NCR स्लीपर बस गैंगरेप: NCW ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से 7 दिन में ATR माँगी, 16 वर्षीय पीड़िता को पूरी सुरक्षा का निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने 3 सितंबर 2026 को नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में चलती स्लीपर बस के भीतर उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की 16 वर्षीय, 11वीं कक्षा की एक छात्रा के साथ कथित तौर पर हुए गैंगरेप का स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार से एक सप्ताह के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट (ATR) माँगी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले पर जवाबदेही और न्याय सुनिश्चित होने तक कड़ी निगरानी रखेगा।
NCW की माँगें और निर्देश
NCW अध्यक्ष विजया रहाटकर ने दिल्ली पुलिस प्रमुख को लिखे पत्र में माँग की है कि ATR में जाँच की मौजूदा स्थिति, फोरेंसिक नतीजे, चार्जशीट की प्रगति और निगरानी के उपायों का पूरा ब्यौरा हो। रहाटकर ने कहा, 'बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। आयोग जवाबदेही और न्याय सुनिश्चित करने के लिए इस मामले पर बारीकी से नज़र रखेगा।'
पत्र में घटनाओं के पूरे क्रम और राज्यों के बीच तय किए गए रास्ते का पता लगाने के लिए त्वरित जाँच और आरोपी से हिरासत में पूछताछ की माँग की गई है। साथ ही, पॉक्सो (POCSO) एवं भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गंभीर गैंगरेप और आपराधिक धमकी सहित सभी लागू प्रावधानों को सख्ती से लागू करने और जहाँ आवश्यक हो वहाँ आरोप और गंभीर करने का निर्देश दिया गया है।
साक्ष्य संरक्षण पर जोर
NCW ने फोरेंसिक, भौतिक और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और उनकी व्यापक जाँच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसमें मेडिकल साक्ष्य, जब्त की गई बस, GPS/टेलीमैटिक्स डेटा, CDR और रास्ते के CCTV फुटेज विशेष रूप से शामिल हैं। आयोग ने पीड़िता और उसके परिवार को कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग और लागू योजनाओं के तहत मुआवज़ा दिलाने का भी निर्देश दिया है।
ठाणे और होशियारपुर के मामलों पर भी संज्ञान
इसी दिन NCW ने दो अन्य गंभीर मामलों पर भी स्वतः संज्ञान लिया। पहला मामला महाराष्ट्र के ठाणे के शाहपुर स्थित एक आदिवासी आश्रम शाला का है, जहाँ एक किचन हेल्पर पर 22 नाबालिग लड़कियों के कथित यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ का आरोप है। रहाटकर ने इस मामले में अधिकारियों को पत्र लिखकर त्वरित जाँच, POCSO व BNS के तहत सख्त कार्रवाई और संस्थागत खामियों की जाँच की माँग की। उन्होंने कहा, 'ऐसी खबरें बेहद चिंताजनक हैं कि आरोपी को पहले 2024 में इसी तरह के अपराध के लिए POCSO के तहत गिरफ्तार किया गया था और बाद में उसे दूसरे संस्थान में तैनात कर दिया गया था।'
दूसरा मामला पंजाब के होशियारपुर का है, जहाँ एक सरकारी स्कूल के 52 वर्षीय हेडमास्टर पर 11 साल की एक लड़की के कथित रेप का आरोप है। रहाटकर ने कहा, 'बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सँभालने वाले एक शिक्षक द्वारा कथित अपराध बेहद परेशान करने वाला है और इसके लिए सबसे सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई होनी चाहिए।' इस मामले में भी सात दिनों के भीतर ATR माँगी गई है।
व्यापक संदर्भ और जवाबदेही
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नाबालिगों के विरुद्ध यौन अपराधों की बढ़ती घटनाएँ गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं। NCW का एक साथ तीन राज्यों — दिल्ली/NCR, महाराष्ट्र और पंजाब — से जुड़े मामलों पर एक ही दिन संज्ञान लेना दर्शाता है कि बाल सुरक्षा तंत्र की व्यापक समीक्षा की ज़रूरत है। तीनों मामलों में आयोग ने पीड़ितों की पहचान की सुरक्षा, तत्काल मेडिकल व मनोवैज्ञानिक सहायता और मुआवज़े की माँग की है। आने वाले दिनों में सभी तीन राज्यों की पुलिस से प्राप्त ATR के आधार पर NCW अगली कार्रवाई तय करेगा।