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ब्रिक्स एनएसए बैठक: नई दिल्ली में ईरान-चीन की अहम मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी और शांति समझौते पर जोर

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ब्रिक्स एनएसए बैठक: नई दिल्ली में ईरान-चीन की अहम मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी और शांति समझौते पर जोर

सारांश

नई दिल्ली में ब्रिक्स एनएसए बैठक महज़ औपचारिकता नहीं रही — ईरान और चीन ने इसे अपनी रणनीतिक धुरी को और पक्का करने के मंच के रूप में इस्तेमाल किया। डॉ. नेजामी और वांग यी की मुलाकात यह बताती है कि तेहरान-बीजिंग संबंध ब्रिक्स के भीतर एक नई कूटनीतिक ताकत के रूप में उभर रहे हैं।

मुख्य बातें

ब्रिक्स एनएसए बैठक 22 जून को नई दिल्ली में भारतीय एनएसए अजीत डोभाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
ईरान के डिप्टी सेक्रेटरी डॉ.
गदीर नेजामी और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने द्विपक्षीय बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति समझौते के क्रियान्वयन पर चर्चा की।
वांग यी ने ईरान की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति चीन के समर्थन को दोहराया।
नेजामी ने कहा कि ईरान किसी भी संभावित खतरे का जवाब देने के लिए तैयार है।
बैठक में रूस के सुरक्षा परिषद सचिव सर्गेई शोइगु भी सम्मिलित हुए।

नई दिल्ली में 22 जून को आयोजित ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) बैठक के दौरान ईरान और चीन के बीच द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। दोनों देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा हालात, आपसी सहयोग और एक शांति समझौते के क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया।

मुख्य घटनाक्रम

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी डॉ. गदीर नेजामी ने इस बैठक के दौरान चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। भारत में ईरानी दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय परिस्थितियों, द्विपक्षीय सहयोग और शांति समझौते को लागू करने पर विस्तृत चर्चा हुई।

दूतावास के अनुसार, डॉ. नेजामी ने चीन के राजनीतिक समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि तेहरान तथा बीजिंग के बीच रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करना आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी संभावित खतरे का मुकाबला करने के लिए तैयार है।

चीन का रुख और समर्थन

दूतावास की जानकारी के अनुसार, वांग यी ने ईरान की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति चीन की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने ईरान के पड़ोसी देशों के साथ बेहतर होते संबंधों का स्वागत करते हुए कहा कि बीजिंग क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार है। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि संवाद की निरंतरता और द्विपक्षीय सहयोग का विस्तार ज़रूरी है।

बैठक में शामिल प्रमुख प्रतिनिधि

यह बैठक भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इसमें चीन के विदेश मंत्री वांग यी, रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु और ईरान के सुरक्षा प्रतिनिधि डॉ. गदीर नेजामी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित हुए। डॉ. नेजामी इस बैठक में भाग लेने के लिए सोमवार को नई दिल्ली पहुँचे थे।

ब्रिक्स की बदलती प्राथमिकताएँ

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब ब्रिक्स अपने एजेंडे को आर्थिक मुद्दों से आगे बढ़ाकर वैश्विक शासन, सुरक्षा सहयोग और तकनीकी चुनौतियों तक विस्तारित कर रहा है। गौरतलब है कि भारत इस मंच पर सदस्य देशों को प्रभावित करने वाली रणनीतिक और सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर संवाद को आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह मुलाकात इस बात का संकेत है कि ईरान-चीन धुरी ब्रिक्स के भीतर अपनी कूटनीतिक स्थिति को और मज़बूत करने की कोशिश में है।

आगे क्या

इस बैठक के नतीजे ब्रिक्स के व्यापक सुरक्षा ढाँचे और मध्य-पूर्व में कूटनीतिक संतुलन पर असर डाल सकते हैं। ईरान-चीन के बीच शांति समझौते के क्रियान्वयन की प्रगति और क्षेत्रीय स्थिरता पर आने वाले हफ्तों में अधिक स्पष्टता मिलने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन किस समझौते की बात हो रही है, यह स्पष्ट नहीं किया गया — जो इस बयानबाज़ी को अस्पष्ट रखता है। भारत की मेज़बानी इस बैठक को एक तटस्थ मंच देती है, लेकिन तेहरान-बीजिंग की बढ़ती नज़दीकी नई दिल्ली के लिए भी कूटनीतिक संतुलन की चुनौती पेश करती है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिक्स एनएसए बैठक में ईरान और चीन के बीच क्या हुआ?
नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स एनएसए बैठक के दौरान ईरान के डिप्टी सेक्रेटरी डॉ. गदीर नेजामी और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने मुलाकात की। दोनों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, द्विपक्षीय सहयोग और एक शांति समझौते के क्रियान्वयन पर चर्चा की।
ब्रिक्स एनएसए बैठक की अध्यक्षता किसने की?
इस बैठक की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने की। बैठक में चीन के वांग यी, रूस के सर्गेई शोइगु और ईरान के डॉ. गदीर नेजामी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
ईरान-चीन की इस बैठक का क्या महत्व है?
यह बैठक ऐसे समय में हुई जब ब्रिक्स अपने एजेंडे को आर्थिक मुद्दों से आगे बढ़ाकर वैश्विक सुरक्षा और शासन तक विस्तारित कर रहा है। ईरान-चीन की बढ़ती रणनीतिक नज़दीकी क्षेत्रीय कूटनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकती है।
चीन ने ईरान के प्रति क्या रुख अपनाया?
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के लिए बीजिंग के समर्थन को दोहराया। उन्होंने यह भी कहा कि चीन क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए कूटनीतिक प्रयासों में सहयोग देने को तैयार है।
ब्रिक्स एनएसए बैठक में भारत की भूमिका क्या है?
भारत इस बैठक का मेज़बान और अध्यक्ष देश है। एनएसए अजीत डोभाल की अध्यक्षता में भारत ब्रिक्स मंच पर वैश्विक शासन, सुरक्षा सहयोग और तकनीकी चुनौतियों पर संवाद को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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