ब्रिक्स NSA बैठक में ईरानी प्रतिनिधि का आरोप: अमेरिका-इजरायल जिम्मेदार, UAE ने दिया उनका साथ
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 23 जून 2026 को आयोजित ब्रिक्स राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) की 16वीं बैठक में ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप सचिव गदीर नेजामिपूर ने क्षेत्रीय संघर्ष की जिम्मेदारी सीधे अमेरिका और इजरायल पर डाली तथा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर ईरान-विरोधी अभियान में उनका साथ देने का गंभीर आरोप लगाया। UAE के प्रतिनिधि द्वारा लगाए गए आरोपों को नेजामिपूर ने सख्ती से खारिज करते हुए यह बैठक एक कूटनीतिक तनाव का केंद्र बन गई।
ईरान के आरोप: क्या कहा नेजामिपूर ने
नेजामिपूर ने बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा, 'क्षेत्र में हालिया संघर्ष और उसके बाद पैदा हुई परिस्थितियों के लिए अमेरिका और 'जायोनिस्ट शासन' जिम्मेदार है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि होर्मुज स्ट्रेट में संकट और हमलों की शुरुआत इन्हीं पक्षों ने की थी।
नेजामिपूर ने दावा किया कि 'इन हमलों का एक हिस्सा UAE की भूमि पर स्थित ठिकानों से संचालित किया गया, और UAE ने इन कार्रवाइयों में भाग लेते हुए ईरान के नागरिक ढाँचे, स्कूलों और अस्पतालों पर हमलों के लिए अपने क्षेत्र का उपयोग करने दिया।' ये आरोप अत्यंत गंभीर हैं और UAE ने अभी तक इन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
मिनाब के छात्रों का पोस्टर: भावनात्मक प्रस्तुति
बैठक में नेजामिपूर ने एक पोस्टर भी प्रस्तुत किया, जिसमें मिनाब के उन छात्रों को दर्शाया गया था जिनकी मौत कथित तौर पर हालिया हमलों में हुई बताई गई। उन्होंने कहा कि यह तस्वीर उन बच्चों का प्रतीक है जो उनके अनुसार अमेरिका द्वारा किए गए हमले के पहले दिन मारे गए थे। यह प्रस्तुति बैठक में भावनात्मक और राजनीतिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण क्षण रही।
UAE से शांति की अपील, लेकिन कड़े शब्दों में
नेजामिपूर ने UAE को संबोधित करते हुए कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि संयुक्त अरब अमीरात प्रचार और दुस्साहस की बजाय अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों का सम्मान करेगा और शांति, स्थिरता तथा क्षेत्रीय सहयोग का मार्ग चुनेगा।' यह बयान कूटनीतिक भाषा में एक कड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक की पृष्ठभूमि और भागीदार देश
नई दिल्ली में आयोजित इस दो दिवसीय बैठक की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल कर रहे हैं। इस बैठक में ब्रिक्स समूह के 11 सदस्य देशों के सुरक्षा प्रमुख भाग ले रहे हैं — भारत, ब्राज़ील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और UAE। बैठक का मुख्य विषय 'दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियाँ' है।
गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है। ब्रिक्स मंच पर इस तरह के द्विपक्षीय आरोप-प्रत्यारोप इस बैठक को महज़ एजेंडा-चर्चा से कहीं अधिक कूटनीतिक महत्व दे रहे हैं।
आगे क्या
बैठक के समापन पर साझा वक्तव्य जारी होने की उम्मीद है, हालाँकि ईरान-UAE के बीच तीखे मतभेदों को देखते हुए सर्वसम्मति कठिन मानी जा रही है। अजीत डोभाल की अध्यक्षता में भारत की कोशिश होगी कि बैठक का ध्यान गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों पर केंद्रित रहे।