3 सितंबर 2026
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कुवैत ने ईरानी मिसाइल-ड्रोन हमलों को बताया 'संप्रभुता का खुला उल्लंघन', कड़ी निंदा

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कुवैत ने ईरानी मिसाइल-ड्रोन हमलों को बताया 'संप्रभुता का खुला उल्लंघन', कड़ी निंदा

सारांश

कुवैत ने ईरानी मिसाइल-ड्रोन हमलों को 'संप्रभुता का खुला उल्लंघन' करार दिया है। अमेरिकी बमबारी के जवाब में ईरान ने चार खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 30 अगस्त से अब तक 18 नागरिक मारे गए और 140 से अधिक घायल हुए हैं।

मुख्य बातें

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने 3 सितंबर को ईरान के मिसाइल-ड्रोन हमलों को संप्रभुता का खुला उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया।
अमेरिकी सेना द्वारा हमले फिर से शुरू करने के बाद ईरान ने जॉर्डन, कुवैत, इराक और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए।
ईरानी नौसेना के 6 जवान मारे गए — तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 30 अगस्त से अब तक 18 नागरिक मारे गए और 140 से अधिक घायल, जिनमें महिलाएँ और बच्चे शामिल।
अमेरिकी सेना ने नागरिक हताहतों के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उसने कभी आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया।
कुवैत ने अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखा।

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने 3 सितंबर को ईरान की ओर से किए गए लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा करार दिया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन हैं और क्षेत्र में जारी राजनयिक प्रयासों को व्यवस्थित रूप से कमज़ोर कर रहे हैं।

हमलों का घटनाक्रम

अमेरिकी सेना द्वारा मंगलवार को ईरान के खिलाफ हमले फिर से शुरू करने के बाद, ईरान ने जवाबी कार्रवाई में जॉर्डन, कुवैत, इराक और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे। गुरुवार तड़के हुए इन हमलों ने नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा को सीधे निशाना बनाया, जिसके बाद कुवैत का यह कड़ा बयान सामने आया।

यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और कई देश राजनयिक रास्ते तलाशने की कोशिश कर रहे हैं।

कुवैत का आधिकारिक बयान

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'इन निर्लज्ज हमलों का जारी रहना शत्रुतापूर्ण रवैये को दर्शाता है और यह एक खतरनाक वृद्धि है, जो क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा पैदा करती है।' मंत्रालय ने यह भी कहा कि ये हमले शांति स्थापित करने के लिए चल रहे राजनयिक प्रयासों को व्यवस्थित रूप से कमज़ोर कर रहे हैं।

कुवैत ने अपनी संप्रभुता की रक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपने क्षेत्र तथा महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का पूरा अधिकार सुरक्षित रखने की बात कही।

ईरानी और अमेरिकी नुकसान के दावे

ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में अमेरिकी हमलों में ईरानी नौसेना के 6 जवान मारे गए हैं। इससे पहले ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया था कि 30 अगस्त से दोबारा शुरू हुए अमेरिकी बमबारी अभियान के बाद अब तक 18 ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है और 140 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के मुताबिक मृतकों और घायलों में बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की है।

दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसे इन रिपोर्टों की जानकारी है, लेकिन उसने कभी भी आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया। दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

क्षेत्रीय और राजनयिक असर

गौरतलब है कि खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति लंबे समय से क्षेत्रीय तनाव का केंद्र रही है। कुवैत का यह सख्त बयान संकेत देता है कि छोटे खाड़ी देश अब इस संघर्ष में सीधे प्रभावित हो रहे हैं और अपनी तटस्थता बनाए रखना उनके लिए कठिन होता जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति जारी रही, तो खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के स्तर पर सामूहिक प्रतिक्रिया की माँग तेज़ हो सकती है। आने वाले दिनों में कूटनीतिक हलचल और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो उनके बीच के देश अपनी तटस्थता कब तक बनाए रख सकते हैं। ईरान के नागरिक हताहतों के दावे और अमेरिकी सेना के खंडन के बीच सच्चाई की स्वतंत्र पुष्टि का अभाव इस संकट की सबसे खतरनाक परत है — क्योंकि बिना पारदर्शिता के, दोनों पक्षों के आख्यान केवल तनाव को और गहरा करते हैं।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुवैत ने ईरानी हमलों की निंदा क्यों की?
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों को देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया। मंत्रालय ने कहा कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन हैं और क्षेत्र में शांति के लिए जारी राजनयिक प्रयासों को कमज़ोर करते हैं।
ईरान ने कुवैत और अन्य देशों पर हमले क्यों किए?
अमेरिकी सेना द्वारा मंगलवार को ईरान के खिलाफ हमले फिर से शुरू करने के जवाब में ईरान ने जॉर्डन, कुवैत, इराक और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे। यह अमेरिका-ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव की ताज़ा कड़ी है।
ईरान में अमेरिकी हमलों में कितने लोग मारे गए हैं?
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 30 अगस्त से दोबारा शुरू हुए अमेरिकी बमबारी अभियान में अब तक 18 ईरानी नागरिक मारे गए हैं और 140 से अधिक घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएँ और बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार ईरानी नौसेना के 6 जवान भी मारे गए हैं।
अमेरिकी सेना का नागरिक हताहतों पर क्या कहना है?
अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसे इन रिपोर्टों की जानकारी है, लेकिन उसने कभी भी आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया। दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
इस संघर्ष का खाड़ी क्षेत्र पर क्या असर पड़ रहा है?
कुवैत जैसे छोटे खाड़ी देश सीधे प्रभावित हो रहे हैं क्योंकि उनकी ज़मीन पर मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। यह संघर्ष क्षेत्र में शांति स्थापित करने के राजनयिक प्रयासों को कमज़ोर कर रहा है और खाड़ी सहयोग परिषद के देशों पर सामूहिक प्रतिक्रिया का दबाव बढ़ा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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