यूएन के रुख पर तेहरान का पलटवार: ईरान ने बहरीन-कुवैत हमलों को बताया कानूनी आत्मरक्षा
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के विदेश मंत्रालय ने 13 जुलाई को खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव पर संयुक्त राष्ट्र के बयान को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरानी कार्रवाई कोई हमला नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वैध आत्मरक्षा है। तेहरान ने 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल द्वारा शुरू किए गए हमलों को इस पूरे घटनाक्रम की जड़ बताया, जिनमें पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु हो गई थी।
ईरान का तर्क: हमलावर नहीं, आत्मरक्षा में जवाब देने वाला
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में स्पष्ट किया, "यह कोई 'सैन्य टकराव' नहीं है। यह 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल द्वारा शुरू किए गए खुलेआम और बिना उकसावे के हमले का सिलसिला है। ईरान 'हमला' नहीं करता है। दक्षिणी फारस की खाड़ी में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस और एसेट्स पर ईरान के हमले, अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सेल्फ-डिफेंस के उसके अंदरूनी अधिकार का एक सही और कानूनी इस्तेमाल है।"
बाघेई ने संयुक्त राष्ट्र पर एकतरफा रुख अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान पर संप्रभुता की रक्षा का इल्ज़ाम लगाना और हमलावरों को जवाबदेह न ठहराना बिल्कुल भी उचित नहीं है।
खाड़ी देशों पर आरोप: अमेरिका को लॉन्चपैड देने की इजाज़त
तेहरान ने अमेरिका पर खाड़ी देशों के क्षेत्रों को ईरान के विरुद्ध हमलों के लिए लॉन्चपैड के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। बाघेई ने यूएन को सीधे संबोधित करते हुए कहा, "आपको उन देशों से कहना चाहिए कि वे तुरंत अमेरिका को ईरान के खिलाफ हमले के लिए अपने इलाकों का इस्तेमाल लॉन्चपैड के तौर पर करने की इजाज़त देना बंद कर दें। ईरान पर अपनी संप्रभुता बचाने का इल्ज़ाम लगाना और हमलावरों को अंतरराष्ट्रीय कानून के उनके बड़े उल्लंघन के लिए जिम्मेदार न ठहराना, बिल्कुल भी सही नहीं है।"
'पर्सियन गल्फ' नामकरण पर ज़ोर
बाघेई ने इस मौके पर एक और मुद्दा उठाया — खाड़ी के नामकरण का। उन्होंने 18 अगस्त 1994 और 14 मई 1999 के यूएन निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि सभी संयुक्त राष्ट्र दस्तावेज़ों में इस जलक्षेत्र को 'पर्सियन गल्फ' ही लिखा जाना चाहिए। यह मुद्दा ईरान और कुछ अरब देशों के बीच दशकों पुराने विवाद से जुड़ा है।
संयुक्त राष्ट्र की अपील: तत्काल संयम और वार्ता
यह सारा घटनाक्रम तब सामने आया जब संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने खाड़ी में बढ़ते सैन्य टकराव पर गहरी चिंता व्यक्त की। इसमें होर्मुज़ स्ट्रेट में जहाज़ों पर ईरानी हमले, ईरान पर अमेरिकी हमले और पड़ोसी देशों में ईरानी कार्रवाइयाँ शामिल हैं।
यूएन महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बयान में कहा, "यूएन चीफ ने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने, तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाइयों से बचने और तनाव घटाने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की है। ये सभी हमले बंद होने चाहिए। महासचिव ईरान और अमेरिका से अपील करते हैं कि वे तुरंत बातचीत फिर से शुरू करें और कूटनीति के ज़रिए बाकी मुद्दों को सुलझाएं।"
गौरतलब है कि यह संकट उस समय और गहरा हो गया है जब खाड़ी क्षेत्र में पहले से ही कई मोर्चों पर तनाव चरम पर है। आने वाले दिनों में कूटनीतिक पहलों की सफलता या विफलता इस टकराव की दिशा तय करेगी।