कुवैत और बहरीन ने ईरानी हमलों की निंदा की, बोले — संप्रभुता का खुला उल्लंघन
सारांश
मुख्य बातें
कुवैत और बहरीन ने शनिवार, 6 जून को ईरान के ताज़ा मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें अपनी संप्रभुता का खुला उल्लंघन और खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा करार दिया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कुवैत में अली अल सलेम एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट हेडक्वार्टर पर हमले की पुष्टि की — यह दक्षिणी ईरान में अमेरिकी हमलों के जवाब में किया गया बताया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
स्थानीय समय शनिवार सुबह 1:30 बजे (शुक्रवार 22:00 GMT) अमेरिकी सेना के निर्देश में चार ऑयल टैंकर आईआरजीसी नेवी की चेतावनियों को नज़रअंदाज़ करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य से निकलने की कोशिश में थे। आईआरजीसी के अनुसार, बार-बार चेतावनी के बाद एक तेल टैंकर को निशाना बनाया गया और बाकी जहाज़ वापस लौट गए।
इसके बाद शनिवार सुबह 2:30 बजे (शुक्रवार 23:00 GMT) अमेरिकी ड्रोन ने केशम द्वीप और सिरिक काउंटी में आईआरजीसी के संचार टावरों पर हमला किया। जवाब में आईआरजीसी के एयरोस्पेस डिवीजन ने अली अल सलेम एयर बेस और यूएस फिफ्थ फ्लीट हेडक्वार्टर पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
कुवैत की प्रतिक्रिया
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ये हमले कुवैत की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून, यूएन चार्टर और सुरक्षा परिषद संकल्प 2817 का उल्लंघन है।
कुवैत ने स्पष्ट किया कि लगातार हो रहे हमले ऐसे समय में खतरनाक बढ़ोतरी को दर्शाते हैं जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष को टालने की कोशिश में जुटा है। मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों को किसी भी बहाने से उचित नहीं ठहराया जा सकता।
बहरीन की प्रतिक्रिया
बहरीन के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि ईरान के इन हमलों से खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को सीधा खतरा है। बहरीन ने ईरान से हमले तत्काल रोकने, होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी बाधा के पूरी तरह फिर से खोलने और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री नेविगेशन की स्वतंत्रता का सम्मान करने की माँग की।
अमेरिकी सेना का पक्ष
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को ईरान की कुछ रडार साइट्स पर हमला किया था। यह बयान ईरान के दावों के संदर्भ में आया, जिसमें अमेरिकी कार्रवाई को आईआरजीसी के जवाबी हमले की वजह बताया गया।
क्या होगा आगे
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव पहले से ही चरम पर है और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता गहरी हो रही है। कुवैत और बहरीन, दोनों ने मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने की घोषणा की है। आने वाले दिनों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे पर चर्चा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।