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वांग यी 22-23 जून को भारत में ब्रिक्स NSA बैठक में होंगे शामिल, सितंबर शिखर सम्मेलन की होगी तैयारी

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वांग यी 22-23 जून को भारत में ब्रिक्स NSA बैठक में होंगे शामिल, सितंबर शिखर सम्मेलन की होगी तैयारी

सारांश

चीन के शीर्ष कूटनीतिज्ञ वांग यी 22-23 जून को भारत में ब्रिक्स NSA की 16वीं बैठक में शामिल होंगे। अजीत डोभाल के निमंत्रण पर हो रही यह यात्रा सितंबर के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की राजनीतिक तैयारी का हिस्सा है।

मुख्य बातें

वांग यी 22-23 जून को भारत में ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की 16वीं बैठक में भाग लेंगे।
यह यात्रा भारतीय NSA अजीत डोभाल के निमंत्रण पर हो रही है।
बैठक का मुख्य लक्ष्य सितंबर 2025 के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राजनीतिक तैयारी करना है।
एजेंडे में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति, क्षेत्रीय मुद्दे और परंपरागत व गैर-परंपरागत सुरक्षा चुनौतियाँ शामिल हैं।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन च्येन ने 19 जून को इसकी आधिकारिक घोषणा की।

चीन के शीर्ष कूटनीतिज्ञ और सीपीसी केंद्रीय कमेटी के पोलित ब्यूरो सदस्य वांग यी 22 और 23 जून को भारत में आयोजित होने वाली ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की 16वीं बैठक में भाग लेंगे। यह यात्रा भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के निमंत्रण पर हो रही है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन च्येन ने 19 जून को यह जानकारी दी।

बैठक का उद्देश्य और एजेंडा

चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक में ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच वर्तमान अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति, महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व क्षेत्रीय मुद्दों तथा परंपरागत एवं गैर-परंपरागत सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के तालमेल पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा। यह बैठक मुख्यतः सितंबर 2025 में प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक ज़मीन तैयार करने के उद्देश्य से बुलाई गई है।

चीन की अपेक्षाएँ

चीनी पक्ष ने स्पष्ट किया है कि वह इस बैठक के माध्यम से ब्रिक्स सदस्यों के साथ राजनीतिक व सुरक्षा क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करना चाहता है। प्रवक्ता लिन च्येन के अनुसार, चीन का लक्ष्य है कि यह बहुपक्षीय मंच विश्व शांति और सुरक्षा में सकारात्मक योगदान दे।

भारत-चीन संदर्भ में महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब भारत और चीन के बीच कूटनीतिक संबंध हाल के वर्षों में उतार-चढ़ाव से गुज़रे हैं। वांग यी की भारत यात्रा को दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय संवाद की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि केंद्रीय वैदेशिक मामले कार्यालय के निदेशक के रूप में वांग यी चीन की विदेश नीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक हैं।

आगे क्या होगा

इस बैठक के नतीजे सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे। ब्रिक्स के विस्तारित स्वरूप — जिसमें अब नए सदस्य देश भी शामिल हैं — के बीच यह पहली बड़ी सुरक्षा-स्तरीय बहुपक्षीय बैठकों में से एक मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या डोभाल-वांग यी की मुलाकात में सीमा विवाद और व्यापार असंतुलन जैसे ठोस द्विपक्षीय मुद्दे भी उठेंगे।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वांग यी की भारत यात्रा का उद्देश्य क्या है?
वांग यी 22-23 जून को भारत में ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की 16वीं बैठक में भाग लेने आ रहे हैं। यह यात्रा भारतीय NSA अजीत डोभाल के निमंत्रण पर हो रही है और सितंबर 2025 के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए है।
ब्रिक्स NSA बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
बैठक में वर्तमान अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति, महत्वपूर्ण क्षेत्रीय मुद्दे और परंपरागत व गैर-परंपरागत सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के तालमेल पर विचार-विमर्श होगा। चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार इसका लक्ष्य ब्रिक्स सदस्यों के बीच राजनीतिक व सुरक्षा सहयोग को गहरा करना है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2025 कब होगा?
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन सितंबर 2025 में आयोजित होने की योजना है। 22-23 जून की NSA बैठक इसी शिखर सम्मेलन के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक ज़मीन तैयार करने के उद्देश्य से बुलाई गई है।
इस बैठक में भारत की भूमिका क्या है?
भारत इस बार ब्रिक्स NSA बैठक की मेज़बानी कर रहा है और NSA अजीत डोभाल ने वांग यी को आमंत्रित किया है। यह भारत-चीन के बीच उच्च-स्तरीय कूटनीतिक संवाद की निरंतरता को भी दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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