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ब्रिक्स एनएसए बैठक: ईरानी प्रतिनिधि गदीर नेजामी नई दिल्ली पहुंचे, 22-23 जून को अहम सुरक्षा चर्चा

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ब्रिक्स एनएसए बैठक: ईरानी प्रतिनिधि गदीर नेजामी नई दिल्ली पहुंचे, 22-23 जून को अहम सुरक्षा चर्चा

सारांश

नई दिल्ली में 22-23 जून को हो रही ब्रिक्स एनएसए बैठक महज़ एक औपचारिक मंच नहीं — यह सितंबर के शिखर सम्मेलन की असली पटकथा लिखने की कोशिश है। ईरान, रूस और चीन के शीर्ष सुरक्षा प्रतिनिधियों की एक साथ उपस्थिति इस बैठक को भू-राजनीतिक दृष्टि से असाधारण बनाती है।

मुख्य बातें

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी गदीर नेजामी सोमवार 22 जून को नई दिल्ली पहुंचे।
ब्रिक्स एनएसए बैठक 22-23 जून तक भारत के एनएसए अजीत डोभाल की अध्यक्षता में आयोजित हो रही है।
बैठक में चीन के वांग यी और रूस के सर्गेई शोइगु सहित कई शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं।
एजेंडे में सीमा-पार आतंकवाद, पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति और बहुपक्षीय सहयोग शामिल हैं।
यह बैठक सितंबर 2025 में भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी का हिस्सा मानी जा रही है।
ईरान जनवरी 2024 से ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य है।

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी गदीर नेजामी सोमवार, 22 जून को नई दिल्ली पहुंचे, जहाँ ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) और सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक आयोजित की जा रही है। यह बैठक 22-23 जून तक चलेगी और इसमें सदस्य देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी क्षेत्रीय एवं वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे।

बैठक में कौन-कौन शामिल

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की अध्यक्षता में होने वाली इस उच्चस्तरीय बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु और ईरान के प्रतिनिधि गदीर नेजामी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं। नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर नेजामी के आगमन की पुष्टि की।

एजेंडे में क्या है

बैठक में सीमा-पार आतंकवाद, पश्चिम एशिया की बदलती सुरक्षा स्थिति, उभरते भू-राजनीतिक संकटों और ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय सुरक्षा सहयोग को मज़बूत करने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। अपने दौरे के दौरान नेजामी के कई विशेष सत्रों में भाग लेने और भागीदार देशों के संबंधित अधिकारियों से द्विपक्षीय मुलाकात करने की संभावना है।

ईरान की ब्रिक्स में बढ़ती भूमिका

गौरतलब है कि ईरान जनवरी 2024 से ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य है और हाल के वर्षों में समूह के भीतर उसकी सक्रियता लगातार बढ़ी है। यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब ईरान से जुड़े क्षेत्रीय घटनाक्रम और तनाव अपने चरम पर हैं, जिससे नेजामी की उपस्थिति कूटनीतिक दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

सितंबर शिखर सम्मेलन की तैयारी

यह एनएसए स्तरीय बैठक सितंबर में भारत में प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों की दिशा में एक अहम कड़ी मानी जा रही है। विश्लेषकों के अनुसार, इस बैठक में बनी सहमति और रणनीतिक रूपरेखा शिखर सम्मेलन के एजेंडे को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। ब्रिक्स के विस्तार के बाद यह पहली बड़ी सुरक्षा-केंद्रित बहुपक्षीय बैठकों में से एक है जो भारत की मेज़बानी में हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

रूस और चीन के शीर्ष सुरक्षा प्रतिनिधियों की मौजूदगी इस बैठक को सामान्य बहुपक्षीय संवाद से कहीं अधिक बनाती है — यह पश्चिमी गठबंधनों के समानांतर एक वैकल्पिक सुरक्षा ढाँचे की आकृति है। भारत की मेज़बानी की भूमिका रणनीतिक स्वायत्तता की उस नीति को रेखांकित करती है जो नई दिल्ली वर्षों से साधता आया है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि ब्रिक्स के विस्तार के बाद समूह की आंतरिक एकजुटता परखी जानी बाकी है — खासकर तब, जब सदस्य देशों के बीच द्विपक्षीय तनाव भी मौजूद हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिक्स एनएसए बैठक 2025 क्या है और यह कहाँ हो रही है?
यह ब्रिक्स सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों की बैठक है, जो 22-23 जून 2025 को नई दिल्ली में आयोजित की जा रही है। इसकी अध्यक्षता भारत के एनएसए अजीत डोभाल कर रहे हैं।
गदीर नेजामी कौन हैं और वे दिल्ली क्यों आए हैं?
गदीर नेजामी ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी हैं। वे ब्रिक्स एनएसए बैठक में ईरान का प्रतिनिधित्व करने के लिए 22 जून को नई दिल्ली पहुंचे हैं।
इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
बैठक में सीमा-पार आतंकवाद, पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति, उभरते भू-राजनीतिक संकट और ब्रिक्स देशों के बीच बहुपक्षीय सुरक्षा सहयोग को मज़बूत करने जैसे विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
ईरान ब्रिक्स का सदस्य कब बना?
ईरान जनवरी 2024 से ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य है। तब से समूह के भीतर उसकी भागीदारी और सक्रियता लगातार बढ़ी है।
यह बैठक सितंबर के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से कैसे जुड़ी है?
इस एनएसए स्तरीय बैठक को सितंबर 2025 में भारत में प्रस्तावित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। यहाँ बनी सहमति और रणनीतिक रूपरेखा शिखर सम्मेलन के एजेंडे को आकार दे सकती है।
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