ग्रेटर नोएडा बस गैंगरेप: NCW अध्यक्ष ने माँगी कड़ी सज़ा, बोलीं — समाज को भी बदलनी होगी मानसिकता
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर ने ग्रेटर नोएडा में एक खाली बस के भीतर 16 वर्षीय नाबालिग के साथ हुए कथित गैंगरेप की कड़ी निंदा की है और माँग की है कि आरोपियों को अधिकतम सज़ा दी जाए। पुलिस के अनुसार यह घटना 4 अगस्त को परी चौक के निकट हुई थी, जिसमें बस के ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया जा चुका है।
NCW अध्यक्ष की माँग और बयान
रहाटकर ने कहा, 'यह बहुत दुखद घटना है और लड़की के साथ जो हुआ, मैं उसकी कड़ी निंदा करती हूँ। सिर्फ यह कहना काफी नहीं है कि वह ठीक नहीं है — आरोपी को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए।' उन्होंने आगे कहा कि पुलिस इस मामले पर काम कर रही है, लेकिन त्वरित और कठोर दंड ज़रूरी है ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल कानून-व्यवस्था पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। 'जब भी कोई गंभीर घटना होती है, तो ऐसे लोगों के खिलाफ मज़बूत सामाजिक दबाव भी होना चाहिए। लोगों को यह साफ कर देना चाहिए कि अगर आप कुछ गलत करते हैं, तो समाज आपके साथ खड़ा नहीं होगा,' — रहाटकर ने कहा।
घटनाक्रम: क्या हुआ था उस रात
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली है। पढ़ाई को लेकर माँ की डाँट के बाद वह परिवार को बताए बिना घर से निकल गई थी और नोएडा के सेक्टर 63 में रहने वाले अपने चचेरे भाई के पास जा रही थी। इसी दौरान परी चौक के पास बस में सवार होने के बाद आरोपियों ने उसके साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। बाद में उन्होंने पीड़िता को दिल्ली के कश्मीरी गेट के पास छोड़ दिया।
आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया कि आरोपी ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को घटना के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों पर पॉक्सो अधिनियम सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पहले से ही गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
सामाजिक जिम्मेदारी पर NCW का ज़ोर
रहाटकर ने कहा कि सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन समाज की सोच में भी बड़ा बदलाव आना ज़रूरी है। 'अगर समाज गलत तरीके से काम करता रहेगा और पूरी तरह से कानून और प्रशासनिक तंत्र पर निर्भर रहेगा, तो हालात कैसे सुधरेंगे? हमें दोनों पहलुओं पर एक साथ काम करने की ज़रूरत है,' — उन्होंने कहा। गौरतलब है कि NCW ऐसे मामलों में राज्य पुलिस से रिपोर्ट तलब करने का अधिकार रखता है।
आगे क्या होगा
मामले की जाँच जारी है और NCW पुलिस की कार्रवाई पर नज़र बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि नाबालिगों से जुड़े यौन अपराधों में अदालतों द्वारा त्वरित सुनवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। पीड़िता को परामर्श और कानूनी सहायता उपलब्ध कराए जाने की प्रक्रिया चल रही है।