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नागपुर में 11-12 जुलाई को ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की तीसरी बैठक, गडकरी करेंगे अध्यक्षता

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नागपुर में 11-12 जुलाई को ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की तीसरी बैठक, गडकरी करेंगे अध्यक्षता

सारांश

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में 11-12 जुलाई को नागपुर में परिवहन मंत्रियों की तीसरी बैठक होगी। गडकरी की अध्यक्षता में 11 देशों के प्रतिनिधि SAF, AI परिवहन और डीकार्बोनाइजेशन पर चर्चा करेंगे — यह समूह वैश्विक GDP का 40% और आधी दुनिया की आबादी का प्रतिनिधित्व करता है।

मुख्य बातें

भारत 11-12 जुलाई 2026 को नागपुर में ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की तीसरी बैठक की मेजबानी करेगा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी 11 जुलाई को मंत्रिस्तरीय सत्र की अध्यक्षता करेंगे।
एजेंडे में सतत विमानन ईंधन (SAF) , AI-आधारित परिवहन , डीकार्बोनाइजेशन और बहु-मोडल नेटवर्क शामिल हैं।
विस्तारित ब्रिक्स समूह में अब 11 देश हैं, जो वैश्विक जीडीपी का 40% और विश्व की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।
यह बैठक भारत की थीम 'अनुकूलन, नवाचार, सहयोग और स्थायित्व के लिए निर्माण' तथा विकसित भारत 2047 विज़न के अनुरूप है।

भारत 11 और 12 जुलाई 2026 को नागपुर में ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की तीसरी बैठक की मेजबानी करेगा। ब्रिक्स 2026 की अध्यक्षता भारत के पास होने के नाते, इस दो-दिवसीय सम्मेलन में सदस्य देशों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी परिवहन अवसंरचना की स्थिरता और कनेक्टिविटी से जुड़ी प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श करेंगे।

बैठक की अध्यक्षता और मुख्य भागीदार

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 11 जुलाई को इस मंत्रिस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। अन्य ब्रिक्स सदस्य देशों के परिवहन मंत्री भी इस सत्र में भाग लेंगे। गौरतलब है कि इससे पहले की दो बैठकें रूस और ब्राजील की अध्यक्षता में आयोजित हो चुकी हैं, और नागपुर की यह तीसरी बैठक उसी क्रम को आगे बढ़ाएगी।

बैठक का विषय और भारत का विज़न

यह बैठक भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम — 'अनुकूलन, नवाचार, सहयोग और स्थायित्व के लिए निर्माण' — के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। यह थीम भारत के विकसित भारत 2047 विज़न से भी मेल खाती है, जो डेटा-संचालित, जलवायु-जागरूक और आपदा-प्रतिरोधी परिवहन पारिस्थितिकी तंत्र की परिकल्पना करता है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सर्कुलर अर्थव्यवस्था समाधानों को एकीकृत कर रसद लागत घटाना और हरित आवागमन को बढ़ावा देना भारत का स्पष्ट लक्ष्य है।

एजेंडे में क्या है

दो दिनों के दौरान वरिष्ठ अधिकारी निम्नलिखित उभरते क्षेत्रों पर चर्चा करेंगे:

सतत विमानन ईंधन (SAF), शहरी आवागमन, बहु-मोडल परिवहन, टिकाऊ आपूर्ति श्रृंखलाएं, डीकार्बोनाइजेशन और AI-आधारित प्रौद्योगिकियों को अपनाना। साथ ही रूस और ब्राजील की अध्यक्षता के दौरान हुई प्रगति की समीक्षा और अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रणालियों का आदान-प्रदान भी एजेंडे में शामिल है।

ब्रिक्स का वैश्विक प्रतिनिधित्व

विस्तारित ब्रिक्स समूह में अब 11 देश शामिल हैं — ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात। यह समूह विश्व की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और वैश्विक जीडीपी का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा है। परिवहन सहयोग को मजबूत करने से व्यापार सुगमता, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और रसद दक्षता में सुधार की उम्मीद है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएं जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक दबावों से जूझ रही हैं। नागपुर बैठक से ब्रिक्स देशों के बीच परिवहन सहयोग को नई गति मिलने और नवाचार-आधारित विकास की सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत करने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या ब्रिक्स परिवहन सहयोग ठोस अवसंरचना परियोजनाओं में तब्दील होगा या केवल घोषणापत्रों तक सीमित रहेगा। विस्तारित ब्रिक्स में 11 विविध अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहमति बनाना पहले से कहीं अधिक जटिल है — चीन और भारत के बीच भू-राजनीतिक तनाव इस सहयोग की व्यावहारिक सीमाएं तय करते हैं। SAF और AI परिवहन जैसे महत्वाकांक्षी एजेंडे तब तक कागज़ी रहेंगे जब तक वित्त पोषण और क्रियान्वयन की स्पष्ट रूपरेखा सामने न आए।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागपुर में ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक कब और क्यों हो रही है?
यह बैठक 11 और 12 जुलाई 2026 को नागपुर में आयोजित हो रही है। भारत ब्रिक्स 2026 का अध्यक्ष है और इस बैठक का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच परिवहन अवसंरचना, स्थिरता और कनेक्टिविटी पर नीतिगत सहयोग को मजबूत करना है।
इस बैठक में भारत की ओर से कौन अध्यक्षता करेंगे?
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 11 जुलाई को मंत्रिस्तरीय सत्र की अध्यक्षता करेंगे। अन्य ब्रिक्स सदस्य देशों के परिवहन मंत्री भी इसमें भाग लेंगे।
ब्रिक्स परिवहन बैठक के एजेंडे में कौन-से प्रमुख विषय हैं?
बैठक में सतत विमानन ईंधन (SAF), शहरी आवागमन, बहु-मोडल परिवहन, टिकाऊ आपूर्ति श्रृंखलाएं, डीकार्बोनाइजेशन और AI-आधारित परिवहन प्रौद्योगिकियों को अपनाने पर चर्चा होगी। साथ ही रूस और ब्राजील की अध्यक्षता में हुई प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी।
विस्तारित ब्रिक्स समूह में कौन-से देश शामिल हैं?
विस्तारित ब्रिक्स में अब 11 देश हैं — ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात। यह समूह विश्व की लगभग आधी आबादी और वैश्विक जीडीपी के करीब 40 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करता है।
यह बैठक भारत के विकसित भारत 2047 विज़न से कैसे जुड़ी है?
बैठक की थीम भारत के विकसित भारत 2047 विज़न के अनुरूप है, जो डेटा-संचालित, जलवायु-जागरूक और आपदा-प्रतिरोधी परिवहन पारिस्थितिकी तंत्र की परिकल्पना करता है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और सर्कुलर अर्थव्यवस्था समाधानों के एकीकरण के ज़रिए रसद लागत घटाना और हरित आवागमन को बढ़ावा देना इसके मूल में है।
राष्ट्र प्रेस
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