स्लीपर बस गैंगरेप पर राहुल गांधी का हमला: 'अमित शाह और योगी की पुलिस जवाबदेही से बचेगी, अपराध पर पर्दा पड़ेगा'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 1 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर में एक 16 वर्षीय छात्रा के साथ स्लीपर बस में हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस की जवाबदेही एक बार फिर तय नहीं होगी और इस अपराध पर भी पर्दा डाल दिया जाएगा।
राहुल गांधी ने एक्स पर क्या लिखा
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'दिल्ली-एनसीआर महिलाओं के लिए इतना असुरक्षित हो गया है कि एक नाबालिग लड़की के साथ ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक 47 किलोमीटर के सफर के दौरान एक स्लीपर बस में गैंगरेप किया गया।' उन्होंने सवाल उठाया कि न दिल्ली पुलिस और न ही नोएडा पुलिस को इसकी भनक लगी, जबकि बस नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दिल्ली की रिंग रोड और सीमा पार करती रही और किसी भी चेकपॉइंट पर उसे नहीं रोका गया।
उन्होंने आगे लिखा कि बस की सीटों पर पर्दे लगे थे ताकि अंदर की गतिविधि छिपी रहे और अपराधियों को प्रशासन का कोई डर नहीं था। गांधी ने निर्भया कांड का संदर्भ देते हुए पूछा कि इतने वर्षों और इतनी घटनाओं के बावजूद ऐसी बसों की चेकिंग और निगरानी के नियमों का पालन क्यों नहीं होता।
सरकार की नाकामी पर सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि वे पर्दे केवल उस एक बस पर नहीं थे — वे सरकार द्वारा प्रशासनिक विफलताओं पर साल-दर-साल डाले गए पर्दों का नतीजा हैं, जिसके कारण महिलाएँ देश की राजधानी में सुरक्षित यात्रा भी नहीं कर पा रहीं। उन्होंने पूछा कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा इस व्यवस्था को सुधारने से पहले और कितनी महिलाओं और लड़कियों को यह सब झेलना पड़ेगा।
उन्होंने सीधे सवाल किया कि क्या केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाली दिल्ली पुलिस या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश पुलिस की कोई जवाबदेही तय होगी — और खुद ही जवाब दिया: 'बिल्कुल नहीं, इस अपराध पर भी बस पर्दा डाल दिया जाएगा।'
घटना का विवरण
यह कथित घटना 4 अगस्त को हुई, जब मैनपुरी, उत्तर प्रदेश की रहने वाली 11वीं कक्षा की 16 वर्षीय छात्रा के साथ कश्मीरी गेट क्षेत्र में एक स्लीपर बस में सामूहिक दुष्कर्म का आरोप है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, छात्रा परिजनों से नाराज होकर बिना बताए घर से निकली थी और नोएडा में रहने वाले अपने चचेरे भाई के पास जा रही थी।
भारी बारिश और अंधेरे के कारण वह कथित तौर पर ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर गलती से उतर गई। वहाँ से गुजर रही एक खाली स्लीपर बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने उसे नोएडा सेक्टर-63 छोड़ने का आश्वासन देकर बस में बैठाया। पुलिस ने इस मामले में बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में महिला सुरक्षा को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। गौरतलब है कि निर्भया कांड के बाद से दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन की निगरानी के लिए कई नियम बने, लेकिन आलोचकों का कहना है कि ज़मीनी स्तर पर क्रियान्वयन अपर्याप्त रहा है। इस मामले में जाँच जारी है और पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।