे या नहीं — यह पारदर्शिता की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

TCS नासिक यौन उत्पीड़न मामला क्या है?
यह मामला मार्च 2026 में सामने आया जब TCS की नासिक BPO यूनिट में कार्यरत एक महिला कर्मचारी ने शिकायत दर्ज कराई कि एक सहकर्मी ने विवाह का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जाँच के दौरान 2022–2026 के बीच आठ अतिरिक्त FIR भी दर्ज हुईं।
TCS चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने AGM में क्या कहा?
चंद्रशेखरन ने 9 जून 2026 की AGM में कहा कि मामला न्यायालय में है और प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार कंपनी को कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
TCS ने नासिक मामले की जाँच के लिए क्या कदम उठाए हैं?
TCS ने डेलॉयट और ट्राइलीगल को स्वतंत्र सलाहकार नियुक्त किया है। जाँच COO आरती सुब्रमण्यन की देखरेख में हो रही है और स्वतंत्र निदेशक केकी मिस्त्री की अध्यक्षता में एक निगरानी समिति भी गठित की गई है।
नासिक SIT ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
नासिक पुलिस की विशेष जाँच दल (SIT) इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। SIT ने 2022 से 2026 के बीच मानसिक और यौन उत्पीड़न तथा वरिष्ठ प्रबंधकों की निष्क्रियता से जुड़े आठ अतिरिक्त FIR भी दर्ज किए हैं।
TCS नासिक मामले में आगे क्या होने की उम्मीद है?
TCS की आंतरिक जाँच जारी है और कंपनी ने औपचारिक जाँच पूरी होने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है और जाँच के नतीजों पर शेयरधारकों व उद्योग जगत की नज़र बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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