22 जुलाई 2026
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कुवैत और बहरीन ने ईरानी हमलों की निंदा की, बोले — संप्रभुता का खुला उल्लंघन

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कुवैत और बहरीन ने ईरानी हमलों की निंदा की, बोले — संप्रभुता का खुला उल्लंघन

सारांश

ईरान के आईआरजीसी ने कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस और बहरीन के यूएस फिफ्थ फ्लीट हेडक्वार्टर पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं — यह केशम द्वीप पर अमेरिकी हमलों का जवाब बताया जा रहा है। कुवैत और बहरीन ने इसे संप्रभुता का खुला उल्लंघन और खाड़ी स्थिरता के लिए खतरनाक बढ़ोतरी करार दिया है।

मुख्य बातें

आईआरजीसी ने 6 जून को कुवैत में अली अल सलेम एयर बेस और बहरीन में यूएस फिफ्थ फ्लीट हेडक्वार्टर पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की पुष्टि की।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने हमलों को यूएन चार्टर और सुरक्षा परिषद संकल्प 2817 का उल्लंघन बताया।
बहरीन ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल पूरी तरह खोलने और समुद्री नेविगेशन की स्वतंत्रता का सम्मान करने की माँग की।
आईआरजीसी के अनुसार, हमले केशम द्वीप और सिरिक काउंटी में अमेरिकी ड्रोन हमलों के जवाब में किए गए।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि उसने शुक्रवार को ईरान की कुछ रडार साइट्स पर हमला किया था।

कुवैत और बहरीन ने शनिवार, 6 जून को ईरान के ताज़ा मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें अपनी संप्रभुता का खुला उल्लंघन और खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा करार दिया। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कुवैत में अली अल सलेम एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट हेडक्वार्टर पर हमले की पुष्टि की — यह दक्षिणी ईरान में अमेरिकी हमलों के जवाब में किया गया बताया जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

स्थानीय समय शनिवार सुबह 1:30 बजे (शुक्रवार 22:00 GMT) अमेरिकी सेना के निर्देश में चार ऑयल टैंकर आईआरजीसी नेवी की चेतावनियों को नज़रअंदाज़ करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य से निकलने की कोशिश में थे। आईआरजीसी के अनुसार, बार-बार चेतावनी के बाद एक तेल टैंकर को निशाना बनाया गया और बाकी जहाज़ वापस लौट गए।

इसके बाद शनिवार सुबह 2:30 बजे (शुक्रवार 23:00 GMT) अमेरिकी ड्रोन ने केशम द्वीप और सिरिक काउंटी में आईआरजीसी के संचार टावरों पर हमला किया। जवाब में आईआरजीसी के एयरोस्पेस डिवीजन ने अली अल सलेम एयर बेस और यूएस फिफ्थ फ्लीट हेडक्वार्टर पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।

कुवैत की प्रतिक्रिया

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि ये हमले कुवैत की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन हैं। मंत्रालय ने यह भी कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून, यूएन चार्टर और सुरक्षा परिषद संकल्प 2817 का उल्लंघन है।

कुवैत ने स्पष्ट किया कि लगातार हो रहे हमले ऐसे समय में खतरनाक बढ़ोतरी को दर्शाते हैं जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष को टालने की कोशिश में जुटा है। मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों को किसी भी बहाने से उचित नहीं ठहराया जा सकता।

बहरीन की प्रतिक्रिया

बहरीन के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि ईरान के इन हमलों से खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को सीधा खतरा है। बहरीन ने ईरान से हमले तत्काल रोकने, होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी बाधा के पूरी तरह फिर से खोलने और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री नेविगेशन की स्वतंत्रता का सम्मान करने की माँग की।

अमेरिकी सेना का पक्ष

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को ईरान की कुछ रडार साइट्स पर हमला किया था। यह बयान ईरान के दावों के संदर्भ में आया, जिसमें अमेरिकी कार्रवाई को आईआरजीसी के जवाबी हमले की वजह बताया गया।

क्या होगा आगे

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव पहले से ही चरम पर है और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता गहरी हो रही है। कुवैत और बहरीन, दोनों ने मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने की घोषणा की है। आने वाले दिनों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस मुद्दे पर चर्चा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुज़रता है। कुवैत और बहरीन का यूएन चार्टर और सुरक्षा परिषद संकल्प 2817 का हवाला देना संकेत देता है कि वे इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंच पर ले जाने की तैयारी में हैं। लेकिन असली सवाल यह है कि अमेरिका और ईरान के बीच यह 'कार्रवाई-प्रतिकार्रवाई' का चक्र कहाँ जाकर रुकेगा — और क्या खाड़ी के छोटे देश इस भू-राजनीतिक शतरंज में सिर्फ मोहरे बनकर रह जाएँगे।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने कुवैत और बहरीन पर हमला क्यों किया?
आईआरजीसी के अनुसार, यह हमला दक्षिणी ईरान के केशम द्वीप और सिरिक काउंटी में अमेरिकी ड्रोन द्वारा संचार टावरों पर किए गए हमलों का जवाब था। आईआरजीसी ने कुवैत में अली अल सलेम एयर बेस और बहरीन में यूएस फिफ्थ फ्लीट हेडक्वार्टर को निशाना बनाया।
कुवैत और बहरीन ने ईरानी हमलों पर क्या कहा?
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने हमलों को संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन बताया और यूएन चार्टर व सुरक्षा परिषद संकल्प 2817 का हवाला दिया। बहरीन ने ईरान से हमले रोकने और होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने की माँग की।
होर्मुज जलडमरूमध्य का इस संकट में क्या रोल है?
घटनाक्रम की शुरुआत होर्मुज जलडमरूमध्य में हुई जब चार ऑयल टैंकर आईआरजीसी की चेतावनियों को नज़रअंदाज़ कर वहाँ से निकलने की कोशिश कर रहे थे। आईआरजीसी ने एक टैंकर को निशाना बनाया और बहरीन ने ईरान से इस जलमार्ग को बिना किसी बाधा के खोलने की माँग की है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस पर क्या कहा?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर पोस्ट कर पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को ईरान की कुछ रडार साइट्स पर हमला किया था। यह बयान ईरान के उस दावे के जवाब में आया जिसमें अमेरिकी कार्रवाई को जवाबी हमलों की वजह बताया गया।
क्या यह संकट और बढ़ सकता है?
कुवैत और बहरीन ने इसे 'खतरनाक बढ़ोतरी' करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला दिया है, जो संयुक्त राष्ट्र में औपचारिक शिकायत का संकेत हो सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच जारी कार्रवाई-प्रतिकार्रवाई के चक्र को देखते हुए स्थिति के और बिगड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
राष्ट्र प्रेस
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